20 सितंबर 2026
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ओवैसी का UP 2027 से पहले गठबंधन ऑफर: 'भाजपा रोकनी है तो हमसे हाथ मिलाओ'

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ओवैसी का UP 2027 से पहले गठबंधन ऑफर: 'भाजपा रोकनी है तो हमसे हाथ मिलाओ'

सारांश

2027 के यूपी चुनाव से पहले ओवैसी ने बड़ा दांव खेला है — BJP को रोकने के नाम पर विपक्ष को गठबंधन का खुला निमंत्रण, अखिलेश पर तीखा पलटवार, और UCC-NRC पर सीधे संवैधानिक सवाल। यह बयान AIMIM की यूपी में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता का संकेत है।

मुख्य बातें

असदुद्दीन ओवैसी ने 20 सितंबर 2026 को लखनऊ में विपक्षी दलों को UP 2027 चुनाव के लिए खुला गठबंधन प्रस्ताव दिया।
ओवैसी ने कहा — 'जो पार्टी BJP को तीसरी बार रोकना चाहती है, वह AIMIM से गठबंधन करे।' अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा — ' 2014 से 2022 तक चार बार टारगेट किया गया, अब जवाब देंगे।' कानपुर में सुबह 5 बजे बुलडोजर से कब्रिस्तान गिराने की घटना पर सरकार से कानूनी आधार माँगा।
UCC के नाम पर अनुच्छेद 25, 26, 29 व 14 को समाप्त करने की कोशिश का विरोध किया।
NRC पर कहा — यह करोड़ों लोगों को प्रक्रिया में लाइन में खड़ा करने का ज़रिया है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 20 सितंबर 2026 को लखनऊ में विपक्षी दलों को खुला गठबंधन प्रस्ताव देते हुए कहा कि जो भी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को तीसरी बार सत्ता में आने से रोकना चाहती है, वह AIMIM के साथ गठबंधन करे। ओवैसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हम गठबंधन के लिए तैयार हैं — अब देखते हैं कि ऐसा होता है या नहीं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूपी में 2027 के चुनाव की राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो रही है।

गठबंधन प्रस्ताव और संगठन की तैयारी

ओवैसी ने बताया कि AIMIM ने अभी तक उत्तर प्रदेश में किसी भी सीट की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन पार्टी का संगठन जिला स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तैयारियाँ जोरों पर हैं। गौरतलब है कि AIMIM ने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी हिस्सा लिया था, लेकिन उसे सीमित सफलता मिली थी। इस बार पार्टी ज़मीनी स्तर पर पहले से ज़्यादा सक्रिय दिख रही है।

अखिलेश यादव पर पलटवार

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर ओवैसी ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, '2014 में टारगेट किया गया, 2017 में टारगेट किया गया, 2019 में टारगेट किया गया, 2022 में टारगेट किया गया — हमें चार बार टारगेट किया गया। हमें बताएं क्या हुआ। अब हम किसी को रोक नहीं पाएंगे। अगर कोई कुछ कहता है तो हम जवाब देंगे। हम किसी का कर्ज चुकाए बिना नहीं छोड़ते।' इस बयान को SP और AIMIM के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान का हिस्सा माना जा रहा है।

कानून-व्यवस्था और बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल

यूपी में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर ओवैसी ने यूपी सरकार को घेरते हुए कहा कि पहले यूपी पुलिस में लाखों खाली पदों को भरा जाए, जो पिछले 11 वर्षों से रिक्त हैं। उन्होंने कानपुर में सुबह 5 बजे बुलडोजर से एक कब्रिस्तान गिराए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि यह कार्रवाई किस कानून के तहत की गई। उन्होंने यह भी कहा कि 'वक्फ बाय यूजर' का कानून अभी लागू है और मस्जिदें गिराना किस तरह का शासन है।

