आईटीटीएफ विश्व कप 2026: भारतीय खिलाड़ियों की निराशाजनक शुरुआत, मनिका और मानव को मिली हार
सारांश
Key Takeaways
- मनिका बत्रा और मानव ठक्कर की निराशाजनक शुरुआत
- अगले मैच में चुनौतीपूर्ण प्रतिद्वंदियों का सामना
- टूर्नामेंट का आयोजन 30 मार्च से 5 अप्रैल तक
- 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार पूल
- भारतीय खिलाड़ियों का पदक ना जीतने का इतिहास
मोनाको, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस) भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने आईटीटीएफ विश्व कप 2026 में निराशाजनक शुरुआत की। मनिका बत्रा और मानव ठक्कर दोनों ने सोमवार को अपने प्रारंभिक ग्रुप मैच में हार का सामना किया।
विश्व रैंकिंग में 47वें स्थान पर मौजूद मनिका बत्रा ने महिला एकल के ग्रुप 4 में जापान की मिवा हारिमोटो से 3-0 (18-16, 11-4, 11-6) से हार गईं, वहीं एशियाई खेलों के पदक विजेता मानव ठक्कर को दक्षिण कोरिया के पार्क गैंग-ह्योन के खिलाफ 3-0 (11-7, 11-6, 11-8) से हार का सामना करना पड़ा।
मनिका बत्रा का सामना मंगलवार को अपने अंतिम ग्रुप मैच में अमेरिका की ओलंपियन लिली झांग (रैंक 42) से होगा। दूसरी ओर, मानव को अपने अंतिम ग्रुप मैच में स्वीडन के विश्व नंबर 2 और ओलंपिक रजत पदक विजेता ट्रल्स मोरेगार्ड के खिलाफ एक कठिन चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
यह प्रतियोगिता स्टेज 1 के ग्रुप मैचों के लिए 'बेस्ट-ऑफ-फाइव' गेम के नियम के तहत आयोजित हो रही है, जो पिछले संस्करणों की तुलना में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। 48 खिलाड़ियों को तीन-तीन के 16 ग्रुपों में विभाजित किया गया है, जिनमें से 16 ग्रुप विजेता स्टेज 2 के नॉकआउट ड्रॉ में प्रगति करेंगे। यहाँ मैच 'बेस्ट-ऑफ-सेवन' गेम के रूप में खेले जाते हैं, जहां खिलाड़ी ऐतिहासिक इवांस और हैमरलुंड कप के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
विश्व नंबर 44 श्रीजा अकुला भी अपने अभियान की शुरुआत एक कड़ी चुनौती के साथ करेंगी, जिसमें उनका सामना चीन की ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और विश्व नंबर 2 वांग मान्यु से होगा।
अब तक किसी भी भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी ने आईटीटीएफ विश्व कप में कोई पदक नहीं जीता है। मनिका बत्रा और श्रीजा अकुला ने 2025 के संस्करण में भाग लिया था, लेकिन वे ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई थीं।
इस टूर्नामेंट का आयोजन 30 मार्च से 5 अप्रैल तक हो रहा है, जिसमें दुनिया के बेहतरीन टेबल टेनिस खिलाड़ी 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर के पुरस्कार पूल के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।