20 अक्टूबर 2026
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पटना गांधी मैदान में 71वां रावण वध: दशहरा 2026 पर हजारों की भीड़, 2027 से नया स्थान

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पटना गांधी मैदान में 71वां रावण वध: दशहरा 2026 पर हजारों की भीड़, 2027 से नया स्थान

सारांश

पटना के गांधी मैदान में 71 साल पुरानी रावण वध परंपरा ने इस बार भव्यता का नया अध्याय लिखा — लेकिन शायद यह अंतिम बार है। 2027 से यह ऐतिहासिक आयोजन जेपी गंगा पथ के नए रामलीला मैदान में होगा, जहाँ यातायात की समस्या से मुक्ति के साथ एक नई शुरुआत की उम्मीद है।

मुख्य बातें

पटना के गांधी मैदान में 20 अक्टूबर 2026 को 71वाँ वार्षिक रावण वध समारोह संपन्न हुआ।
90 फुट ऊँचे रावण के पुतले सहित कुंभकर्ण, मेघनाद और लंका के स्वर्ण नगर के पुतले जलाए गए।
नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव , बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन , मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
2027 से यह आयोजन जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) के निकट नए रामलीला मैदान में स्थानांतरित होगा।
स्थानांतरण का उद्देश्य गांधी मैदान क्षेत्र में प्रतिवर्ष होने वाली यातायात भीड़भाड़ की समस्या का समाधान करना है।
बिहार के 28 से अधिक ज़िलों में विजयादशमी पर रावण दहन के आयोजन हुए।

पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के पावन अवसर पर 71वाँ वार्षिक रावण वध समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ, जहाँ पटना और आसपास के जिलों से हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु बुराई पर अच्छाई की इस प्रतीकात्मक विजय के साक्षी बने। दशहरा कमेटी ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में 90 फुट ऊँचे रावण के पुतले सहित कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को आग की लपटों में समर्पित किया गया।

मुख्य समारोह और भव्य आयोजन

भगवान राम, लक्ष्मण और सीता रथ पर आरूढ़ होकर मैदान में पहुँचे, जबकि हनुमान और वानर सेना के पारंपरिक प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भीड़ ने 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के जयघोष से पूरे मैदान को गुँजायमान कर दिया। लंका के स्वर्ण नगर का प्रतिनिधित्व करने वाले विशेष पुतले को भी दहन किया गया, जिससे यह दृश्य और भी अधिक भव्य और यादगार बन गया।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

इस ऐतिहासिक आयोजन में नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव, बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और मंत्री राम कृपाल यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की इस उपस्थिति ने समारोह की सामाजिक और सांस्कृतिक महत्ता को और बढ़ा दिया।

2027 से नए स्थान पर स्थानांतरण

यह समारोह गांधी मैदान में अंतिम बार आयोजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि 2027 से रावण वध उत्सव पटना के जेपी गंगा पथ (जिसे लोकप्रिय रूप से मरीन ड्राइव कहा जाता है) के निकट निर्माणाधीन नए रामलीला मैदान में आयोजित किया जाएगा। यह प्रस्तावित स्थानांतरण गांधी मैदान में प्रतिवर्ष होने वाली भारी यातायात भीड़भाड़ की समस्या के दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है।

बिहार भर में रावण दहन

पटना के अतिरिक्त बिहार के अनेक जिलों में भी विजयादशमी की धूम रही। गया, मोतिहारी, बेतिया, गोपालगंज, सीवान, आरा, डालमियानगर, मोहनिया, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, जमुई, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, बांका, मधेपुरा, सहरसा, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सासाराम, शिवहर, सीतामढ़ी और छपरा समेत राज्य के दर्जनों ज़िलों में रावण दहन के आयोजन हुए। गौरतलब है कि यह उत्सव हर वर्ष असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश लेकर आता है।

आगे क्या

अगले वर्ष से जेपी गंगा पथ के पास नए रामलीला मैदान में आयोजन से यह उम्मीद है कि आम नागरिकों को यातायात की समस्या से राहत मिलेगी और साथ ही आयोजन की भव्यता में भी वृद्धि होगी। 71 वर्षों की परंपरा को एक नए आधुनिक परिसर में स्थानांतरित करना पटना के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यातायात भीड़भाड़ का मुद्दा अब उस पैमाने पर पहुँच गया है जहाँ स्थानांतरण अपरिहार्य लग रहा था। जेपी गंगा पथ पर नए स्थल की तरफ यह कदम प्रशासनिक दूरदर्शिता दिखाता है, पर साथ ही यह सवाल भी उठाता है कि क्या नई जगह उस भावनात्मक जुड़ाव को बरकरार रख पाएगी जो दशकों में गांधी मैदान के साथ बना है। आयोजन की सफलता अंततः इस बात पर निर्भर करेगी कि नया परिसर समय पर तैयार हो और पहुँच, सुरक्षा एवं सुविधाओं के मामले में पुराने स्थल से बेहतर साबित हो।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना गांधी मैदान में 71वाँ रावण वध समारोह कब और कैसे मनाया गया?
यह समारोह 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर पटना के गांधी मैदान में आयोजित हुआ। दशहरा कमेटी ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 90 फुट ऊँचे रावण सहित कुंभकर्ण, मेघनाद और लंका के स्वर्ण नगर के पुतले जलाए गए।
2027 से रावण वध उत्सव गांधी मैदान से कहाँ स्थानांतरित होगा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के अनुसार 2027 से यह आयोजन पटना के जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) के निकट निर्माणाधीन नए रामलीला मैदान में होगा। यह कदम गांधी मैदान क्षेत्र में प्रतिवर्ष होने वाली यातायात भीड़भाड़ की समस्या को दूर करने के लिए उठाया जा रहा है।
इस वर्ष के समारोह में कौन-कौन से गणमान्य अतिथि उपस्थित थे?
समारोह में नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव, बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और मंत्री राम कृपाल यादव सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पटना के अलावा बिहार में और कहाँ रावण दहन हुआ?
पटना के अतिरिक्त गया, मोतिहारी, बेतिया, गोपालगंज, सीवान, आरा, भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सासाराम, सीतामढ़ी, छपरा समेत बिहार के 28 से अधिक जिलों में विजयादशमी पर रावण दहन के आयोजन हुए।
गांधी मैदान से आयोजन क्यों हटाया जा रहा है?
गांधी मैदान में प्रतिवर्ष इस आयोजन के दौरान भारी यातायात भीड़भाड़ उत्पन्न होती है, जिससे पटना शहर के बड़े हिस्से में आवागमन बाधित होता है। नए स्थान पर स्थानांतरण इसी दीर्घकालिक समस्या के समाधान के रूप में प्रस्तावित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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