पेपर लीक विधेयक पर TMC का सरकार को घेराव, सौगत रॉय बोले — 'विपक्ष ने जोरदार विरोध दर्ज कराया'
सारांश
मुख्य बातें
संसद में 29 जुलाई को पेपर लीक से जुड़े विधेयक पर करीब नौ घंटे चली बहस के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सरकार पर तीखा हमला बोला। TMC सांसद सौगत रॉय और कीर्ति आजाद ने क्रमशः कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के बयानों का खुलकर समर्थन किया, जबकि केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल उठाए।
पेपर लीक बहस पर TMC का आकलन
सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'विपक्ष ने अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी। मेरी राय में विपक्ष ने जोरदार विरोध दर्ज कराया।' उन्होंने कहा कि बहस में दो प्रमुख मुद्दे उठे — राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षाएं कराने में नाकामी, और प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की कथित ज्यादतियाँ। रॉय ने यह भी रेखांकित किया कि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को 'कैमरे का एंगल बदलने के बजाय अपने दिल का नजरिया बदलना चाहिए।'
रॉय ने माना कि सरकार ने भी अपना पक्ष रखने की कोशिश की, लेकिन उनके अनुसार 'सत्ता पक्ष अपनी बात प्रभावी ढंग से नहीं रख सका।'
NEET पेपर लीक और CBI चार्जशीट
CBI द्वारा NEET पेपर लीक मामले में चार्जशीट दाखिल किए जाने पर सौगत रॉय ने कहा, 'यह साफ है कि पेपर लीक पुणे से शुरू हुआ। वहाँ एक कनेक्शन था और वहीं से यह राजस्थान के सीकर पहुँचा और फिर पूरे देश में फैल गया।' उन्होंने कहा कि असल ज़िम्मेदारी 'आखिरकार सामने आ ही जाएगी।' गौरतलब है कि NEET विवाद इस वर्ष संसद के सबसे गर्म मुद्दों में से एक रहा है और लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है।
राहुल गांधी के बयान पर TMC का समर्थन
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर की गई टिप्पणी के संदर्भ में सौगत रॉय ने कहा, 'राहुल गांधी ने बिल्किस बानो मामले में रिहा किए गए लोगों का मुद्दा उठाया।' उन्होंने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया कि मौजूदा शिक्षा मंत्री ने कथित तौर पर उन लोगों के समर्थन में बात की जिन्हें उस मामले में दोषी ठहराया गया था। रॉय ने कहा कि 'इस पर सरकार को जवाब देना पड़ेगा।'
सावरकर-बोस विवाद और धर्मेंद्र प्रधान की आलोचना
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के सुभाष चंद्र बोस और वीडी सावरकर संबंधी बयानों पर TMC सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, 'प्रियांक खड़गे ने सही कहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इतिहास और शिक्षा व्यवस्था बदलना चाहती है।' आजाद ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भी आलोचना की। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को लेकर अतीत में हुई कुछ घटनाओं का हवाला देते हुए कार्रवाई की माँग की।
TMC के 'बागी' सांसदों पर कीर्ति आजाद का कड़ा रुख
पार्टी के भीतर विद्रोह के सवाल पर कीर्ति आजाद ने कड़े शब्दों में कहा, 'ये बागी नहीं, गद्दार हैं।' उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने अभी तक उन्हें अलग मान्यता नहीं दी है और जो लोग TMC के साथ 'गद्दारी' कर रहे हैं, उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पार्टी अनुशासन और गठबंधन राजनीति दोनों मोर्चों पर TMC दबाव में है।