रांची के मोरहाबादी में दशहरा: 80 फीट रावण, दोमंजिला 'सोने की लंका' और लेजर शो का भव्य आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
विजयादशमी के अवसर पर झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में मंगलवार, 19 अक्टूबर 2026 को भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन होगा। इस वर्ष 80 फीट ऊँचे रावण, 75 फीट ऊँचे कुंभकर्ण और 70 फीट ऊँचे मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा। उत्सव की सबसे बड़ी विशेषता दोमंजिला 'सोने की लंका' होगी, जो इस बार आयोजन को अद्वितीय रूप देगी।
मुख्य आकर्षण और आयोजन की झलक
पंजाबी हिंदू बिरादरी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं। मैदान में श्रीराम दरबार, भगवान राम की जीवंत मूर्ति और रावण वध की जीवंत झाँकी भी प्रस्तुत की जाएगी। आकाशीय आतिशबाजी के लिए कोलकाता से विशेष टीम बुलाई गई है, जबकि बिहार के बक्सर की टीम ज़मीनी आतिशबाजी का प्रदर्शन करेगी। इसके अतिरिक्त, एक विशेष लेजर शो की भी व्यवस्था की गई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
उत्सव में स्थानीय कलाकारों के साथ धनबाद की विक्की छाबड़ा टीम सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेगी। वहीं, टाटा की सन्नी ग्रुप टीम भाँगड़ा नृत्य की प्रस्तुति देगी। विशाल पुतलों, भव्य रोशनी, दोमंजिला 'सोने की लंका' और धमाकेदार आतिशबाजी के बीच मोरहाबादी मैदान का नज़ारा इस बार और भी भव्य होने की उम्मीद है।
मुख्य अतिथि और राजनीतिक उपस्थिति
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे और रावण के पुतले का दहन करेंगे। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ कुंभकर्ण का दहन करेंगे, जबकि रांची के विधायक सीपी सिंह मेघनाथ के पुतले में अग्नि प्रज्वलित करेंगे। अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के भी शामिल होने की संभावना है।
परंपरा और ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि झारखंड गठन के बाद से पंजाबी हिंदू बिरादरी के इस आयोजन में मुख्यमंत्री के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की परंपरा चली आ रही है। यह आयोजन रांची के प्रमुख दशहरा समारोहों में शुमार है और हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक यहाँ उमड़ते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी मौसम में सामुदायिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर ज़ोर दिया जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह आयोजन और भव्य होने की उम्मीद है।