20 अक्टूबर 2026
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दशहरा 2026: दिल्ली में 30 फुट का कॉकरोच, रांची में 70 फुट रावण — देशभर में विजयादशमी की धूम

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दशहरा 2026: दिल्ली में 30 फुट का कॉकरोच, रांची में 70 फुट रावण — देशभर में विजयादशमी की धूम

सारांश

दशहरा 2026 इस बार सिर्फ रावण दहन तक सीमित नहीं — दिल्ली में 30 फुट का कॉकरोच जलेगा, लखनऊ में 75 फुट का यांत्रिक रावण समसामयिक संदेश देगा, और मध्य प्रदेश के भटखेड़ी गाँव में रावण को जलाने की बजाय पूजा जाएगा। विविधता में एकता का यही असली उत्सव है।

मुख्य बातें

दिल्ली के पीतमपुरा में श्री केशव रामलीला की परंपरा अनुसार इस बार 30 फुट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का दहन होगा।
रांची के मोराबादी मैदान में सबसे ऊंचा रावण पुतला 70 फुट , कुंभकर्ण 65 फुट और मेघनाद 60 फुट का है; राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि होंगे।
अयोध्या में 32 फुट के रावण पुतले का निर्माण मुस्लिम कारीगरों ने किया है; दहन रात 10 बजे होगा।
लखनऊ में 75 फुट ऊंचे यांत्रिक रावण पुतले के ज़रिए समसामयिक विषयों पर संदेश दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के भटखेड़ी गाँव में रावण दहन नहीं, बल्कि रावण और कुंभकर्ण की पूजा की परंपरा है।
देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और श्रीनगर (उत्तराखंड) में पहली बार 50 फुट के रावण पुतले के साथ दहन समारोह होगा।

विजयादशमी 2026 पर 20 अक्टूबर को दिल्ली से लेकर रांची तक बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया जा रहा है। देश के विभिन्न राज्यों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया जाएगा, जबकि दिल्ली के पीतमपुरा में इस बार 30 फुट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का अनूठा दहन भी होगा। वहीं, मध्य प्रदेश के एक गाँव में रावण दहन की जगह उसकी पूजा की सदियों पुरानी परंपरा एक बार फिर निभाई जाएगी।

दिल्ली: लाल किला मैदान से पीतमपुरा तक उत्सव

लव कुश रामलीला समिति ने लाल किला मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले स्थापित किए हैं, जहाँ विजयादशमी पर भव्य दहन कार्यक्रम आयोजित होगा। पीतमपुरा की श्री केशव रामलीला में हर साल बुराई या किसी विशेष खतरे का प्रतीक चौथा पुतला जलाने की परंपरा है — इस बार वह पुतला 30 फुट ऊंचे कॉकरोच यानी तिलचट्टे का है।

उत्तर प्रदेश: अयोध्या से लखनऊ तक विशेष आयोजन

रामनगरी अयोध्या में राजेंद्र निवास रामलीला समिति की ओर से रात 10 बजे 32 फुट ऊंचे रावण पुतले का दहन होगा। समिति के संरक्षक प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि इस बार पुतला बनाने की ज़िम्मेदारी मुस्लिम कारीगरों को सौंपी गई है और एक बेहद सुंदर पुतला तैयार किया गया है जो लगभग 32 फीट ऊंचा होगा। लखनऊ के रामलीला मैदान में 75 फुट ऊंचे यांत्रिक रावण पुतले के माध्यम से समसामयिक विषयों पर संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।

उत्तराखंड: देहरादून और काशीपुर में पारंपरिक दहन

देहरादून के लक्ष्मण चौक स्थित हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज में लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित रावण दहन समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि होंगे। काशीपुर में मंगलवार शाम 7:30 बजे 55 फुट ऊंचे रावण और 50 फुट ऊंचे कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा, जिसके बाद आतिशबाजी होगी। श्रीनगर (उत्तराखंड) में पहली बार 50 फुट ऊंचा रावण, 45 फुट का कुंभकर्ण और 35 फुट का मेघनाद का पुतला स्थापित किया गया है।

