एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम की टोयोटा में दूसरी जीत, पुरुष टीम ईरान से 0-3 से हारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम ने एशियन गेम्स 2026 के 'ग्रुप-एफ' मुकाबले में 20 सितंबर को टोयोटा के स्काई हॉल में सिंगापुर को रोमांचक संघर्ष के बाद 3-2 से हराकर ग्रुप में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। वहीं, भारतीय पुरुष टीम को उसी दिन ईरान के हाथों 0-3 से हार झेलनी पड़ी।
महिला टीम की शानदार वापसी
मुकाबले की शुरुआत में यशस्विनी घोरपड़े ने सिंगापुर की जियान जेंग को 3-1 से हराकर भारत को बढ़त दिला दी। लेकिन इसके बाद श्रीजा अकुला पाँच गेम के कड़े मुकाबले में मिंग लोय से 2-3 से हार गईं, जिससे स्कोर 1-1 पर बराबर हो गया। फिर झाओ टैन ने दिया चितले को चार गेम में हराकर सिंगापुर को 2-1 की बढ़त दिला दी और भारत दबाव में आ गया।
मुश्किल घड़ी में श्रीजा अकुला ने उल्लेखनीय वापसी की — पहला गेम 6-11 से हारने के बाद अगले तीन गेम 11-3, 11-7, 11-4 से जीतकर मैच 3-1 से अपने नाम किया और स्कोर 2-2 पर बराबर कर दिया।
निर्णायक पाँचवें मुकाबले में यशस्विनी घोरपड़े एक बार फिर मैदान में उतरीं। पहला गेम 5-11 से हारने के बाद उन्होंने अगले दो गेम 11-8, 12-10 से जीते, लेकिन चौथा गेम 4-11 से गँवा दिया। पाँचवाँ और आखिरी गेम बेहद कड़ा रहा, मगर यशस्विनी ने संयम बनाए रखते हुए 11-9 से जीत हासिल की और भारत को 3-2 से ऐतिहासिक जीत दिलाई।
ग्रुप-एफ में भारत की स्थिति
इस जीत से पहले, भारतीय महिला टीम ने ग्रुप के शुरुआती मुकाबले में इंडोनेशिया को 3-0 से पराजित किया था। दो जीत के बाद भारत तीन मुकाबलों में चार अंकों के साथ 'ग्रुप-एफ' में शीर्ष पर है। सोमवार को ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले में भारत का सामना पाकिस्तान से होगा।
पुरुष टीम का उतार-चढ़ाव
भारतीय पुरुष टीम ने भी ग्रुप के पहले मुकाबले में इंडोनेशिया को 3-0 से हराया था। उस मैच में साथियान ज्ञानसेकरन ने मुहम्मद नेगारा को 3-0 से, मानव ठक्कर ने मुहम्मद जुनिंद्रा को 3-2 से और मानुष शाह ने अफ्फान प्रतामा को 3-0 से हराया।
हालाँकि, ईरान के खिलाफ दूसरे मुकाबले में पुरुष टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। मानुष शाह, मानव ठक्कर और हरमीत देसाई तीनों ही अपने-अपने एकल मुकाबले हार गए, जिससे भारत को 0-3 की करारी हार मिली।
आगे क्या होगा
महिला टीम का सोमवार को पाकिस्तान से होने वाला ग्रुप अंतिम मुकाबला महत्वपूर्ण होगा क्योंकि टीम ग्रुप शीर्ष पर अपनी स्थिति और बेहतर करने की कोशिश करेगी। पुरुष टीम के लिए ग्रुप चरण के बाकी मुकाबले नॉकआउट पहुँचने की दृष्टि से अहम होंगे। श्रीजा अकुला और यशस्विनी घोरपड़े की जोड़ी की दबाव में की गई वापसी भारतीय महिला टेबल टेनिस के बढ़ते आत्मविश्वास की गवाही देती है।