क्या कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ 'फर्जी विरोध' में शामिल नहीं होगा, सीएम विजयन भाजपा के साथ मिले हुए हैं?
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तिरुवनंतपुरम, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ केंद्र सरकार के खिलाफ एलडीएफ के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन में शामिल नहीं होगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अगुवाई वाली केरल सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह आंदोलन फर्जी है। इसका मकसद भाजपा के साथ कथित राजनीतिक समझ को छिपाना है।
सोमवार को मीडिया से बातचीत में वीडी सतीशन ने कहा कि मुख्यमंत्री विजयन और उनकी सरकार दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने पूरी तरह नतमस्तक रहते हैं, लेकिन केरल में खुद को केंद्र सरकार के खिलाफ लड़ने वाला बताकर जनता को गुमराह करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, "यह वही सरकार है जो बाहर विरोध करती है, लेकिन अंदर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के सामने रखे गए कागजों पर दस्तखत कर देती है।"
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं, खासकर 'पीएम श्री' योजना को लेकर केरल सरकार का रवैया पहले ही उसकी दोहरी नीति को उजागर कर चुका है।
उन्होंने कहा कि अगर यूडीएफ ऐसे किसी आंदोलन में शामिल होता है, तो उसकी साख भी प्रभावित होगी। इसी कारण कांग्रेस नीत यूडीएफ ने इस विरोध प्रदर्शन से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है।
वीडी सतीशन ने केंद्र की भाजपा नेतृत्व और केरल की सत्तारूढ़ सीपीआई-एम के बीच 'अपवित्र समझौते' का आरोप भी लगाया और कहा कि दोनों दल एक-दूसरे को कानूनी परेशानियों से बचाने के लिए आपसी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं।
उन्होंने सीपीआई-एम पर राज्य में बहुसंख्यक सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया और कहा कि यह नीति भाजपा की राह पर चलने जैसी है।
सतीशन के अनुसार, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने खुद वेल्लप्पल्ली नटेशन के नफरत भरे भाषणों को बढ़ावा दिया और बाद में एके बालन के बयानों से यह पैटर्न और स्पष्ट हो गया।
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि सीपीआई-एम ने संघ परिवार की रणनीति अपनाते हुए धार्मिक विभाजन का राजनीतिक लाभ उठाना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा, "पिछले लोकसभा चुनाव के बाद सीपीआई-एम ने अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने से हटकर बहुसंख्यक सांप्रदायिकता की ओर रुख किया है। मौजूदा विरोध प्रदर्शन इसी सच्चाई से ध्यान भटकाने की कोशिश है।"
वीडी सतीशन ने यह भी दोहराया कि मुख्यमंत्री विजयन का राजनीतिक उदय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के समर्थन से हुआ है।
उन्होंने कहा, "किसी भी कांग्रेस विधायक ने आरएसएस या भाजपा के समर्थन से विधानसभा में कदम नहीं रखा, जबकि विजयन ने ऐसा किया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी विजयन के आरएसएस नेताओं से गुप्त संपर्क रहे हैं।