चुनाव आयोग न स्वतंत्र, न निष्पक्ष, न ईमानदार — SP सांसद अवधेश प्रसाद का बड़ा हमला
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 9 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में कहा कि भारत का चुनाव आयोग न स्वतंत्र है, न निष्पक्ष है और न ही ईमानदार — बल्कि उन्होंने इसे 'बेईमान' तक करार दिया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब समाजवादी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की माँग को लेकर देशव्यापी आंदोलन चला रही है।
लोकतंत्र पर सवाल
अवधेश प्रसाद ने कहा, 'किसी भी देश में लोकतंत्र कितना मजबूत है, इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस देश का चुनाव आयोग कितना स्वतंत्र, निष्पक्ष और ईमानदार है।' उन्होंने आगे कहा, 'अफसोस है कि हमारे देश का चुनाव आयोग न तो स्वतंत्र है, न निष्पक्ष है और न ही ईमानदार है, बल्कि बेईमान है।' उनके अनुसार डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा नागरिकों को दिए गए मताधिकार को कमज़ोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसे उन्होंने 'दुनिया का सबसे बड़ा अपराध' बताया।
मिल्कीपुर उपचुनाव और वोट चोरी का आरोप
सांसद प्रसाद ने दावा किया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले ही आरोप लगाया था कि मिल्कीपुर उपचुनाव में 'वोटों की चोरी' हुई। उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर को पूरे उत्तर प्रदेश में सपा की ओर से प्रदर्शन किए गए, और 6 अक्टूबर को दिल्ली में भी विरोध-प्रदर्शन हुआ, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया। गौरतलब है कि यह आरोप सत्यापित नहीं हुए हैं और चुनाव आयोग की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सरकार और सीईसी पर निशाना
अवधेश प्रसाद ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन का यह सिलसिला तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से नहीं हटाया जाता। उन्होंने आरोप लगाया, 'सरकार इनका बचाव कर रही है।' साथ ही चेतावनी दी कि 'सरकार से भी इस्तीफे की माँग की नौबत आ सकती है।' भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती
सपा प्रवक्ता आशुतोष शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ने ₹5,000 करोड़ की लागत से राम मंदिर का निर्माण कराया, लेकिन इस प्रक्रिया में अयोध्या के निवासियों को परेशान किया गया और उनकी जमीनें 'गलत तरीके से' ली गईं। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम 2024 लोकसभा चुनाव में सामने आया। शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी कि यदि उन्हें भगवान राम का आशीर्वाद लेना है तो अयोध्या से चुनाव लड़ें, लेकिन साथ ही कहा कि 'सीएम योगी में यह हिम्मत नहीं है, क्योंकि वह भाजपा की पारंपरिक सीट गोरखपुर ग्रामीण से चुनाव लड़ेंगे।'
आम जनता और राजनीतिक असर
अवधेश प्रसाद का यह बयान उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आया है। विपक्ष का एकजुट होना और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना — यह दोनों मिलकर चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। यह देखना होगा कि भाजपा और चुनाव आयोग इन आरोपों का आधिकारिक जवाब किस रूप में देते हैं।