राहुल गांधी का फिर से सीएम विजयन पर हमला: केरल चुनाव में ताजा वार
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी का चुनावी हमला विजयन पर।
- सीपीआई(एम) और भाजपा के बीच समझौते का आरोप।
- केरल की राजनीति में नए बदलावों की संभावना।
पालक्काड, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर कड़ा हमला किया। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, उन्होंने एक ही दिन में दो बार मुख्यमंत्री को घेरा।
पहला हमला त्रिशूर में और दूसरा पालक्काड में हुआ, जहां राहुल ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ सीपीआई(एम) और भाजपा के बीच एक गुप्त समझौता है।
राहुल ने स्पष्ट किया कि केरल की राजनीति अब केवल दो-तरफा लड़ाई नहीं रह गई है, बल्कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ अकेले सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ और भाजपा दोनों के खिलाफ संघर्ष कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि केरल में सरकारी प्रचार सिर्फ मुख्यमंत्री के चारों ओर घूमता है, और उन्हें ही राज्य का सक्षम नेता बताया जा रहा है।
राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की तुलना विजयन से की और आरोप लगाया कि दोनों एक-दूसरे को बचा रहे हैं।
उन्होंने वाम सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह अब 'पूंजीवादी समर्थक सरकार' बन गई है, जो अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है।
राहुल ने दावा किया कि कई पूर्व वाम नेता अब यूडीएफ के साथ चुनाव लड़ रहे हैं, जो एलडीएफ में असंतोष को दर्शाता है। इसमें पूर्व मंत्री जी. सुधाकरन भी शामिल हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जमीनी स्तर पर वाम समर्थक निराश हैं, और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के बढ़ते अहंकार को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने सवाल उठाया कि केरल में भाजपा सीधे विजयन पर हमला क्यों नहीं कर रही और सबरीमाला सोने की स्मगलिंग जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी क्यों चुप हैं।
राहुल ने केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय उनके खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन मुख्यमंत्री के परिवार से सवाल क्यों नहीं किए जाते।
उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लगातार हमलों के बावजूद, उन्हें केरल के लोगों का समर्थन मिल रहा है, जिसमें यूडीएफ और एलडीएफ के कुछ समर्थक भी शामिल हैं।