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विजयादशमी 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने देशवासियों को दीं शुभकामनाएं

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विजयादशमी 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने देशवासियों को दीं शुभकामनाएं

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने विजयादशमी 2026 पर एक्स के जरिए देशवासियों को बधाई दी। मुर्मु ने विकसित भारत के संकल्प का आह्वान किया, जबकि राधाकृष्णन ने इसे विविधता में एकता और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 20 अक्टूबर 2026 को एक्स पर विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।
मुर्मु ने देशवासियों से विकसित भारत और समावेशी समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
राधाकृष्णन ने दशहरा को भारत की 'विविधता में एकता' की भावना का प्रतीक बताया।
दोनों संवैधानिक पदाधिकारियों ने इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में रेखांकित किया।
संदेशों में शांतिपूर्ण, समृद्ध और समावेशी भारत निर्माण की प्रेरणा दी गई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर देश-विदेश में बसे समस्त भारतीयों को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं दीं। दोनों संवैधानिक पदाधिकारियों ने अपने-अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के माध्यम से यह संदेश साझा किया।

राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश

राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने कार्यालय के एक्स हैंडल पर लिखा, 'विजयादशमी के शुभ अवसर पर, देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं।' उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की रावण पर विजय के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले इस पर्व का विशेष महत्व है और यह 'अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की विजय का उत्सव है।'

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि 'भारतीय संस्कृति, नैतिकता और कर्तव्य के आदर्शों पर आधारित है।' उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी विरासत के उच्च आदर्शों पर चलते हुए विकसित भारत एवं समावेशी समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लें। उन्होंने सभी देशवासियों के सुख, आरोग्य और कल्याण की मंगलकामना भी व्यक्त की।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का संदेश

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने कार्यालय के आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, 'दशहरा और विजयादशमी के पावन अवसर पर, मैं सभी देशवासियों और दुनिया भर में बसे भारतीयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।'

उन्होंने इस त्योहार को भारत की 'समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, साझा सभ्यतागत मूल्यों और विविधता में एकता की स्थायी भावना' का प्रतीक बताया। राधाकृष्णन ने कहा कि ये त्योहार 'बुराई पर अच्छाई की शाश्वत जीत की याद दिलाते हैं और सत्य, धर्म तथा न्याय में विश्वास को सुदृढ़ करते हैं।'

पर्व का सामाजिक महत्व

उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ये त्योहार 'सद्भाव और भाईचारे के बंधन को मजबूत करें' और देशवासियों को एक 'शांतिपूर्ण, समृद्ध तथा समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करें।' गौरतलब है कि विजयादशमी पूरे देश में विविध परंपराओं और क्षेत्रीय रीतियों के साथ पूरी श्रद्धा और उत्साह से मनाई जाती है।

क्या होगा आगे

विजयादशमी के साथ ही देशभर में दुर्गा पूजा पंडालों का विसर्जन और रावण दहन के भव्य आयोजन संपन्न होंगे। यह पर्व दीपावली उत्सव की शुरुआत का भी संकेत देता है, जो अगले कुछ सप्ताहों में मनाई जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु इस वर्ष राष्ट्रपति मुर्मु ने 'विकसित भारत' का उल्लेख कर इसे सरकारी नीतिगत भाषा से जोड़ा — जो महज औपचारिक बधाई से आगे जाती है। उपराष्ट्रपति का 'विविधता में एकता' पर ज़ोर इस समय उल्लेखनीय है, जब सामाजिक सौहार्द को लेकर राष्ट्रीय विमर्श में तनाव दिखता है। हालाँकि ये संदेश नीतिगत घोषणाएं नहीं हैं, राष्ट्र के सर्वोच्च संवैधानिक पदों से आने वाले प्रतीकात्मक संकेतों की अपनी अहमियत होती है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजयादशमी 2026 पर राष्ट्रपति मुर्मु ने क्या संदेश दिया?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 20 अक्टूबर 2026 को एक्स पर देश-विदेश के सभी भारतीयों को विजयादशमी की बधाई दी। उन्होंने देशवासियों से विकसित भारत और समावेशी समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने दशहरे पर क्या कहा?
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने दशहरा और विजयादशमी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और 'विविधता में एकता' की स्थायी भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ये त्योहार सत्य, धर्म और न्याय में विश्वास को सुदृढ़ करते हैं।
विजयादशमी का पर्व क्यों मनाया जाता है?
विजयादशमी प्रभु श्रीराम की रावण पर विजय के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। यह पर्व अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की विजय का उत्सव माना जाता है।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने अपना संदेश किस माध्यम से दिया?
दोनों संवैधानिक पदाधिकारियों ने अपने-अपने कार्यालय के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के माध्यम से यह संदेश साझा किया।
विजयादशमी के बाद देश में कौन-से प्रमुख पर्व आने वाले हैं?
विजयादशमी के बाद देशभर में रावण दहन और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के आयोजन होते हैं। इसके बाद अगले कुछ सप्ताहों में दीपावली का महापर्व मनाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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