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क्या दिल्ली में आपसी सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है? : सौरभ भारद्वाज

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क्या दिल्ली में आपसी सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है? : सौरभ भारद्वाज

सारांश

दिल्ली में सांप्रदायिक तनाव फैलाने के प्रयासों को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या यह सच है या राजनीतिक खेल? जानें इस मुद्दे की तह तक।

मुख्य बातें

दिल्ली में आपसी सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें हो रही हैं।
गलत जानकारियों का प्रचार समाज में तनाव पैदा कर सकता है।
दिल्ली पुलिस ने घटना की सच्चाई को स्पष्ट किया है।
सौरभ भारद्वाज ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कांवड़ यात्रा के दौरान शांति बनाए रखना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 14 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली में भाजपा सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आप का आरोप है कि दोनों ही गलत जानकारियां साझा कर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

दरअसल, दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने 12 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके दावा किया था कि कुछ उपद्रवियों ने शाहदरा के कांवड़ मार्ग पर कांच के टुकड़े बिखेरे हैं, जिससे कांवड़ यात्रा में विघ्न उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग भी की थी। बाद में उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने भी इस घटना को लेकर पोस्ट किया और एक वीडियो साझा करते हुए सफाई अभियान की जानकारी दी।

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए बताया कि यह मामला 10 जुलाई का है, जब एक ई-रिक्शा जो कांच लेकर जा रहा था, वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में कांच के टुकड़े सड़क पर बिखर गए थे। पुलिस ने मामले की जांच के बाद स्पष्ट किया कि इसमें किसी भी तरह की शरारत या उपद्रव की भूमिका नहीं थी।

अब इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बयान जारी कर कपिल मिश्रा और एलजी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा और उपराज्यपाल ने जिस तरह से इस मामले को ताजा घटना बताकर प्रचारित किया, उससे दिल्ली में सांप्रदायिक तनाव फैल सकता था। यह घटना 10 जुलाई की थी, लेकिन 12 और 13 जुलाई को इसे जानबूझकर ताजा बताकर जनता को गुमराह किया गया। क्या इस तरह झूठी और भड़काऊ जानकारी देने वालों पर एफआईआर नहीं होनी चाहिए?

सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि दिल्ली में पिछले 30 वर्षों से कांवड़ यात्रा शांतिपूर्वक होती आई है। कभी कोई टकराव नहीं हुआ। लेकिन, अब 27 साल बाद जब दिल्ली में भाजपा सरकार आई है, तो पहली बार ऐसी कोशिशें हो रही हैं, जो आपसी सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांवड़ मार्ग पर कांच बिखरे होने की झूठी बात फैलाकर हिंसा भड़काने की साजिश की गई। उन्होंने मांग की कि गलत सूचना फैलाने और शांति भंग करने के प्रयास के तहत मामला दर्ज किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है, बल्कि यह दिल्ली की सामाजिक एकता को प्रभावित कर सकता है। सही जानकारी और तथ्यों की पुष्टि जरूरी है, ताकि समाज में शांति बनी रहे।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कपिल मिश्रा के आरोपों का क्या सच है?
दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा के आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि घटना 10 जुलाई की है और इसमें कोई शरारत नहीं थी।
क्या आम आदमी पार्टी की चिंताएं सही हैं?
आप के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि गलत जानकारी फैलाने से सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है।
क्या इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
सौरभ भारद्वाज ने मांग की है कि झूठी जानकारी देने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाए।
राष्ट्र प्रेस
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