राहुल गांधी आइडेंटिटी क्राइसिस के शिकार, नेता हैं या कॉमेडियन तय करें: BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी 'आइडेंटिटी क्राइसिस' से जूझ रहे हैं और उन्हें यह तय करना होगा कि वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LOP) हैं, राजनेता हैं, या स्टैंडअप कॉमेडियन।
मुख्य आरोप और प्रतिक्रिया
सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी ने पिछले माह संदीप दीक्षित के साथ जो 'अभद्र तमाशा' किया था, वही इंदौर में छात्रों के 'गूंज' कार्यक्रम के दौरान भी देखने को मिला। उन्होंने कहा कि उसी कार्यक्रम में एक कॉमेडियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माताजी के बारे में 'ओछी बात' कही, जो राजनीति से बिल्कुल परे थीं।
BJP प्रवक्ता ने सवाल उठाया, 'यह कहाँ की मानसिकता है? आप राजनीति से कोई संबंध न रखने वाली एक माँ का मज़ाक उड़ा रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि संदीप दीक्षित ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के संदर्भ में जो बयान दिया था, वह भी जनता के सामने है।
2019 का संसदीय प्रसंग
तुहिन सिन्हा ने 2019 का एक उदाहरण देते हुए कहा कि जब तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में राफेल मुद्दे पर बोल रही थीं, तब राहुल गांधी पूरी चर्चा के दौरान कागज़ के विमान उड़ाते रहे। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी में थोड़ी भी गंभीरता नहीं है। राहुल गांधी जैसा पाखंडी देश ने नहीं देखा।'
SIR और DUSU चुनाव पर BJP का पक्ष
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर किए गए पोस्ट का जवाब देते हुए सिन्हा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव परिणाम कांग्रेस को स्पष्ट संदेश है कि नकारात्मकता और भ्रम फैलाने की राजनीति अब नहीं चलेगी। उन्होंने तर्क दिया कि SIR प्रक्रिया को सर्वोच्च न्यायालय की स्वीकृति प्राप्त है और कहीं भी इसे असंवैधानिक नहीं ठहराया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि जो मतदाता मर चुके हैं, जिनका तबादला हो चुका है या जो दूसरी जगह स्थानांतरित हो गए हैं — उन्हें वोटर लिस्ट में बनाए रखने पर कांग्रेस क्यों ज़ोर दे रही है।
BJP की चेतावनी
सिन्हा ने कहा कि यदि कांग्रेस इसी तरह नकारात्मकता फैलाती रही, तो पूरे देश में वही हाल होगा जो DUSU चुनाव में NSUI का हुआ। उन्होंने आह्वान किया कि संवैधानिक प्रक्रियाओं का हर वह व्यक्ति समर्थन करे, जो अवैध मतदाताओं को वोटर लिस्ट में नहीं देखना चाहता। यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस और BJP के बीच चुनावी मुद्दों को लेकर तनातनी तेज़ है।