मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा पर अहमदाबाद में मल्टीमीडिया प्रदर्शनी, 5 अक्टूबर तक खुली
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के पंडित दीनदयाल सभागार में 'विकसित गुजरात से विकसित भारत' शीर्षक से एक भव्य मल्टीमीडिया प्रदर्शनी आयोजित की गई है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा सफर को पैनल चर्चाओं, पोस्टरों और ऑडियो-विज़ुअल प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया जा रहा है। गुजरात राज्य सूचना एवं प्रसारण विभाग द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी 'सेवा संकल्प अभियान' का हिस्सा है। यह 5 अक्टूबर 2026 तक सुबह 8 बजे से रात 10 बजे IST तक जनता के लिए निःशुल्क उपलब्ध है।
प्रदर्शनी में क्या है खास
प्रदर्शनी कृषि, पशुपालन, शिक्षा, उद्योग, बंदरगाह, ऊर्जा, जल संसाधन, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास सहित कई क्षेत्रों में गुजरात की विकास पहलों को रेखांकित करती है। इसमें पोस्टरों और फिल्मों के जरिए मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल से राष्ट्रीय नेतृत्व तक के सफर को एक क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
दर्शक प्रदर्शनी में प्रदर्शित जानकारी पर आधारित इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तरी में भी भाग ले सकते हैं, जो उन्हें मोदी की 25 साल की जनसेवा यात्रा से परिचित कराती है।
मुख्यमंत्री का दौरा
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शनी का दौरा किया और विभिन्न अनुभागों में प्रदर्शित विकास परियोजनाओं की जानकारी ली। पटेल ने वहाँ मौजूद नागरिकों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार विभिन्न जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरे में अहमदाबाद क्षेत्रीय सूचना कार्यालय और अहमदाबाद नगर निगम के अधिकारी भी उपस्थित थे।
मोदी के गुजरात कार्यकाल की प्रमुख पहलें
प्रदर्शनी में मोदी के मुख्यमंत्री रहते शुरू किए गए कार्यक्रमों को विशेष स्थान दिया गया है। इनमें कृषि महोत्सव, शाला प्रवेशोत्सव, कन्या केलवानी, ज्योतिग्राम योजना, ई-ममता, मिशन मंगलम, ज्ञान शक्ति, जल प्रबंधन पहल, खेल महाकुंभ, वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट, पशु आरोग्य मेला और समरस छात्रावास योजना शामिल हैं।
गौरतलब है कि इन पहलों को मोदी के राष्ट्रीय शासन मॉडल की बुनियाद माना जाता है, जिसे बाद में केंद्र की कई योजनाओं में अपनाया गया।
सेवा संकल्प अभियान का संदर्भ
यह प्रदर्शनी सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित की जा रही है, जो मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारें देशभर में इस मील के पत्थर को एक जन-जागरूकता अभियान के रूप में मना रही हैं। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार के सरकारी आयोजन चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्यों में जनमत निर्माण का उपकरण बन सकते हैं, हालांकि सरकार इसे एक सूचनात्मक पहल बताती है।
आगे क्या
प्रदर्शनी 5 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगी। नागरिक पंडित दीनदयाल सभागार में निर्धारित समय के दौरान इसका दौरा कर सकते हैं। इस तरह के आयोजन भविष्य में अन्य शहरों में भी आयोजित किए जा सकते हैं, हालांकि इस बारे में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।