एमएलसी चुनाव में 'डकैती' हुई, चुनाव आयोग BJP के इशारे पर काम कर रहा: सपा सांसद अवधेश प्रसाद
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 24 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव के दौरान व्यापक धांधली का आरोप लगाया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ-साथ चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति महज लूट नहीं, बल्कि 'डकैती' जैसी थी। इसके बावजूद उन्होंने दावा किया कि गोरखपुर-फैजाबाद सीट से सपा के उम्मीदवार तिवारी जी की जीत होगी।
चुनाव में धांधली के आरोप
अवधेश प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले हुए उपचुनावों में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के लोगों की ओर से बूथ कैप्चरिंग, झगड़े और टकराव की घटनाएँ हुईं। सपा सांसद के अनुसार सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को ज्ञापन देकर इन घटनाओं से अवगत कराया था, लेकिन आयोग की ओर से न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही मामले का संज्ञान लिया गया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक तरीके से काम नहीं कर रहा, बल्कि सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। यह आरोप उन्होंने लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए लगाया।
सपा का संघर्ष जारी रहेगा
अवधेश प्रसाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर सपा के उम्मीदवार तिवारी जी को जीत मिलेगी, चाहे BJP ने कितनी भी धांधली क्यों न की हो। गौरतलब है कि यह सीट अयोध्या क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है।
PM मोदी के दौरे पर प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर अवधेश प्रसाद ने कहा कि वे पिछले दिन बनारस से आए थे और एयरपोर्ट से निकलते ही उन्हें जगह-जगह प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियों की जानकारी मिली। उन्होंने PM के दौरे का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इस अवसर पर प्रदूषित नदियों की सफाई और घाटों को व्यवस्थित करने का काम होगा।
सपा-कांग्रेस गठबंधन और अन्य मुद्दे
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से कथित तौर पर 200 सीटों की माँग किए जाने के सवाल पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के किसी अधिकृत नेता का ऐसा बयान उनके सामने नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा और कांग्रेस के गठबंधन में किसी तरह की दरार पड़ने की संभावना नहीं है।
जामिया में लगाए गए पोस्टर को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि पोस्टर किसने लगाया, उसमें क्या लिखा गया और उसके पीछे क्या तथ्य हैं — यह जाँच का विषय है। उन्होंने बिना जाँच के कोई निष्कर्ष देने से परहेज किया।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं और विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर जनमत निर्माण की कोशिश में है। आने वाले दिनों में सपा के इन आरोपों पर BJP और चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया देखने वाली होगी।