दशहरे पर कॉकरोच का पुतला जला, कपिल मिश्रा बोले — 'दर्द दीमकों को हो रहा है'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली में विजयादशमी, 20 अक्टूबर 2026 के अवसर पर आयोजित दशहरा समारोह में रावण के पुतले के साथ कॉकरोच का पुतला भी जलाया गया, जिस पर मंत्री कपिल मिश्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। मिश्रा ने कहा कि कॉकरोच का पुतला जलाया गया, लेकिन दर्द दीमकों को हो रहा है। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी।
मिश्रा का बयान और प्रतीकात्मक संदेश
कपिल मिश्रा ने कॉकरोच के पुतले को अराजकता, नक्सलवाद, जिहादियों और भ्रष्टाचार के गठबंधन का प्रतीक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग लोकतंत्र, जनादेश और संविधान के खिलाफ साजिश रचने की मानसिकता रखते हैं। मिश्रा ने कहा कि ऐसे तत्व भारत में फ्रांस जैसी स्थिति पैदा करने, सड़कों पर दुकानें बंद कराने और आगजनी जैसी घटनाओं के ज़रिए माहौल बनाने का सपना देखते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में ऐसे सपने देखने वाले अनेक लोग आए और गए, लेकिन जनता ने बार-बार ऐसी साजिशों को नाकाम किया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब नई दिल्ली में दशहरे की धूम के बीच विभिन्न राजनीतिक संदेशों की होड़ मची थी।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का संदेश
लखनऊ में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विजयादशमी पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का पर्व है, जिसे सनातन संस्कृति में सदियों से मनाया जाता रहा है।
पाठक ने लोगों से अपील की कि सनातन संस्कृति के विरोध में बोलने वाले और केवल दिखावा करने वाले लोगों को पहचानें। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों का अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश को और मज़बूत बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
स्मृति ईरानी का रामलीला में संबोधन
नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने रामलीला के आयोजन में परिवारों के साथ उपस्थित लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यहाँ केवल भगवान श्रीराम के भक्त नहीं, बल्कि भारत को सर्वोपरि मानने वाले लोग भी एकत्रित हैं।
ईरानी ने भारतीय मूल्यों और देश की संस्कृति को सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन-मूल्य लोगों को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि सभी परिवार खुशहाल, स्वस्थ और समृद्ध रहें।
आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि दशहरे पर पारंपरिक रावण-दहन के साथ राजनीतिक प्रतीकों का उपयोग पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है। कॉकरोच जैसे अपरंपरागत पुतले जलाने की परंपरा राजनीतिक विमर्श को त्योहारी मंच पर लाने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है। इस बार नई दिल्ली और लखनऊ दोनों में BJP नेताओं के बयानों ने विजयादशमी को सांस्कृतिक के साथ-साथ राजनीतिक रंग दे दिया।
आगे देखना होगा कि विपक्षी दल इन बयानों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या यह विमर्श आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बनता है।