विजयादशमी 2026: विजय सिन्हा, चन्नी, कटारिया समेत नेताओं ने दिया धर्म की जीत का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
विजयादशमी के पावन पर्व पर 20 अक्टूबर 2026 को देशभर के नेताओं ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। बिहार के मंत्री विजय सिन्हा, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, मंत्री जोगाराम पटेल, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रविंदर रैना ने देशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए एकता और सत्य की जीत का आह्वान किया। वहीं, नई दिल्ली में केशव रामलीला समिति द्वारा इस वर्ष गंदगी के प्रतीक के रूप में कॉकरोच के पुतले के दहन को लेकर राजनीतिक विवाद भी उभरा।
नेताओं के संदेश: मुख्य घटनाक्रम
बिहार के मंत्री विजय सिन्हा ने अपने संदेश में कहा कि 'अधर्म पर धर्म की विजय, आसक्ति के अंत और अहंकार के नाश का प्रतीक है।' उन्होंने कहा कि दैवीय शक्तियाँ हमेशा अहंकार, लोभ और आसक्ति पर विजय प्राप्त करती हैं और भगवान राम का संघर्ष समस्त भारतवंशियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अमृतसर में दशहरा कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने कहा कि दशहरा 'बुराई पर अच्छाई और झूठ पर सच्चाई की जीत का प्रतीक है' और सभी पंजाबियों व देशभर के नागरिकों को हार्दिक बधाई दी।
मंत्री और राज्यपाल का आह्वान
मंत्री जोगाराम पटेल ने विजयादशमी को हिंदू संस्कृति और राष्ट्र के लिए 'ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण' पर्व बताते हुए कहा कि यह त्योहार समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, अहंकार और हर प्रकार की बुराई को समाप्त करने का संकल्प दिलाता है।
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने रावण दहन को 'झूठ पर सत्य और अन्याय पर न्याय की जीत' का प्रतीक बताया। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने भीतर के 'रावण' — यानी अवगुणों और अहंकार — पर विजय पाने का प्रयास करें, तभी यह पर्व सार्थक होगा।
BJP नेता रविंदर रैना का संदेश
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रविंदर रैना ने कहा कि विजयादशमी हमें यह याद दिलाती है कि 'चाहे कोई पापी या अधर्मी कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसका अंत हमेशा बुरा ही होता है।' उन्होंने कहा कि सत्य, अच्छाई और धर्म की सदैव जीत होती है।
कॉकरोच के पुतले पर सियासत
नई दिल्ली में केशव रामलीला समिति के प्रतिनिधि अशोक गोयल देवराहा ने बताया कि समिति 15 वर्षों से निरंतर इस आयोजन का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में आतंकवाद, नक्सलवाद, प्रदूषण, भ्रष्टाचार और कोरोना जैसी समस्याओं के प्रतीक पुतले जलाए गए हैं। इस वर्ष गंदगी के प्रतीक के रूप में कॉकरोच के पुतले का दहन किया गया।
इस आयोजन पर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज की प्रतिक्रिया को लेकर देवराहा ने कहा कि वे 'पूरी तरह हताश और निराश' हैं और उनके बयान 'मानसिक दिवालियापन' को दर्शाते हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं से आग्रह किया कि वे गंदगी उन्मूलन में सहयोग करें।
क्या होगा आगे
यह पर्व हर वर्ष राष्ट्रीय एकता और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जन-जागरण का अवसर बनता है। राजनीतिक दलों के परे जाकर नेताओं का एक साझा संदेश देना इस पर्व की व्यापक सामाजिक स्वीकार्यता को रेखांकित करता है। आने वाले दिनों में दिल्ली के पुतला दहन विवाद को लेकर AAP और आयोजकों के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी जारी रहने की संभावना है।