मोदी के 25 साल की सार्वजनिक सेवा पर अहमदाबाद में 'सेवा ज्योति यात्रा', सीएम भूपेंद्र पटेल रहे मौजूद
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 7 अक्टूबर 2026 को पूरे गुजरात में 'सेवा ज्योति यात्राएं' आयोजित की गईं। अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शिरकत की और नागरिकों को 'विकसित भारत' की संकल्पयात्रा में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया। ये आयोजन 'विकसित भारत संकल्प अभियान' के अंतर्गत 'जन सेवा से राष्ट्र सेवा' के संदेश के साथ संपन्न हुए।
मुख्य कार्यक्रम का घटनाक्रम
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित किया और 'विकसित भारत 2047' के निर्माण में सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। वर्चुअल संबोधन के पश्चात नेताओं ने 'सेवा ज्योति' प्रज्वलित की और उपस्थित प्रतिभागियों ने 'विकसित भारत' की शपथ ली।
इसके बाद 'सेवा ज्योति कलश यात्रा' को हरी झंडी दिखाई गई, जो जन सेवा, सुशासन और राष्ट्र-निर्माण के संदेश को लेकर आगे बढ़ी। नागरिकों ने बड़ी संख्या में यात्रा में भाग लिया और प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की जन सेवा के प्रति आभार व्यक्त किया।
सीएम पटेल और अन्य गणमान्य की उपस्थिति
अहमदाबाद कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मंत्री अजय कुमार पोद्दार, अहमदाबाद के महापौर हितेश बारोट, स्थानीय सांसद हसमुख पटेल और दिनेश मकवाना, शहर एवं जिले के विधायक, शहर भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष प्रेरक शाह, नगर आयुक्त बंछानिधि पानी और अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
यात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने टाउन हॉल के समीप स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
पूरे गुजरात में एक साथ आयोजन
गुजरात के समस्त जिलों और नगर निगमों में राज्य के मंत्रियों व अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में इसी तरह की 'सेवा ज्योति यात्राएं' एक साथ संपन्न हुईं। यह आयोजन इस दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण रहा कि इसने नागरिकों को देश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन में कदम रखा था। इस प्रकार 7 अक्टूबर 2026 को उनकी जन सेवा के 25 वर्ष पूरे होने का यह अवसर भाजपा और उनके समर्थकों के लिए विशेष महत्त्व रखता है। इस आयोजन का उद्देश्य केवल स्मरणोत्सव नहीं, बल्कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के प्रति जन-जागरूकता और प्रतिबद्धता को मजबूत करना भी था। आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत और भी जन-संपर्क कार्यक्रमों की संभावना व्यक्त की जा रही है।