भाजपा ने शिवराज के नेतृत्व में बिहार का नया सीएम चुनने के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया
सारांश
Key Takeaways
- शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
- भाजपा का निर्णय विधायक दल के नेता के चुनाव को गति देगा।
- नीतीश कुमार ने राज्यसभा में शपथ ली है।
- नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
- बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण परिवर्तन की शुरुआत।
नई दिल्ली, १२ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार के नए मुख्यमंत्री का चयन करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। भाजपा ने विधायक दल का नेता चुनने हेतु केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को नियुक्त किया है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में, पार्टी यह तय करेगी कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस बात की जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने दी।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भाजपा के संसदीय बोर्ड ने बिहार में पार्टी विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी, जो नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं, ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने के संकेत दिए और कहा कि भाजपा को मुख्यमंत्री के नाम की सिफारिश करनी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री के नाम की सिफारिश भाजपा की जिम्मेदारी है, जिसके बाद एनडीए विधायकों की बैठक होगी, जिसमें एनडीए का विधायक दल अपना नेता चुनेगा।
ज्ञात हो कि लगभग दो दशकों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। उन्हें नई दिल्ली में राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने शपथ दिलाई।
इस दौरान राज्यसभा में नेता सदन और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कांग्रेस के जयराम रमेश, जेडीयू और भाजपा के कई नेता उपस्थित थे। नीतीश कुमार के इस शपथग्रहण के साथ ही बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक परिवर्तन की शुरुआत हो गई है। बता दें कि नीतीश कुमार पहले राज्य विधान परिषद के सदस्य थे, लेकिन राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने ३० मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
नीतीश कुमार मार्च महीने में संसद के उच्च सदन के लिए बिहार से निर्वाचित हुए थे। वह लगभग दो दशक तक बिहार में सत्ता के केंद्र में रहे हैं और साथ ही जनता दल यूनाइटेड के मुखिया भी हैं।