9 अक्टूबर 2026
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चुनाव आयोग न स्वतंत्र, न निष्पक्ष, न ईमानदार — SP सांसद अवधेश प्रसाद का बड़ा हमला

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चुनाव आयोग न स्वतंत्र, न निष्पक्ष, न ईमानदार — SP सांसद अवधेश प्रसाद का बड़ा हमला

सारांश

SP सांसद अवधेश प्रसाद ने चुनाव आयोग को 'बेईमान' करार देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की माँग की। 5 और 6 अक्टूबर को सपा के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के बाद यह बयान यूपी की राजनीति में नई तल्खी का संकेत है।

मुख्य बातें

SP सांसद अवधेश प्रसाद ने 9 अक्टूबर 2026 को भारत के चुनाव आयोग को 'न स्वतंत्र, न निष्पक्ष, न ईमानदार — बल्कि बेईमान' बताया।
सपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की माँग को लेकर 5 अक्टूबर को यूपी में और 6 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन किए।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मिल्कीपुर उपचुनाव में 'वोटों की चोरी' का आरोप लगाया था — यह दावा सत्यापित नहीं है।
सपा प्रवक्ता आशुतोष शर्मा ने सीएम योगी आदित्यनाथ को ₹5,000 करोड़ के राम मंदिर निर्माण का हवाला देते हुए अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी।
अवधेश प्रसाद ने चेतावनी दी कि सरकार से भी इस्तीफे की माँग उठ सकती है यदि सीईसी नहीं हटाए गए।

समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 9 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में कहा कि भारत का चुनाव आयोग न स्वतंत्र है, न निष्पक्ष है और न ही ईमानदार — बल्कि उन्होंने इसे 'बेईमान' तक करार दिया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब समाजवादी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की माँग को लेकर देशव्यापी आंदोलन चला रही है।

लोकतंत्र पर सवाल

अवधेश प्रसाद ने कहा, 'किसी भी देश में लोकतंत्र कितना मजबूत है, इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस देश का चुनाव आयोग कितना स्वतंत्र, निष्पक्ष और ईमानदार है।' उन्होंने आगे कहा, 'अफसोस है कि हमारे देश का चुनाव आयोग न तो स्वतंत्र है, न निष्पक्ष है और न ही ईमानदार है, बल्कि बेईमान है।' उनके अनुसार डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा नागरिकों को दिए गए मताधिकार को कमज़ोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसे उन्होंने 'दुनिया का सबसे बड़ा अपराध' बताया।

मिल्कीपुर उपचुनाव और वोट चोरी का आरोप

सांसद प्रसाद ने दावा किया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले ही आरोप लगाया था कि मिल्कीपुर उपचुनाव में 'वोटों की चोरी' हुई। उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर को पूरे उत्तर प्रदेश में सपा की ओर से प्रदर्शन किए गए, और 6 अक्टूबर को दिल्ली में भी विरोध-प्रदर्शन हुआ, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया। गौरतलब है कि यह आरोप सत्यापित नहीं हुए हैं और चुनाव आयोग की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

सरकार और सीईसी पर निशाना

अवधेश प्रसाद ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन का यह सिलसिला तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से नहीं हटाया जाता। उन्होंने आरोप लगाया, 'सरकार इनका बचाव कर रही है।' साथ ही चेतावनी दी कि 'सरकार से भी इस्तीफे की माँग की नौबत आ सकती है।' भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती

सपा प्रवक्ता आशुतोष शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ने ₹5,000 करोड़ की लागत से राम मंदिर का निर्माण कराया, लेकिन इस प्रक्रिया में अयोध्या के निवासियों को परेशान किया गया और उनकी जमीनें 'गलत तरीके से' ली गईं। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम 2024 लोकसभा चुनाव में सामने आया। शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी कि यदि उन्हें भगवान राम का आशीर्वाद लेना है तो अयोध्या से चुनाव लड़ें, लेकिन साथ ही कहा कि 'सीएम योगी में यह हिम्मत नहीं है, क्योंकि वह भाजपा की पारंपरिक सीट गोरखपुर ग्रामीण से चुनाव लड़ेंगे।'

आम जनता और राजनीतिक असर

अवधेश प्रसाद का यह बयान उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आया है। विपक्ष का एकजुट होना और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना — यह दोनों मिलकर चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। यह देखना होगा कि भाजपा और चुनाव आयोग इन आरोपों का आधिकारिक जवाब किस रूप में देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यूपी 2027 से पहले नैरेटिव की लड़ाई है। मिल्कीपुर जैसे आरोप बिना सत्यापन के जनता के बीच जाते हैं और संस्थाओं में अविश्वास की जड़ें गहरी करते हैं — यह ध्यान देने योग्य है। चुनाव आयोग की चुप्पी इस मामले में उसे और कमज़ोर स्थिति में खड़ा करती है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष के पास इन आरोपों को साबित करने के लिए ठोस साक्ष्य हैं, या यह केवल चुनावी माहौल गर्म करने की रणनीति है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अवधेश प्रसाद ने चुनाव आयोग के बारे में क्या कहा?
SP सांसद अवधेश प्रसाद ने 9 अक्टूबर 2026 को कहा कि भारत का चुनाव आयोग न स्वतंत्र है, न निष्पक्ष है और न ही ईमानदार है, बल्कि 'बेईमान' है। उन्होंने यह भी कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा दिए गए मताधिकार को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
समाजवादी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की माँग क्यों कर रही है?
सपा का आरोप है कि मिल्कीपुर उपचुनाव सहित अन्य चुनावों में धाँधली हुई और चुनाव आयोग पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रहा है। इसी के विरोध में 5 अक्टूबर को यूपी में और 6 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन किए गए।
मिल्कीपुर उपचुनाव विवाद क्या है?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि मिल्कीपुर उपचुनाव में वोटों की चोरी हुई। यह आरोप अभी तक किसी स्वतंत्र जाँच से सत्यापित नहीं हुआ है और चुनाव आयोग ने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सपा ने CM योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती क्यों दी?
सपा प्रवक्ता आशुतोष शर्मा ने कहा कि भाजपा ने ₹5,000 करोड़ की लागत से राम मंदिर बनवाया, लेकिन अयोध्यावासियों की जमीनें 'गलत तरीके से' ली गईं। उनका तर्क है कि इसी का खामियाजा भाजपा को 2024 लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ा, और यदि CM योगी को सच में राम का आशीर्वाद लेना है तो उन्हें अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहिए।
SP के विरोध-प्रदर्शन आगे भी जारी रहेंगे?
अवधेश प्रसाद के अनुसार, विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेंगे जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से नहीं हटाया जाता। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि स्थिति नहीं बदली तो सरकार से इस्तीफे की माँग भी उठ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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