विजयदशमी 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी शुभकामनाएं, विकसित भारत के संकल्प का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 19 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी की पूर्व संध्या पर देश विदेश में बसे समस्त भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित कीं और एक समावेशी समाज तथा विकसित भारत के निर्माण में एकजुट होकर संकल्प लेने का आह्वान किया। उनका यह संदेश दशहरे के राष्ट्रीय उत्साह के बीच आया, जब देश भर में रावण दहन की तैयारियां अपने चरम पर हैं।
राष्ट्रपति का संदेश
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में कहा, "विजयदशमी के शुभ अवसर पर मैं देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।" उन्होंने इस पर्व को भगवान श्रीराम की रावण पर विजय के प्रतीक के रूप में रेखांकित किया और कहा कि यह त्योहार अधर्म एवं अन्याय पर धर्म और न्याय की विजय का उत्सव है।
मुर्मू ने कहा, "भारतीय संस्कृति नैतिकता और कर्तव्य के आदर्शों में निहित है।" उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सांस्कृतिक परंपराओं के महान आदर्शों को जीवंत रखते हुए एक समावेशी समाज और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। पर्व के अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों की सुख, सुस्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना भी की।
दशहरा समारोह में PM मोदी की संभावित भागीदारी
एक अलग घटनाक्रम में आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में आयोजित दशहरा समारोह में शामिल हो सकते हैं। उनकी संभावित उपस्थिति को देखते हुए विस्तृत सुरक्षा और आयोजन संबंधी तैयारियां की जा रही हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी वर्षों से राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख दशहरा समारोहों में नियमित रूप से भाग लेते आए हैं। हालांकि, पिछले वर्ष भारी वर्षा के कारण पटपड़गंज, पूर्वी दिल्ली में 2 अक्टूबर को निर्धारित उनका दौरा रद्द करना पड़ा था।
पिछले वर्षों का संदर्भ
2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू के साथ दिल्ली के लाल किले के निकट परेड ग्राउंड में श्री धार्मिक लीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला समारोह में भाग लिया था। इससे पहले 2023 और 2019 में प्रधानमंत्री ने द्वारका सेक्टर 10, दिल्ली में श्री रामलीला सोसाइटी के रावण दहन समारोह में शिरकत की थी।
विजयदशमी का राष्ट्रीय महत्व
विजयदशमी या दशहरा भारत के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो देशभर में धार्मिक उत्साह और सामाजिक एकता के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार रावण के पुतले का दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीकात्मक स्मरण कराता है। यह पर्व ऐसे समय में मनाया जा रहा है जब सरकार 'विकसित भारत' के विजन को सांस्कृतिक और नागरिक चेतना से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
राष्ट्रपति के इस संदेश के साथ देश एकता और सांस्कृतिक नवीनीकरण की भावना के साथ विजयदशमी पर्व का स्वागत करने को तैयार है।