20 अक्टूबर 2026
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विजयादशमी 2026: अहमदाबाद में CM भूपेंद्र पटेल ने किया रावण दहन, 'शांति सेवा महोत्सव' में उमड़ी भारी भीड़

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विजयादशमी 2026: अहमदाबाद में CM भूपेंद्र पटेल ने किया रावण दहन, 'शांति सेवा महोत्सव' में उमड़ी भारी भीड़

सारांश

अहमदाबाद में विजयादशमी 2026 पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 'शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट' के महोत्सव में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए। लोक कलाकार साईराम दवे के 'दायरो' से सजे इस आयोजन में मंत्री, सांसद, विधायक और संत एकसाथ उपस्थित रहे।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 20 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में विजयादशमी पर रावण दहन का नेतृत्व किया।
'शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट' के 'विजयदशमी महोत्सव 2026' के तहत रावण , मेघनाद और कुंभकर्ण के विशाल पुतले जलाए गए।
समारोह में शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला , मेयर हितेश बारोट , सांसद हसमुख पटेल और सांसद दिनेश मकवाना उपस्थित रहे।
उत्सव की शुरुआत प्रसिद्ध लोक कलाकार साईराम दवे की टीम के 'दायरो' लोक प्रस्तुति से हुई।
शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख संदीप बारोट भी आयोजन में मौजूद थे।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में विजयादशमी पर्व पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के विशाल पुतलों का दहन किया। 'शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट' द्वारा आयोजित 'विजयदशमी महोत्सव 2026' में रिमोट कंट्रोल से पुतलों में आग लगाते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने बुराई पर अच्छाई की जीत के इस पारंपरिक पर्व का नेतृत्व किया।

आयोजन का स्वरूप और सहभागिता

इस समारोह में शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला और अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट सहित राज्य एवं स्थानीय स्तर के अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सांसद हसमुख पटेल और सांसद दिनेश मकवाना, स्थानीय विधायक, संत, आध्यात्मिक गुरु और अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के पदाधिकारियों ने भी इसमें शिरकत की।

शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख संदीप बारोट भी उत्सव में मौजूद रहे। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में शहरवासी एकत्र हुए, जिससे समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण रहा।

सांस्कृतिक प्रस्तुति: 'दायरो' से हुई शुरुआत

उत्सव की शुरुआत पारंपरिक 'दायरो' से हुई — गुजराती लोक परंपरा में लोक गीत और कहानी-कथन का यह विशिष्ट स्वरूप प्रसिद्ध लोक कलाकार साईराम दवे की टीम ने प्रस्तुत किया। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति के बाद रावण दहन का मुख्य कार्यक्रम हुआ, जहाँ तीनों पुतलों को अग्नि के हवाले किया गया।

गौरतलब है कि अहमदाबाद के इस आयोजन में धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ गुजराती लोक-संस्कृति को भी बराबर महत्व दिया गया, जो इस उत्सव को विशिष्ट बनाता है।

विजयादशमी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

विजयादशमी हिंदू महाकाव्य रामायण से जुड़ा पर्व है, जिसमें भगवान राम ने लंकाधिपति रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया था। इस परंपरा में रावण के साथ उसके भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले भी जलाए जाते हैं।

यह पर्व नवरात्रि उत्सव के समापन का प्रतीक भी है। पूरे भारत में विजयादशमी धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक आयोजनों के माध्यम से मनाई जाती है, जहाँ हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट परंपराएँ होती हैं।

गुजरात में परंपरा और उत्सव का संगम

अहमदाबाद का यह आयोजन गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था के मेल का एक उदाहरण है। मुख्यमंत्री पटेल की उपस्थिति ने इस उत्सव को राजकीय और सामुदायिक, दोनों स्तरों पर एक बड़े जनसमूह को जोड़ने वाला अवसर बनाया।

यह आयोजन आने वाले वर्षों में भी इसी उत्साह के साथ जारी रखे जाने की उम्मीद है, क्योंकि शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट का यह महोत्सव अहमदाबाद में एक स्थापित वार्षिक परंपरा का रूप ले चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि गुजरात की राजनीति में सांस्कृतिक-धार्मिक आयोजनों के ज़रिए जन-संपर्क की स्थापित परंपरा का हिस्सा है। गौरतलब है कि इस आयोजन में केंद्रीय सांसदों से लेकर AMC पदाधिकारियों तक की उपस्थिति दिखाती है कि सत्तारूढ़ दल इसे महज उत्सव नहीं, जन-उपस्थिति के एक अवसर के रूप में देखता है। साईराम दवे जैसे लोकप्रिय लोक कलाकार को मंच देना यह भी संकेत देता है कि आयोजक गुजराती सांस्कृतिक पहचान को उत्सव के केंद्र में रखना चाहते हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस राजनीतिक-सांस्कृतिक आयाम को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद में विजयादशमी 2026 पर रावण दहन कार्यक्रम कहाँ और किसने आयोजित किया?
'शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट' ने अहमदाबाद में 'विजयदशमी महोत्सव 2026' का आयोजन किया, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 20 अक्टूबर 2026 को रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए। मुख्यमंत्री ने रिमोट कंट्रोल का बटन दबाकर पुतलों में आग लगाई।
विजयादशमी पर रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले क्यों जलाए जाते हैं?
हिंदू महाकाव्य रामायण के अनुसार भगवान राम ने लंकाधिपति रावण का वध किया था। इस परंपरा में रावण के साथ उसके भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले भी जलाए जाते हैं, जो बुराई के समग्र नाश का प्रतीक है। यह उत्सव नवरात्रि के समापन का भी द्योतक है।
अहमदाबाद के इस आयोजन में 'दायरो' क्या था?
'दायरो' गुजराती लोक परंपरा में लोकगीत और कथा-कथन का एक विशेष स्वरूप है। इस महोत्सव में प्रसिद्ध लोक कलाकार साईराम दवे की टीम ने दायरा प्रस्तुत किया, जिसके बाद रावण दहन का मुख्य कार्यक्रम हुआ।
अहमदाबाद विजयादशमी महोत्सव 2026 में कौन-कौन से प्रमुख अतिथि उपस्थित थे?
इस समारोह में शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला, अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, सांसद हसमुख पटेल, सांसद दिनेश मकवाना, स्थानीय विधायक, संत, आध्यात्मिक गुरु, AMC के पदाधिकारी और शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख संदीप बारोट उपस्थित थे।
विजयादशमी पूरे भारत में कैसे मनाई जाती है?
विजयादशमी पूरे भारत में धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक आयोजनों के माध्यम से मनाई जाती है, जिसमें हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट परंपराएँ होती हैं। देश के अधिकांश हिस्सों में रावण दहन मुख्य आकर्षण होता है, जबकि गुजरात जैसे राज्यों में इसमें स्थानीय लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी जोड़ी जाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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