गुजरात सीएम भूपेंद्र पटेल बोले — डिग्री राष्ट्र निर्माण का अवसर, केएन यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत में 94 छात्रों को डिग्री
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 24 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर में के.एन. यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री हासिल करना केवल करियर बनाने तक सीमित नहीं है — यह राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान का द्वार भी है। यह समारोह डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें 94 छात्रों को विभिन्न विषयों में डिग्रियाँ और 22 मेधावी छात्रों को पदक प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री का संबोधन: शिक्षा से परे व्यक्तित्व निर्माण
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने छात्रों से अपील की कि वे केवल अच्छी नौकरी या व्यवसाय तक अपनी सोच सीमित न रखें। उन्होंने कहा, 'युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, सफलता के साथ संवेदनशीलता और शक्ति के साथ जिम्मेदारी को भी अपनाना चाहिए।' उनके अनुसार, शिक्षा का असली उद्देश्य व्यक्तित्व निर्माण, राष्ट्र को सुदृढ़ बनाना और समाज की सेवा करना है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि 'विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में प्रश्न पाठ्यक्रम से पूछे जाते हैं, लेकिन जीवन की परीक्षा में सब कुछ 'आउट ऑफ सिलेबस' होता है।' यह उद्धरण समारोह में उपस्थित छात्रों के बीच व्यापक रूप से सराहा गया।
मेहनत और संतोष पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहाँ शैक्षणिक प्रगति अंकों और ग्रेड से आँकी जाती है, वहीं जीवन में सफलता निरंतर मेहनत और धैर्य पर टिकी होती है। प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, 'कड़ी मेहनत आपको थकाती नहीं है, बल्कि मेहनत से मिलने वाला संतोष ही सबसे बड़ा पुरस्कार होता है।'
स्टार्टअप, AI और उभरते क्षेत्रों पर फोकस
सीएम पटेल ने विश्वास जताया कि दीक्षांत समारोह में शामिल कई छात्र भविष्य में अपने स्टार्टअप और कारोबार स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्र युवाओं के लिए रोज़गार के नए द्वार खोल रहे हैं। उनके शब्दों में, इन क्षेत्रों में युवा केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोज़गार देने वाले भी बन सकते हैं।
गुजरात की उच्च शिक्षा: 110 विश्वविद्यालय
उच्च शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में गुजरात में करीब 110 विश्वविद्यालय संचालित हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) भारत की ज्ञान परंपरा, मातृभाषा और आधुनिक विज्ञान को समान महत्व देती है, जो देश की शिक्षा प्रणाली को समग्र रूप से सशक्त बना रही है। यह ऐसे समय में आया है जब निजी विश्वविद्यालयों की संख्या और गुणवत्ता दोनों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है।
दीक्षांत समारोह: पदक और डिग्रियाँ
दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 22 मेधावी छात्रों को कुल 22 पदक प्रदान किए गए — इनमें 9 स्वर्ण, 6 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 94 छात्रों को विभिन्न विषयों में डिग्रियाँ प्रदान की गईं। गौरतलब है कि यह के.एन. यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह था, जो गुजरात के उभरते निजी विश्वविद्यालय परिदृश्य में एक उल्लेखनीय पड़ाव है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए संबोधन समाप्त किया।