एमएलसी चुनाव में 'डकैती' हुई, चुनाव आयोग BJP के इशारे पर: सपा सांसद अवधेश प्रसाद
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 24 अक्टूबर को अयोध्या में मीडिया से बात करते हुए उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव में बड़े पैमाने पर बूथ कैप्चरिंग और चुनावी धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का गंभीर इल्ज़ाम लगाते हुए कहा कि यह सब लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। इसके बावजूद उन्होंने दावा किया कि गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर सपा उम्मीदवार तिवारी जी की जीत सुनिश्चित है।
मुख्य आरोप: 'लूट नहीं, डकैती'
अवधेश प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले हुए उपचुनावों में भी इसी तरह की गड़बड़ी देखी गई थी। उन्होंने इस स्थिति को 'लूट' नहीं, बल्कि 'डकैती' करार दिया। सपा सांसद के अनुसार, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को ज्ञापन देकर इन घटनाओं से अवगत कराया था, लेकिन आयोग ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही मामले का संज्ञान लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि एमएलसी चुनाव के दौरान BJP समर्थकों की ओर से झगड़े और टकराव की घटनाएँ हुईं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान पहले से ही ऊँचा है।
चुनाव आयोग पर सीधा हमला
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक तरीके से काम नहीं कर रहा, बल्कि सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया। सपा सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर 'सड़क से लेकर सदन तक' संघर्ष जारी रखेगी।
गौरतलब है कि विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना कोई नई बात नहीं है, लेकिन 'सरकार के इशारे पर काम करने' जैसे सीधे आरोप राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं और इन्हें अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।
PM मोदी के दौरे पर प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि वह बनारस से आए थे और रास्ते में उन्हें प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियों की जानकारी मिली। उन्होंने दौरे का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे प्रदूषित नदियों की सफाई और घाटों को व्यवस्थित करने का काम होगा।
कांग्रेस गठबंधन और जामिया पोस्टर पर रुख
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर 200 सीटों की माँग किए जाने के सवाल पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि उनके सामने कांग्रेस के किसी अधिकृत नेता का ऐसा बयान नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा-कांग्रेस गठबंधन में किसी तरह की दरार की संभावना नहीं है और सीटों के बँटवारे पर कोई समस्या नहीं होगी।
जामिया में लगाए गए पोस्टर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पोस्टर किसने लगाया, उसमें क्या लिखा था और उसके पीछे क्या तथ्य हैं — यह जाँच का विषय है। बिना जाँच के कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
आने वाले दिनों में एमएलसी चुनाव परिणाम और सपा के संघर्ष की दिशा यह तय करेगी कि ये आरोप विपक्षी राजनीति की रणनीति बनते हैं या जन आंदोलन का रूप लेते हैं।