गुजरात में जनगणना 2027: 17 मई से स्व-गणना पोर्टल शुरू, जून में 1.09 लाख कर्मी करेंगे घर-घर सर्वेक्षण
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात में जनगणना 2027 की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। गुजरात जनगणना संचालन निदेशालय ने 12 मई 2026 को गांधीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि राज्य के नागरिक 17 से 31 मई तक एक विशेष स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपने घरों, घरेलू सुविधाओं और संपत्तियों का विवरण स्वेच्छा से दर्ज कर सकेंगे। यह राष्ट्रीय जनगणना के इतिहास में पहली बार है जब इस प्रकार की डिजिटल भागीदारी प्रणाली लागू की जा रही है।
स्व-गणना अभियान: क्या है प्रक्रिया
जनगणना संचालन निदेशक सुजल मायात्रा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य डिजिटल शासन उपायों के ज़रिए जन भागीदारी बढ़ाना और डेटा संग्रह की गति व सटीकता में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि स्व-गणना पोर्टल पर प्रत्येक नागरिक सक्रिय रूप से भाग लेकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकता है। मायात्रा ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इसका अधिकतम उपयोग करें, जिससे बेहतर और त्वरित आँकड़े प्राप्त किए जा सकें।
जून में घर-घर सर्वेक्षण: एचएलओ अभियान
स्व-गणना के बाद 1 जून से 30 जून तक राज्यव्यापी गृह सूचीकरण अभियान (HLO) चलाया जाएगा। इस अभियान में जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे और जनगणना क्षेत्र कार्य के लिए विकसित एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे। इस पहले चरण में घरों की गिनती और आवास संबंधी आँकड़े जुटाने पर ध्यान केंद्रित रहेगा, जबकि जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में अलग से की जाएगी।
गुजरात की जनगणना संरचना: मुख्य आँकड़े
प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, गुजरात में 34 जिले, 268 तालुका, 18,117 गाँव, 197 कस्बे और 17 नगर निगम हैं। जनगणना के लिए राज्य ने 51 प्रधान जनगणना कार्यालय (PCO), 624 प्रभार और 1,10,598 गृह सूचीकरण ब्लॉक (HLB) तैयार किए हैं। इस विशाल अभियान के लिए 1,09,038 जनगणनाकर्मियों को तैनात किया जाएगा, साथ ही 11,169 कर्मचारियों का एक आरक्षित दल भी रखा जाएगा।
पर्यवेक्षण और प्रशिक्षण व्यवस्था
मायात्रा के अनुसार, 18,254 पर्यवेक्षकों और 2,187 अतिरिक्त आरक्षित पर्यवेक्षकों की भी नियुक्ति की गई है। प्रत्येक जनगणनाकर्मी से 30 दिनों की फील्ड ऑपरेशन अवधि के दौरान लगभग 700 से 800 व्यक्तियों से संबंधित डेटा एकत्र करने की अपेक्षा की जाएगी। जनगणना कर्मचारियों के लिए गहन प्रशिक्षण सत्र पहले से चल रहे हैं और ये दो सप्ताह तक जारी रहेंगे, ताकि कर्मचारी डिजिटल प्रणालियों और प्रक्रियाओं से भलीभाँति परिचित हो सकें।
गौरतलब है कि COVID-19 महामारी के कारण वर्ष 2021 की जनगणना स्थगित हो गई थी, जिसके बाद जनगणना 2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना बनने की ओर अग्रसर है। यह अभियान डेटा संग्रह में नागरिक भागीदारी का एक नया अध्याय लिखेगा।