20 अक्टूबर 2026
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विजयादशमी 2026: विजय सिन्हा, चन्नी, कटारिया समेत नेताओं ने दिया धर्म की जीत का संदेश

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विजयादशमी 2026: विजय सिन्हा, चन्नी, कटारिया समेत नेताओं ने दिया धर्म की जीत का संदेश

सारांश

विजयादशमी 2026 पर राजनीतिक दलों की सीमाएं लाँघकर नेताओं ने धर्म और सत्य की जीत का एकजुट संदेश दिया। दिल्ली में केशव रामलीला समिति का कॉकरोच पुतला दहन इस बार महज परंपरा नहीं रहा — यह एक राजनीतिक विवाद की चिंगारी बन गया।

मुख्य बातें

विजयादशमी 2026 पर विजय सिन्हा , चरणजीत सिंह चन्नी , जोगाराम पटेल , गुलाब चंद कटारिया और रविंदर रैना ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
सभी नेताओं ने दशहरे को अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अमृतसर में दशहरा कार्यक्रम में भाग लिया।
केशव रामलीला समिति ने नई दिल्ली में इस वर्ष गंदगी के प्रतीक के रूप में कॉकरोच के पुतले का दहन किया।
समिति पिछले 15 वर्षों से आतंकवाद, प्रदूषण, भ्रष्टाचार जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रतीक पुतले जलाती आई है।
पुतला दहन को लेकर AAP नेता सौरभ भारद्वाज की प्रतिक्रिया पर राजनीतिक विवाद उभरा।

विजयादशमी के पावन पर्व पर 20 अक्टूबर 2026 को देशभर के नेताओं ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। बिहार के मंत्री विजय सिन्हा, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, मंत्री जोगाराम पटेल, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रविंदर रैना ने देशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए एकता और सत्य की जीत का आह्वान किया। वहीं, नई दिल्ली में केशव रामलीला समिति द्वारा इस वर्ष गंदगी के प्रतीक के रूप में कॉकरोच के पुतले के दहन को लेकर राजनीतिक विवाद भी उभरा।

नेताओं के संदेश: मुख्य घटनाक्रम

बिहार के मंत्री विजय सिन्हा ने अपने संदेश में कहा कि 'अधर्म पर धर्म की विजय, आसक्ति के अंत और अहंकार के नाश का प्रतीक है।' उन्होंने कहा कि दैवीय शक्तियाँ हमेशा अहंकार, लोभ और आसक्ति पर विजय प्राप्त करती हैं और भगवान राम का संघर्ष समस्त भारतवंशियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अमृतसर में दशहरा कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने कहा कि दशहरा 'बुराई पर अच्छाई और झूठ पर सच्चाई की जीत का प्रतीक है' और सभी पंजाबियों व देशभर के नागरिकों को हार्दिक बधाई दी।

मंत्री और राज्यपाल का आह्वान

मंत्री जोगाराम पटेल ने विजयादशमी को हिंदू संस्कृति और राष्ट्र के लिए 'ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण' पर्व बताते हुए कहा कि यह त्योहार समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, अहंकार और हर प्रकार की बुराई को समाप्त करने का संकल्प दिलाता है।

पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने रावण दहन को 'झूठ पर सत्य और अन्याय पर न्याय की जीत' का प्रतीक बताया। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने भीतर के 'रावण' — यानी अवगुणों और अहंकार — पर विजय पाने का प्रयास करें, तभी यह पर्व सार्थक होगा।

BJP नेता रविंदर रैना का संदेश

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रविंदर रैना ने कहा कि विजयादशमी हमें यह याद दिलाती है कि 'चाहे कोई पापी या अधर्मी कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसका अंत हमेशा बुरा ही होता है।' उन्होंने कहा कि सत्य, अच्छाई और धर्म की सदैव जीत होती है।

कॉकरोच के पुतले पर सियासत

नई दिल्ली में केशव रामलीला समिति के प्रतिनिधि अशोक गोयल देवराहा ने बताया कि समिति 15 वर्षों से निरंतर इस आयोजन का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में आतंकवाद, नक्सलवाद, प्रदूषण, भ्रष्टाचार और कोरोना जैसी समस्याओं के प्रतीक पुतले जलाए गए हैं। इस वर्ष गंदगी के प्रतीक के रूप में कॉकरोच के पुतले का दहन किया गया।

इस आयोजन पर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज की प्रतिक्रिया को लेकर देवराहा ने कहा कि वे 'पूरी तरह हताश और निराश' हैं और उनके बयान 'मानसिक दिवालियापन' को दर्शाते हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं से आग्रह किया कि वे गंदगी उन्मूलन में सहयोग करें।

क्या होगा आगे

यह पर्व हर वर्ष राष्ट्रीय एकता और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जन-जागरण का अवसर बनता है। राजनीतिक दलों के परे जाकर नेताओं का एक साझा संदेश देना इस पर्व की व्यापक सामाजिक स्वीकार्यता को रेखांकित करता है। आने वाले दिनों में दिल्ली के पुतला दहन विवाद को लेकर AAP और आयोजकों के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मगर जब उसी पुतले पर विपक्षी नेता की 'मानसिक दिवालियापन' से तुलना होने लगे, तो सीमारेखा धुंधली हो जाती है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि इस तरह के आयोजन जनता में भ्रष्टाचार और गंदगी जैसे वास्तविक मुद्दों को उठाने का दुर्लभ अवसर देते हैं — बशर्ते वे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का शिकार न हो जाएं।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजयादशमी 2026 पर किन प्रमुख नेताओं ने शुभकामनाएं दीं?
20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी पर बिहार के मंत्री विजय सिन्हा, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, मंत्री जोगाराम पटेल, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और BJP नेता रविंदर रैना ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सभी ने दशहरे को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया।
दिल्ली में कॉकरोच के पुतले का दहन क्यों किया गया?
केशव रामलीला समिति ने इस वर्ष गंदगी को एक प्रमुख सामाजिक समस्या मानते हुए उसके प्रतीक के रूप में कॉकरोच के पुतले का दहन किया। समिति पिछले 15 वर्षों से आतंकवाद, नक्सलवाद, प्रदूषण, भ्रष्टाचार और कोरोना जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रतीक पुतले जलाती रही है।
कॉकरोच पुतला दहन पर राजनीतिक विवाद क्यों हुआ?
केशव रामलीला समिति के प्रतिनिधि अशोक गोयल देवराहा ने AAP नेता सौरभ भारद्वाज की प्रतिक्रिया को 'हताशा और मानसिक दिवालियापन' का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता जनता के मुद्दों से कट चुके हैं और गंदगी उन्मूलन जैसे कार्यों में सहयोग करना चाहिए।
चरणजीत सिंह चन्नी ने दशहरे पर क्या संदेश दिया?
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अमृतसर में दशहरा कार्यक्रम में शिरकत की और कहा कि 'दशहरा बुराई पर अच्छाई और झूठ पर सच्चाई की जीत का प्रतीक है।' उन्होंने सभी पंजाबियों व देशभर के नागरिकों को हार्दिक बधाई दी।
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विजयादशमी पर क्या कहा?
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने रावण दहन को झूठ पर सत्य और अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक बताया। उन्होंने नागरिकों से अपने भीतर के अवगुणों और अहंकार पर विजय पाने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस
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