विजयदशमी 2026: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने लाल किला मैदान में दशहरा समारोह में की शिरकत, दिया एकता का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 20 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला समिति द्वारा आयोजित दशहरा समारोह में भाग लिया और देशवासियों को विजयदशमी की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का जीवंत प्रतीक है।
मुख्य संबोधन के बिंदु
समारोह को संबोधित करते हुए राधाकृष्णन ने प्रभु श्री राम के जीवन को समाज के लिए आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि राम के जीवन में मर्यादा, त्याग, प्रेम, भाईचारा, माता-पिता के प्रति आदर और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्य समाहित हैं, जो आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं। उनके अनुसार, इन आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने से मज़बूत परिवार, सामंजस्यपूर्ण समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
रावण दहन का गहरा संदेश
रावण के पुतले के दहन का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह अनुष्ठान केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अहंकार, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और अन्य नकारात्मक प्रवृत्तियों को अपने भीतर से समाप्त करने का गहरा संदेश देता है। उन्होंने आह्वान किया कि हर व्यक्ति अपने भीतर के रावण को परास्त करे और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा एकता के बंधन को और मज़बूत करे।
नशे की समस्या पर चेतावनी
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में मादक पदार्थों के दुरुपयोग की चुनौती को भी रेखांकित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि नशे का सेवन देश के युवाओं के स्वास्थ्य, क्षमता और भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। राधाकृष्णन ने युवाओं से मादक पदार्थों से दूरी बनाए रखने की अपील की और देश से इस खतरे को मिटाने के लिए सामूहिक संकल्प का आह्वान किया।
एक्स पर साझा किया संदेश
समारोह के बाद उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा: 'आज दिल्ली के लाल किले के मैदान में दशहरा समारोह में भाग लिया। दशहरा हमें याद दिलाता है कि सत्य और धर्म हमेशा बुराई पर विजय प्राप्त करते हैं। आइए हम अपने भीतर के रावण को जीतने का संकल्प लें और अहंकार, क्रोध, लोभ और अन्य नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त करें।' उन्होंने यह भी लिखा कि प्रभु श्री राम के आदर्श हमें एक सामंजस्यपूर्ण समाज और एक विकसित भारत की ओर मार्गदर्शन करते रहें।
क्या है आगे का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में विजयदशमी पर्व की धूम है और बड़े शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक रामलीला का मंचन हो रहा है। गौरतलब है कि लव कुश रामलीला समिति का यह आयोजन देश के सबसे प्रतिष्ठित दशहरा समारोहों में से एक माना जाता है, जिसमें वर्षों से राष्ट्रीय नेतृत्व की भागीदारी होती रही है। उपराष्ट्रपति का यह संदेश सामाजिक एकता और नशामुक्ति दोनों दिशाओं में राष्ट्रीय जागरूकता अभियान को बल देता है।