बलूचिस्तान के बरखान में DSP मुरीद बुगती की गोली मारकर हत्या, मुठभेड़ में कांस्टेबल घायल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के बरखान जिले में 29 जुलाई को हथियारबंद हमलावरों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में डीएसपी मुरीद बुगती की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गया। बलूचिस्तान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हमलावरों ने गश्त पर निकले डीएसपी के वाहन को निशाना बनाया और उन्हें अगवा करने की भी कोशिश की।
मुख्य घटनाक्रम
बरखान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अब्दुल हक ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और हमलावरों का पीछा शुरू किया। इस पीछा अभियान के दौरान दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें डीएसपी बुगती की मौत हो गई। एसपी हक के अनुसार, सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
केच और खुजदार में मजदूरों का अपहरण
इसी दौरान बलूचिस्तान के केच जिले में हथियारबंद हमलावरों ने एक निजी निर्माण कंपनी के सात मजदूरों का अपहरण कर लिया। गृह विभाग के सहायक अधिकारी बाबर यूसुफजई के अनुसार, बंधकों में से एक व्यक्ति की अपहरणकर्ताओं ने हत्या कर दी। एक अन्य घटना में खुजदार जिले में बंदूकधारियों ने उसी निर्माण कंपनी के चार अन्य कर्मचारियों को अगवा कर लिया।
बन्नू में पुलिस थाने पर विस्फोटक वाहन से हमला
इस महीने की शुरुआत में खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू और लोअर दीर जिलों में हुए हमलों में कम से कम दो पुलिसकर्मी मारे गए और 26 लोग घायल हुए, जिनमें 22 पुलिसकर्मी शामिल थे। बन्नू के मिरयाब पुलिस स्टेशन पर विस्फोटक से लदे वाहन के ज़रिए हमला किया गया। जिला पुलिस अधिकारी कैप्टन (सेवानिवृत्त) मुहम्मद फरकान बिलाल ने बताया कि हमलावर विस्फोटक से भरे वाहन को थाने के अंदर ले जाने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद विस्फोट हुआ और सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी शुरू हो गई।
सूत्रों के हवाले से बताया गया कि हमले से पहले हमलावरों ने थाने तक जाने वाली सड़क पर पुल को निशाना बनाया, ताकि पुलिस और बचाव दल मौके तक न पहुँच सकें। प्रतिबंधित संगठन इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि विस्फोटक वाहन में करीब ढाई टन विस्फोटक था।
बढ़ते हमलों का व्यापक संदर्भ
यह घटनाएँ ऐसे समय सामने आई हैं जब पाकिस्तान में सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा — दोनों सीमावर्ती प्रांत — इस हिंसा के केंद्र बने हुए हैं। गौरतलब है कि बलूचिस्तान में अलगाववादी और सशस्त्र समूहों की सक्रियता लंबे समय से पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है।
आगे की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, बरखान में हमलावरों की तलाश जारी है। केच और खुजदार में अपहृत मजदूरों की बरामदगी के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इन हमलों की बढ़ती आवृत्ति पाकिस्तान के भीतर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।