क्या राष्ट्रपति मुर्मू, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और पीएम मोदी ने विजयादशमी की शुभकामनाएं दी?

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क्या राष्ट्रपति मुर्मू, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और पीएम मोदी ने विजयादशमी की शुभकामनाएं दी?

सारांश

राष्ट्रपति मुर्मू, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और पीएम मोदी ने विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं, इस पर्व का महत्व बुराई पर अच्छाई की जीत से जुड़ा है। आइए जानते हैं इस पर्व का संदेश और मानवीय मूल्य क्या हैं।

मुख्य बातें

विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
यह हमें सत्य, धर्म और न्याय की ओर अग्रसर करता है।
समाज में सद्भाव और एकता को बढ़ावा देने का संदेश देता है।
यह पर्व हमें नकारात्मक प्रवृत्तियों को त्यागने की प्रेरणा देता है।
विजयादशमी सभी के लिए खुशी , शांति और समृद्धि लाने का पर्व है।

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सभी देशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पर्व को बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक बताया और समाज में सत्य, धर्म, न्याय और सद्भाव को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "विजयादशमी के इस पावन अवसर पर, मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक, विजयादशमी का त्योहार हमें सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में रावण दहन तथा दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व भारत के जीवन-मूल्यों को दर्शाता है। यह त्योहार हमें क्रोध और अहंकार जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों को त्यागने तथा संघर्ष एवं शौर्य जैसी सकारात्मक प्रवृत्तियों को अपनाने का संदेश देता है।"

उन्होंने आगे कहा, "मेरी कामना है कि यह पर्व हमें एक ऐसे समाज और देश के निर्माण के लिए प्रेरित करे, जहां सभी लोग न्याय, समानता और सद्भाव के साथ मिलकर जीवन में आगे बढ़ते रहें।"

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी देशवासियों को विजयादशमी की बधाई दी।

उपराष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स पर लिखा, "विजयादशमी के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है और हमें सत्य, धर्म और साहस के स्थायी मूल्यों की याद दिलाता है। यह हम सभी को ईमानदारी के साथ कार्य करने, न्याय को बनाए रखने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करता है। मेरी कामना है कि विजयादशमी सभी के लिए खुशी, शांति और समृद्धि लाए और देश की सेवा के लिए हमारे संकल्प को और मजबूत करे।"

पीएम मोदी ने विजयादशमी की बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "विजयादशमी बुराई और असत्य पर अच्छाई और सत्य की विजय का प्रतीक है। मेरी कामना है कि इस पावन अवसर पर हर किसी को साहस, बुद्धि और भक्ति के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने की प्रेरणा मिले। देशभर के मेरे परिवारजनों को विजयादशमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

नेताओं ने समाज में सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमें एकजुटता, धर्म, और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजयादशमी कब मनाई जाती है?
विजयादशमी हर साल दशहरे के दिन, जो कि आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाई जाती है।
इस पर्व का क्या महत्व है?
विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और यह हमें सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
क्या रावण दहन का आयोजन हर जगह होता है?
हां, भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रावण दहन का आयोजन बड़े धूमधाम से किया जाता है।
विजयादशमी के अवसर पर क्या विशेष पूजा की जाती है?
इस दिन देवी दुर्गा की पूजा की जाती है और रावण का पुतला जलाया जाता है।
विजयादशमी का क्या संदेश है?
यह पर्व हमें संघर्ष, साहस और सकारात्मकता के रास्ते पर चलने का संदेश देता है।
राष्ट्र प्रेस
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