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क्या जमशेदपुर में फर्जी पासपोर्ट का रैकेट पकड़ा गया?

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क्या जमशेदपुर में फर्जी पासपोर्ट का रैकेट पकड़ा गया?

सारांश

जमशेदपुर में फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले रैकेट का खुलासा हुआ है। इसमें तीन अफगानी नागरिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई झारखंड एटीएस, आईबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने की। जानें कैसे इस रैकेट ने झारखंड में दस्तावेजों की दुनिया में हलचल मचा दी।

मुख्य बातें

झारखंड में फर्जी दस्तावेज बनाने का बड़ा रैकेट सक्रिय है।
तीन अफगानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियां इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच कर रही हैं।
मोनाजिर नामक व्यक्ति से जुड़े तार की जांच की जा रही है।
फोरेंसिक जांच के माध्यम से और सबूत जुटाए जा रहे हैं।

जमशेदपुर, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), झारखंड एटीएस और झारखंड पुलिस ने मिलकर एक बड़े फर्जी पासपोर्ट और पहचान पत्र बनाने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में तीन अफगानी नागरिकों समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तारी में तीन आरोपियों को जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र के हिंदू लाइन से, और एक अन्य को सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली थाना क्षेत्र के इस्लामनगर से पकड़ा गया। यह कार्रवाई सोमवार देर शाम को हुई। सूत्रों के अनुसार, सेंट्रल आईबी ने झारखंड में सक्रिय फर्जी पासपोर्ट रैकेट के बारे में पुख्ता जानकारी प्राप्त की थी। इसके बाद दिल्ली से आई आईबी की विशेष टीम ने झारखंड एटीएस के साथ मिलकर जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां में सामूहिक छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान रैकेट से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार किए गए अफगानी नागरिकों की पहचान मो. इश्तियाक अहमद, मो. अनवर खान और लंबू के रूप में हुई है। तीनों अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के मूल निवासी हैं और लंबे समय से जमशेदपुर में एक फ्लैट में रह रहे थे।

पूछताछ में यह बात सामने आई है कि तीनों का संबंध मोनाजिर नामक व्यक्ति से है, जिसे हाल ही में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मोनाजिर की गिरफ्तारी 25 अक्टूबर 2025 को जमशेदपुर के मानगो चौक स्थित उसके कार्यालय से हुई थी। उसके कार्यालय से पुलिस ने सात डिजिटल दस्तावेज भी जब्त किए थे। प्रारंभिक विश्लेषण में यह संकेत मिले हैं कि मोनाजिर झारखंड में बड़े पैमाने पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज बनाने का नेटवर्क चला रहा था।

पूछताछ में यह भी पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों के माध्यम से फर्जी पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय लिंक की भी जांच कर रही हैं। फिलहाल, जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि रैकेट के माध्यम से अब तक कितने लोगों को फर्जी दस्तावेज दिए गए और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम ऐसे रैकेट के खिलाफ सख्त कदम उठाएं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जमशेदपुर में फर्जी पासपोर्ट रैकेट का क्या मामला है?
जमशेदपुर में आईबी, झारखंड एटीएस और पुलिस ने मिलकर एक बड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट का पर्दाफाश किया है।
कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में कुल चार लोग गिरफ्तार हुए हैं, जिनमें तीन अफगानी नागरिक शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के तार किससे जुड़े हैं?
गिरफ्तार आरोपियों के तार मोनाजिर नामक व्यक्ति से जुड़े हैं, जिसे हाल ही में गिरफ्तार किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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