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क्या विजयादशमी पर उत्तर प्रदेश में रावण दहन का आयोजन धूमधाम से हुआ?

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क्या विजयादशमी पर उत्तर प्रदेश में रावण दहन का आयोजन धूमधाम से हुआ?

सारांश

उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में विजयादशमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि लोगों में एकता और उत्साह का संचार करता है।

मुख्य बातें

विजयादशमी पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया।
गाजियाबाद, मुरादाबाद और फर्रुखाबाद में भव्य आयोजन हुए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।
लोगों में उत्साह और उल्लास का माहौल था।

लखनऊ, 2 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। विजयादशमी के इस पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में रावण दहन का आयोजन बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ किया गया। गाजियाबाद, मुरादाबाद और फर्रुखाबाद में हजारों लोगों ने इस पर्व को बड़े आनंद के साथ मनाया, जहां रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।

गाजियाबाद में विजयादशमी के अवसर पर २५ फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन भव्य तरीके से किया गया। इस आयोजन में हजारों लोग शामिल हुए, जिन्होंने जय श्रीराम के नारों और आतिशबाजी के बीच उत्सव का आनंद लिया। बच्चों और महिलाओं की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चांद लगाए।

प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे, जिसमें पुलिस बल की तैनाती और आयोजकों द्वारा विशेष व्यवस्थाएं शामिल थीं। किसी भी अव्यवस्था से बचने के लिए कड़ी निगरानी रखी गई, जिससे कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ।

फर्रुखाबाद में विजयादशमी के अवसर पर बढ़पुर के क्रिश्चियन इंटर कॉलेज ग्राउंड पर ५५ फीट ऊंचे रावण, ५० फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। श्री रामलीला मंडल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राम-रावण युद्ध का जीवंत मंचन हुआ, जिसका निर्देशन मटरलाल दुबे ने किया। हजारों की संख्या में लोग इस भव्य आयोजन का हिस्सा बने।

डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी और एसपी आरती सिंह ने प्रतीकात्मक तीर चलाकर रावण दहन की शुरुआत की। आतिशबाजी का शानदार नजारा लगभग एक घंटे तक देखने को मिला, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मेहनत करनी पड़ी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय सिंह ने स्वयं कमान संभाली। रावण दहन के बाद पुतले की राख और लकड़ी ले जाने के लिए लोगों में होड़ मच गई। लोगों का मानना है कि इसे घर में रखने से विद्या और धन की प्राप्ति होती है।

मुरादाबाद के कटघर इलाके में लाजपतनगर रामलीला कमेटी द्वारा रावण दहन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल, जिला अधिकारी अनुज कुमार सिंह और मेयर विनोद अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन में शामिल हुए और उत्सव का आनंद लिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है। इस दिन रावण दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक देखने को मिलता है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में इस पर्व को धूमधाम से मनाया गया।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजयादशमी कब मनाई जाती है?
विजयादशमी हर साल दशमी तिथि को मनाई जाती है, जो कि नवरात्रि के अंत के बाद आती है।
रावण दहन का महत्व क्या है?
रावण दहन का अर्थ है बुराई पर अच्छाई की जीत, जो कि भगवान राम द्वारा रावण का वध करने का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
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