भावनगर में CM भूपेंद्र पटेल का युवाओं को संदेश: 'दूसरों से तुलना छोड़ें, कौशल पर ध्यान दें'
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 25 सितंबर 2026 को भावनगर के महाराजा कृष्णकुमारसिंहजी भावनगर विश्वविद्यालय में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें कौशल विकास, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के ज़रिये 'विकसित भारत 2047' के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को स्पष्ट रूप से कहा कि दूसरों से तुलना करना छोड़ें और अपनी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ें।
कार्यक्रम की पृष्ठभूमि
यह 'युवा संवाद' कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्रों ने रोज़गार, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, खेल, महिला सशक्तिकरण, साइबर अपराध, नशामुक्ति, अवसंरचना और 'विकसित भारत 2047' जैसे विषयों पर सीएम से सीधे प्रश्न पूछे।
विकास का विस्तार गाँवों तक
मुख्यमंत्री ने कहा, 'विकसित भारत केवल बड़े शहरों के विकास से ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करके प्राप्त किया जा सकता है कि विकास के अवसर और सरकारी योजनाओं का लाभ गाँवों और प्रत्येक नागरिक तक पहुँचे।' उन्होंने युवाओं से न केवल स्वयं सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, बल्कि ज़रूरतमंद मित्रों और परिजनों को भी इन योजनाओं से जोड़ने में मदद करने का आग्रह किया।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब गुजरात में धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) जैसी परियोजनाओं के ज़रिये रोज़गार के नए केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। सीएम ने युवाओं को इन उभरते उद्योगों की ज़रूरतों के अनुसार तकनीकी कौशल हासिल करने को कहा।
सेमीकंडक्टर और कौशल विकास पर ज़ोर
पटेल ने कहा, 'सरकार कंपनियों के साथ मिलकर कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए काम कर रही है, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में।' उन्होंने छात्रों को कक्षाओं में सीखी गई शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया — जिसके तहत मॉडल फार्मों का दौरा करना और कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन की संभावनाएँ तलाशना शामिल है।
गौरतलब है कि गुजरात में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हाल के वर्षों में बड़े निवेश आए हैं, ऐसे में यह संदेश युवाओं को आने वाले अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
मानसिक स्वास्थ्य और खेल अवसंरचना
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के विषय में मुख्यमंत्री ने युवाओं को दूसरों से तुलना न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'यदि सफलता न मिले, तो फिर से प्रयास करना चाहिए' — और योग तथा सकारात्मक सोच को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया। खेलों के संदर्भ में उन्होंने कहा, 'भावनगर में हॉकी और अन्य खेल सुविधाओं के विकास के लिए परियोजनाओं को सरकारी सहायता मिल रही है।'
महिला सशक्तिकरण और मातृभाषा का सम्मान
मुख्यमंत्री ने नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी के महत्व पर ज़ोर दिया और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की सरकारी पहलों की भी जानकारी दी। अंत में उन्होंने कहा, 'अन्य भाषाएँ सीखना ज़रूरी है, लेकिन अपनी मातृभाषा बोलने में कभी संकोच नहीं होना चाहिए।'
युवा संवाद में उठे विविध सवालों और सीएम के सीधे जवाबों ने इस आयोजन को एकतरफा भाषण से अलग बनाया — आने वाले समय में इस तरह के संवादों की श्रृंखला 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत जारी रहने की संभावना है।