यूसीसी और एनआरसी पर कड़ा विरोध

समान नागरिक संहिता (UCC) पर ओवैसी ने कहा कि इसके नाम पर संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 29 और 14 को समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने तर्क दिया कि बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखित संविधान में जो प्रावधान हैं, उन्हें UCC की आड़ में बदला नहीं जा सकता। उनका कहना था कि हिंदू मैरिज एक्ट, हिंदू डिवोर्स एक्ट और हिंदू सक्सेशन एक्ट को गैर-हिंदुओं पर लागू करना संवैधानिक रूप से संदिग्ध है। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) पर उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि NRC का एकमात्र मकसद करोड़ों लोगों को इस प्रक्रिया में लाइन में खड़ा करना है।

मायावती और कांग्रेस पर टिप्पणी

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती द्वारा ईशान आनंद को नई जिम्मेदारी दिए जाने पर ओवैसी ने कहा कि मायावती इस देश की बहुत बड़ी नेता हैं, जिन्होंने बिना किसी पारिवारिक समर्थन के पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई और कई बार मुख्यमंत्री रहीं — यह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर BJP के आरोपों के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में काबिल लोग हैं जो इसका जवाब देंगे। आगे 2027 के चुनाव में AIMIM की भूमिका और गठबंधन की दिशा क्या होगी, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी व्यावहारिकता संदिग्ध है — SP और BSP दोनों AIMIM के साथ सार्वजनिक रूप से हाथ मिलाने से परहेज़ करते रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि यह गठजोड़ BJP को ध्रुवीकरण का हथियार देगा। ओवैसी का 'चार बार टारगेट' वाला बयान असल में विपक्ष के उस आरोप का जवाब है कि AIMIM वोट काटकर BJP की मदद करती है — इस आरोप का खंडन किए बिना ही वे गठबंधन की पहल कर रहे हैं, जो विरोधाभासी है। UCC और NRC पर उनका संवैधानिक तर्क मज़बूत है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस कानूनी पहलू को नज़रअंदाज़ करके सिर्फ 'गठबंधन नाटक' पर केंद्रित रहती है। असली सवाल यह है: क्या AIMIM 2027 में किंगमेकर बन सकती है, या यह प्रस्ताव महज़ सौदेबाज़ी की शक्ति बढ़ाने का तरीका है?
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओवैसी ने UP 2027 के लिए किसे गठबंधन का ऑफर दिया?
ओवैसी ने किसी एक पार्टी को नहीं, बल्कि सभी विपक्षी दलों को खुला प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि BJP तीसरी बार सत्ता में न आए, वह AIMIM के साथ गठबंधन करे।
AIMIM ने UP 2027 के लिए सीटों की घोषणा की है?
नहीं, ओवैसी के अनुसार AIMIM ने अभी तक उत्तर प्रदेश में किसी सीट की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। पार्टी का संगठन जिला स्तर पर मजबूत किया जा रहा है और तैयारियाँ जोरों पर हैं।
ओवैसी ने अखिलेश यादव पर क्या पलटवार किया?
ओवैसी ने कहा कि AIMIM को 2014, 2017, 2019 और 2022 — चार बार टारगेट किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वे किसी के बयान का जवाब देने से नहीं चूकेंगे और 'किसी का कर्ज़ चुकाए बिना नहीं छोड़ते।'
ओवैसी ने UCC का विरोध किस आधार पर किया?
ओवैसी ने संवैधानिक आधार पर कहा कि UCC के नाम पर अनुच्छेद 25, 26, 29 और 14 को समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि हिंदू मैरिज एक्ट, हिंदू डिवोर्स एक्ट और हिंदू सक्सेशन एक्ट को गैर-हिंदुओं पर लागू करना संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है।
ओवैसी ने NRC पर क्या कहा?
ओवैसी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने NRC लागू करने की बात कही है, और इसका एकमात्र उद्देश्य करोड़ों लोगों को इस प्रक्रिया में लाइन में खड़ा करना है। उन्होंने NRC के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि सूची जारी होने पर कोई भी किसी के बारे में सवाल उठा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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