पटना के गांधी मैदान में 20 अक्टूबर को 90 फीट रावण दहन, 71वें रामलीला महोत्सव में आधे घंटे की इको-फ्रेंडली आतिशबाजी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में विजयादशमी के उपलक्ष्य में 20 अक्टूबर 2026 को 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट द्वारा आयोजित 71वें श्री रामलीला महोत्सव के अंतर्गत इस भव्य आयोजन की समस्त तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। रावण दहन के पश्चात लगभग आधे घंटे तक इको-फ्रेंडली आतिशबाजी की जाएगी, जो इस उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण होगी।
विशालकाय पुतले और निर्माण की खासियत
इस वर्ष गांधी मैदान में तीन विशाल पुतले तैयार किए गए हैं — रावण का 90 फीट, मेघनाथ का 85 फीट और कुंभकर्ण का 80 फीट ऊँचा पुतला। बारिश से संभावित नुकसान से बचाने के लिए इन पुतलों के निर्माण में स्टील पाइप का उपयोग किया गया है। यह तकनीकी उपाय पुतलों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सुरक्षित रखने के लिए अपनाया गया है।
71 साल पुरानी परंपरा का नया अध्याय
श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि यह परंपरा वर्ष 1955 से निरंतर चली आ रही है और इस बार अपने 71वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। ट्रस्ट के चेयरमैन कमल नोपानी ने कहा कि रावण दहन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आस्था, संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा एक पर्व है। गौरतलब है कि सात दशकों से भी अधिक समय से यह आयोजन पटनावासियों की सामूहिक सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के शामिल होने की स्वीकृति मिल चुकी है। इन गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति इस आयोजन को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाती है।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियाँ
कार्यक्रम को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने के लिए जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेटों और पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग की है। अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रभावी भीड़ प्रबंधन तथा प्रवेश एवं निकास मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्वयं गांधी मैदान स्थित रावण दहन स्थल का निरीक्षण कर सीसीटीवी कैमरों, ध्वनि विस्तारक यंत्रों, अग्निशमन व्यवस्था, प्राथमिक उपचार केंद्र और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की।
यातायात और साफ-सफाई के इंतजाम
कार्यक्रम के मद्देनज़र यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। भवन निर्माण विभाग को मंच और बैरिकेडिंग को मजबूत बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं, जबकि नगर निगम को गांधी मैदान में स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन का स्पष्ट जोर है कि बड़ी संख्या में पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और यह पारंपरिक आयोजन पूरी तरह सुरक्षित माहौल में सम्पन्न हो। 20 अक्टूबर की शाम को गांधी मैदान में उमड़ने वाली भीड़ यह तय करेगी कि 71 साल की यह विरासत आने वाली पीढ़ियों को कैसे सौंपी जाती है।