विजयदशमी 2026: गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने सामाजिक सद्भाव और 'सबका साथ, सबका विकास' का दिया संदेश
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 19 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और भाईचारे को मज़बूत करने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से एकता और समावेशी विकास के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने का अनुरोध किया।
त्योहार का संदेश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विजयदशमी — जिसे दशहरा के नाम से भी जाना जाता है — को असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व बुराई पर दिव्य शक्तियों की जीत का उत्सव है और लोगों को अपने भीतर की नकारात्मकता पर विजय पाने की प्रेरणा देता है।
सीएम पटेल ने आशा व्यक्त की कि यह त्योहार समाज में प्रेम, भाईचारे और सामंजस्य का वातावरण निर्मित करेगा और लोगों के बीच सद्भावना को और प्रगाढ़ बनाएगा।
समावेशी विकास का आह्वान
सीएम पटेल ने विजयदशमी के संदेश को 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह पर्व लोगों को सत्य और न्याय के मूल्यों पर चिंतन करने और व्यक्तिगत व सामाजिक जीवन में नकारात्मक प्रवृत्तियों पर काबू पाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर एक समरस और समावेशी समाज के निर्माण में सामूहिक जिम्मेदारी निभाएँ।
विजयदशमी का सांस्कृतिक महत्व
विजयदशमी नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव के समापन पर मनाई जाती है, जिसमें भक्त दिव्य स्त्री शक्ति की आराधना करते हैं। यह त्योहार पूरे भारत में धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
देशभर में इसे रामायण के प्रसंगों के मंचन, रावण के पुतले के दहन और शस्त्र-पूजा जैसी परंपराओं के साथ मनाया जाता है। यह दिन नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी शुभ माना जाता है।
गुजरात के मुख्यमंत्री की अपील
गौरतलब है कि गांधीनगर से जारी अपने संदेश में सीएम पटेल ने सद्भावना और आपसी सम्मान पर आधारित समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी को रेखांकित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि विजयदशमी का यह पर्व भाईचारे के बंधन को और सुदृढ़ करेगा।
यह संदेश ऐसे समय में आया है जब गुजरात में नवरात्रि उत्सव भव्य रूप से मनाया गया और राज्यभर में सामाजिक एकता के आयोजन हुए। सीएम पटेल के इस संदेश को राज्य सरकार की समावेशी विकास की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।