योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में भरा डिजिटल स्वगणना फॉर्म, 21 मई तक भागीदारी की अपील

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योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में भरा डिजिटल स्वगणना फॉर्म, 21 मई तक भागीदारी की अपील

सारांश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर से जनगणना-2027 का डिजिटल स्वगणना फॉर्म स्वयं भरकर प्रदेश को संदेश दिया — यह महज़ आंकड़ों की गिनती नहीं, विकास की नींव है। 21 मई तक चलने वाली इस प्रक्रिया के बाद 22 मई से गृह सूचीकरण शुरू होगा।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 मई 2026 को गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में जनगणना-2027 का डिजिटल स्वगणना प्रपत्र स्वयं भरा।
स्वगणना की अंतिम तिथि 21 मई 2026 है; इसके बाद 22 मई से औपचारिक गृह सूचीकरण शुरू होगा।
यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है, जिसका शुभारंभ 7 मई 2026 को लखनऊ से किया गया था।
नागरिक जनगणना पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन व्यक्तिगत और पारिवारिक विवरण स्वयं दर्ज कर सकते हैं।
सरकार ने डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों के पालन का आश्वासन दिया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 मई 2026 को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में अपने आवास पर जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत डिजिटल स्वगणना (सेल्फ एनुमेरेशन) का ऑनलाइन प्रपत्र स्वयं भरा। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की जनता से 21 मई 2026 तक चलने वाली इस प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने स्वयं भरा ऑनलाइन प्रपत्र

मुख्यमंत्री योगी ने शनिवार को गोरखपुर प्रवास के दौरान स्वगणना पोर्टल पर जाकर अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी के सभी कॉलम पूर्ण किए। उन्होंने इसे राष्ट्रीय कर्तव्य बताते हुए कहा कि यह देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना है। इस पहल का मूल उद्देश्य 'हमारी जनगणना-हमारा विकास' की भावना के साथ सटीक आंकड़े जुटाकर कल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करना है।

एक्स पर साझा किया संदेश

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी ने लिखा, 'आज श्री गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में जनगणना-2027 के अंतर्गत डिजिटल माध्यम से स्व-गणना की प्रक्रिया पूर्ण कर इस राष्ट्रीय अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर गौरवान्वित हूं। यह जनगणना सिर्फ जनसंख्या की गणना भर नहीं है बल्कि समग्र, समावेशी और सुनियोजित विकास का सशक्त आधार भी है। सभी प्रदेश वासियों से अपील है कि वे डिजिटल स्व-गणना के माध्यम से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।'

अभियान का पृष्ठभूमि और शुभारंभ

गौरतलब है कि 7 मई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से डिजिटल जनगणना के पहले चरण — स्वगणना — का औपचारिक शुभारंभ किया था। इस पहल के तहत नागरिक जनगणना पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अपना और अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में डिजिटल शासन को जन-सहभागिता से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

डेटा सुरक्षा और आगे की प्रक्रिया

अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल तंत्र का उद्देश्य डेटा संग्रह में तेजी लाना, सटीकता सुनिश्चित करना और मानवीय त्रुटियों को कम करना है। राज्य सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि स्वगणना चरण के दौरान डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। 21 मई तक चलने वाली स्वगणना प्रक्रिया के बाद 22 मई 2026 से औपचारिक गृह सूचीकरण कार्य आरंभ होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो जन-सहभागिता बढ़ाने में कारगर मानी जाती है। लेकिन असली चुनौती उन करोड़ों नागरिकों तक पहुँचना है जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की पहुँच सीमित है — विशेषकर ग्रामीण उत्तर प्रदेश में। डिजिटल जनगणना की सफलता इस डिजिटल विभाजन को पाटने की क्षमता पर निर्भर करेगी, जिस पर अभी तक सरकार की ओर से ठोस रोडमैप सामने नहीं आया है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिजिटल स्वगणना क्या है और इसे कैसे भरें?
डिजिटल स्वगणना जनगणना-2027 का पहला चरण है, जिसमें नागरिक सरकारी जनगणना पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन अपना और परिवार का विवरण स्वयं दर्ज कर सकते हैं। इसकी अंतिम तिथि 21 मई 2026 है।
योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल स्वगणना फॉर्म कहाँ और कब भरा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 मई 2026 को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में अपने आवास पर यह फॉर्म ऑनलाइन भरा। उन्होंने इसे राष्ट्रीय कर्तव्य बताते हुए प्रदेशवासियों से भी भागीदारी की अपील की।
डिजिटल स्वगणना की अंतिम तिथि क्या है और इसके बाद क्या होगा?
स्वगणना की अंतिम तिथि 21 मई 2026 है। इसके बाद 22 मई 2026 से औपचारिक गृह सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) का कार्य आरंभ होगा।
क्या डिजिटल जनगणना में डेटा सुरक्षित रहेगा?
राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि स्वगणना चरण के दौरान डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार यह डिजिटल तंत्र डेटा संग्रह में सटीकता और गति सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है।
जनगणना-2027 के डिजिटल स्वगणना अभियान की शुरुआत कब और कहाँ हुई?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 मई 2026 को लखनऊ से इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया था। यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है, जिसका उद्देश्य 'हमारी जनगणना-हमारा विकास' की भावना से सटीक आंकड़े जुटाना है।
राष्ट्र प्रेस
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