मध्य प्रदेश का भटखेड़ी गाँव: जहाँ होती है रावण की पूजा

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के भटखेड़ी (रावण वाली) गाँव में दशहरे पर रावण को जलाया नहीं, बल्कि पूजा जाता है। ग्रामीणों की मान्यता है कि रावण और कुंभकर्ण उनकी मनोकामनाएँ पूरी करते हैं। परंपरा के अनुसार पर्व से पहले इनकी मूर्तियों को दोबारा रंगा जाता है और पर्व के दिन भगवान राम व लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले कलाकार इन मूर्तियों को भाले से स्पर्श करते हैं।

बिहार और झारखंड: पटना-रांची में भव्य समापन

पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 20 अक्टूबर को भव्य रावण दहन समारोह का आयोजन है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुँचने की उम्मीद है। रांची के मोराबादी मैदान में पंजाबी हिंदू बिरादरी की ओर से आयोजित समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि होंगे। यहाँ रावण का पुतला 70 फुट, कुंभकर्ण का 65 फुट और मेघनाद का 60 फुट ऊंचा है — रामलीला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और विशेष आतिशबाजी इस समारोह के मुख्य आकर्षण होंगे। देशभर के ये आयोजन दर्शाते हैं कि विजयादशमी का पर्व हर साल अपने स्थानीय रंग-रूप के साथ नए अर्थ लेकर आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भटखेड़ी गाँव की रावण-पूजा याद दिलाती है कि भारत की परंपराएँ एकरूप नहीं हैं — और यही विविधता उत्सव की असली शक्ति है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि अयोध्या में मुस्लिम कारीगरों द्वारा बनाया गया रावण पुतला सामाजिक सद्भाव की उतनी ही बड़ी कहानी है जितनी पुतले की ऊँचाई।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के पीतमपुरा में इस बार दशहरे पर कॉकरोच का पुतला क्यों जलाया जाएगा?
पीतमपुरा की श्री केशव रामलीला समिति हर वर्ष रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के साथ एक चौथा पुतला जलाती है, जो उस साल की किसी प्रमुख बुराई या खतरे का प्रतीक होता है। इस बार वह चौथा पुतला 30 फुट ऊंचे कॉकरोच का है।
रांची के मोराबादी मैदान में दशहरा 2026 का कार्यक्रम कैसा होगा?
रांची के ऐतिहासिक मोराबादी मैदान में पंजाबी हिंदू बिरादरी द्वारा आयोजित समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि होंगे। यहाँ 70 फुट का रावण, 65 फुट का कुंभकर्ण और 60 फुट का मेघनाद का पुतला तैयार किया गया है, साथ में रामलीला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और विशेष आतिशबाजी भी होगी।
मध्य प्रदेश के भटखेड़ी गाँव में रावण की पूजा क्यों होती है?
राजगढ़ जिले के भटखेड़ी (रावण वाली) गाँव में ग्रामीणों की मान्यता है कि रावण उनकी मनोकामनाएँ पूरी करता है, इसलिए दशहरे पर रावण दहन की बजाय रावण और कुंभकर्ण की पूजा की परंपरा है। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं और प्रसाद चढ़ाते हैं।
अयोध्या में दशहरा 2026 का रावण पुतला किसने बनाया और दहन कब होगा?
अयोध्या में राजेंद्र निवास रामलीला समिति की ओर से 32 फुट ऊंचे रावण पुतले का दहन रात 10 बजे किया जाएगा। इस बार पुतला बनाने की ज़िम्मेदारी मुस्लिम कारीगरों को सौंपी गई है।
दशहरा 2026 पर किन शहरों में सबसे ऊंचे रावण पुतले हैं?
इस वर्ष सबसे ऊंचे पुतलों में लखनऊ में 75 फुट, रांची में 70 फुट, काशीपुर में 55 फुट, श्रीनगर (उत्तराखंड) में 50 फुट और अयोध्या में 32 फुट का रावण पुतला शामिल है। लखनऊ के 75 फुट के पुतले में यांत्रिक चलने-फिरने वाले हिस्से भी लगाए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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