29 जुलाई 2026
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बलूचिस्तान के बरखान में DSP मुरीद बुगती की गोली मारकर हत्या, मुठभेड़ में कांस्टेबल घायल

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बलूचिस्तान के बरखान में DSP मुरीद बुगती की गोली मारकर हत्या, मुठभेड़ में कांस्टेबल घायल

सारांश

बलूचिस्तान के बरखान में DSP मुरीद बुगती की मुठभेड़ में हत्या, केच में 7 मजदूरों का अपहरण और एक की हत्या, खुजदार में 4 कर्मचारी अगवा — और बन्नू में ढाई टन विस्फोटक से थाने पर हमला। पाकिस्तान के सीमावर्ती प्रांतों में सुरक्षा बलों पर हमलों की यह श्रृंखला गहराते संकट की तस्वीर पेश करती है।

मुख्य बातें

डीएसपी मुरीद बुगती की 29 जुलाई को बलूचिस्तान के बरखान जिले में मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से मौत हो गई।
हमलावरों ने गश्त पर निकले डीएसपी के वाहन पर गोलीबारी की और उन्हें अगवा करने की कोशिश की; एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ।
केच जिले में 7 मजदूरों का अपहरण; अपहरणकर्ताओं ने एक बंधक की हत्या कर दी।
खुजदार में 4 कर्मचारी अगवा।
बन्नू के मिरयाब पुलिस स्टेशन पर विस्फोटक वाहन से हमले में 2 पुलिसकर्मी मारे गए , 26 घायल ।
प्रतिबंधित संगठन इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन ने बन्नू हमले की जिम्मेदारी ली; दावा — वाहन में ढाई टन विस्फोटक था।
बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों पर हमलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के बरखान जिले में 29 जुलाई को हथियारबंद हमलावरों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में डीएसपी मुरीद बुगती की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गया। बलूचिस्तान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हमलावरों ने गश्त पर निकले डीएसपी के वाहन को निशाना बनाया और उन्हें अगवा करने की भी कोशिश की।

मुख्य घटनाक्रम

बरखान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अब्दुल हक ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और हमलावरों का पीछा शुरू किया। इस पीछा अभियान के दौरान दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें डीएसपी बुगती की मौत हो गई। एसपी हक के अनुसार, सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

केच और खुजदार में मजदूरों का अपहरण

इसी दौरान बलूचिस्तान के केच जिले में हथियारबंद हमलावरों ने एक निजी निर्माण कंपनी के सात मजदूरों का अपहरण कर लिया। गृह विभाग के सहायक अधिकारी बाबर यूसुफजई के अनुसार, बंधकों में से एक व्यक्ति की अपहरणकर्ताओं ने हत्या कर दी। एक अन्य घटना में खुजदार जिले में बंदूकधारियों ने उसी निर्माण कंपनी के चार अन्य कर्मचारियों को अगवा कर लिया।

बन्नू में पुलिस थाने पर विस्फोटक वाहन से हमला

इस महीने की शुरुआत में खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू और लोअर दीर जिलों में हुए हमलों में कम से कम दो पुलिसकर्मी मारे गए और 26 लोग घायल हुए, जिनमें 22 पुलिसकर्मी शामिल थे। बन्नू के मिरयाब पुलिस स्टेशन पर विस्फोटक से लदे वाहन के ज़रिए हमला किया गया। जिला पुलिस अधिकारी कैप्टन (सेवानिवृत्त) मुहम्मद फरकान बिलाल ने बताया कि हमलावर विस्फोटक से भरे वाहन को थाने के अंदर ले जाने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद विस्फोट हुआ और सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी शुरू हो गई।

सूत्रों के हवाले से बताया गया कि हमले से पहले हमलावरों ने थाने तक जाने वाली सड़क पर पुल को निशाना बनाया, ताकि पुलिस और बचाव दल मौके तक न पहुँच सकें। प्रतिबंधित संगठन इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि विस्फोटक वाहन में करीब ढाई टन विस्फोटक था।

बढ़ते हमलों का व्यापक संदर्भ

यह घटनाएँ ऐसे समय सामने आई हैं जब पाकिस्तान में सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा — दोनों सीमावर्ती प्रांत — इस हिंसा के केंद्र बने हुए हैं। गौरतलब है कि बलूचिस्तान में अलगाववादी और सशस्त्र समूहों की सक्रियता लंबे समय से पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है।

आगे की स्थिति

अधिकारियों के अनुसार, बरखान में हमलावरों की तलाश जारी है। केच और खुजदार में अपहृत मजदूरों की बरामदगी के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इन हमलों की बढ़ती आवृत्ति पाकिस्तान के भीतर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दो जिलों में मजदूरों का अपहरण और बन्नू में थाने पर विस्फोटक वाहन से हमला — यह संयोग नहीं, एक सुनियोजित रणनीति की झलक है जो सुरक्षा बलों के मनोबल और राज्य की उपस्थिति को एक साथ चुनौती देती है। पाकिस्तान सरकार वर्षों से इन प्रांतों में 'ऑपरेशन' की घोषणाएँ करती रही है, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि सशस्त्र समूह न केवल टिके हुए हैं, बल्कि निर्माण कर्मचारियों जैसे नागरिक लक्ष्यों तक अपनी पहुँच बढ़ा रहे हैं। विकास परियोजनाओं पर काम करने वाले मजदूरों का अपहरण यह भी संकेत देता है कि हिंसा अब केवल सुरक्षा बलों तक सीमित नहीं — यह आर्थिक गतिविधि को भी निशाना बना रही है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरखान में DSP मुरीद बुगती की हत्या कैसे हुई?
बलूचिस्तान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, डीएसपी मुरीद बुगती 29 जुलाई को बरखान जिले में गश्त पर थे, तभी हथियारबंद हमलावरों ने उनके वाहन पर गोलीबारी की और उन्हें अगवा करने की कोशिश की। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर हुई मुठभेड़ में डीएसपी की मौत हो गई और एक कांस्टेबल घायल हुआ।
केच और खुजदार में मजदूरों के अपहरण की क्या स्थिति है?
केच जिले में हथियारबंद हमलावरों ने एक निजी निर्माण कंपनी के सात मजदूरों का अपहरण किया, जिनमें से एक की अपहरणकर्ताओं ने हत्या कर दी — यह जानकारी गृह विभाग के सहायक अधिकारी बाबर यूसुफजई ने दी। खुजदार जिले में उसी कंपनी के चार अन्य कर्मचारियों को भी अगवा किया गया।
बन्नू पुलिस स्टेशन पर हमले में क्या हुआ?
खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू स्थित मिरयाब पुलिस स्टेशन पर इस महीने की शुरुआत में विस्फोटक से लदे वाहन के ज़रिए हमला किया गया, जिसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए और 26 लोग घायल हुए। प्रतिबंधित संगठन इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन ने जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि वाहन में करीब ढाई टन विस्फोटक था।
बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों पर हमले क्यों बढ़ रहे हैं?
बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में सशस्त्र समूह लंबे समय से सक्रिय हैं और सुरक्षा बलों तथा विकास परियोजनाओं को निशाना बनाते रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन क्षेत्रों में राज्य की उपस्थिति को कमज़ोर करना और आर्थिक गतिविधियों को बाधित करना इन समूहों की रणनीति का हिस्सा है।
बरखान हमले के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बल क्या कदम उठा रहे हैं?
बरखान के पुलिस अधीक्षक अब्दुल हक के अनुसार, सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। केच और खुजदार में भी अपहृत मजदूरों की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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