विजयदशमी 2026: CM धामी और LG सिन्हा ने प्रदेशवासियों को दीं हार्दिक शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विजयदशमी 2026 की पूर्व संध्या पर अपने-अपने प्रदेशों के निवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी हैं। देशभर में यह पर्व मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को धूमधाम से मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी का संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड वासियों के नाम जारी अपने संदेश में कहा कि विजयदशमी का यह पर्व अधर्म पर धर्म, बुराई पर अच्छाई तथा असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर की बुराइयों को त्यागकर सदाचार की राह पर चलने की प्रेरणा देता है।
धामी ने अपील की कि आज सबसे अधिक आवश्यकता इस बात की है कि हम अहंकार से मुक्त होकर सच्चाई का मार्ग अपनाएं और प्रदेश व देश की सामाजिक समरसता के लिए मिलकर कार्य करें। उन्होंने यह भी कहा कि यह पावन पर्व इस बात का स्मरण कराता है कि सच्चाई का साथ देने वालों की सदा विजय होती है।
भगवान श्रीराम की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रार्थना की कि इस मंगल पर्व पर प्रभु श्रीराम की कृपा से सबका कल्याण हो और हर घर में सुख-समृद्धि एवं खुशहाली आए।
उपराज्यपाल सिन्हा का संदेश
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विजयदशमी की पूर्व संध्या पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा, 'विजयदशमी के शुभ अवसर पर मैं सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।'
सिन्हा ने अपने संदेश में कहा कि विजयदशमी का यह पर्व, जो देश के विभिन्न भागों में दशहरा और दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाता है, बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन को इन शाश्वत गुणों का प्रतीक बताया और कहा कि यह जीवन हम सभी को सदाचारी मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
पर्व का महत्व
गौरतलब है कि विजयदशमी भारत के प्रमुख सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्वों में से एक है, जो उत्तर भारत में दशहरा और पूर्वी भारत में दुर्गा पूजा के रूप में व्यापक रूप से मनाया जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।
उपराज्यपाल सिन्हा ने उम्मीद जताई कि यह विजयदशमी, दशहरा और दुर्गा पूजा का यह उत्सव सभी के लिए शांति, सुख और समृद्धि लेकर आए। दोनों नेताओं के संदेश ऐसे समय में आए हैं जब जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड समेत पूरे देश में पर्व की तैयारियां अपने चरम पर हैं।