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पेपर लीक विधेयक पर तेजस्वी सूर्या का विपक्ष पर हमला: 'युवा आपके साथ हैं, यह सबसे बड़ी गलतफहमी है'

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पेपर लीक विधेयक पर तेजस्वी सूर्या का विपक्ष पर हमला: 'युवा आपके साथ हैं, यह सबसे बड़ी गलतफहमी है'

सारांश

लोकसभा में पेपर लीक संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान BJP सांसद तेजस्वी सूर्या ने 'जेन-जी' भाषा में विपक्ष को चुनौती दी — कहा, युवाओं का समर्थन विपक्ष के पास है, यह मानना महज भ्रम है। UPA की निष्क्रियता, NEP की अनदेखी और SP के नकल-रोधी कानून हटाने पर भी हमला बोला।

मुख्य बातें

BJP सांसद तेजस्वी सूर्या ने 28 जुलाई 2026 को लोकसभा में लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक 2026 पर बहस में विपक्ष पर तीखा हमला किया।
सूर्या ने कहा कि पेपर लीक पर सज़ा न मिलने का कारण UPA सरकार का 2010 में कोई कानून न बनाना था।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का हवाला देते हुए कांग्रेस पर 34 वर्षों तक NEP न लागू करने का आरोप लगाया।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर छात्र-प्रदर्शनों से गैर-मौजूदगी और 'FOMO' का आरोप लगाया।
समाजवादी पार्टी पर 1991-92 में BJP द्वारा बनाए नकल-रोधी कानून को सत्ता में आने के बाद हटाने का आरोप।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने 28 जुलाई 2026 को लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026' पर बहस के दौरान विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। सूर्या ने 'जेन-जी' शब्दावली का प्रयोग करते हुए कहा कि यह मानना कि युवा विपक्षी दलों के साथ खड़े हैं, इससे बड़ी कोई भ्रांति नहीं हो सकती।

विधेयक पर BJP का पक्ष

सूर्या ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि पेपर लीक के दोषियों को अब तक सज़ा इसलिए नहीं मिली क्योंकि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार ने 2010 में इस विषय पर कोई कानून नहीं बनाया। उन्होंने कहा, "छात्रों को समाधान चाहिए, नारे नहीं — और यह विधेयक वही समाधान देता है। इसमें 30 साल की देरी हुई है, लेकिन देश के इतिहास में पहली बार ऐसा कानून पारित हो रहा है।"

इसी बहस में BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कानूनी समाधान देकर इसे संभव बनाया है।

कांग्रेस और प्रियंका गांधी पर निशाना

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के 'सज़ा न होने' संबंधी सवाल का जवाब देते हुए सूर्या ने कहा कि इस अपराध से निपटने के लिए कोई विशेष कानून न होने के कारण दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पिछले 34 वर्षों तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू नहीं की, जिससे शिक्षा प्रणाली में मौलिक सोच का अभाव बना रहा।

सूर्या ने कहा, "रटकर सीखने की आदत भारत की शिक्षा प्रणाली का ढाँचा बन गई थी, लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से इस प्रणाली में आमूल बदलाव लाया जा रहा है।"

राहुल गांधी और विपक्ष के नेता पर सवाल

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सूर्या ने उनकी छात्र-विरोध प्रदर्शनों से कथित गैर-मौजूदगी का उल्लेख किया और उन पर 'FOMO' (Fear of Missing Out) का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "वह सुर्खियों में आने के लिए प्रधानमंत्री आवास के निकट धरने पर बैठे थे।"

राजस्थान और उत्तर प्रदेश का संदर्भ

सूर्या ने राजस्थान में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कथित रीट पेपर लीक का भी उल्लेख किया। समाजवादी पार्टी (SP) सांसद अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने याद दिलाया कि 1991-1992 में उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने नकल-रोधी कानून लागू किया था। उन्होंने आरोप लगाया, "समाजवादी पार्टी ने इस कानून का विरोध किया था और सत्ता में आने के बाद इसे हटा दिया — उन्होंने गड़बड़ी को संस्थागत बना दिया था।"

युवाओं पर विपक्ष का दावा: सूर्या का खंडन

बहस के अंत में सूर्या ने 'जेन-जी' अंदाज़ में कहा, "इस मुद्दे की वजह से विपक्ष को लगता है कि युवा उनके साथ हैं — इससे बड़ी गलतफहमी और कोई नहीं हो सकती।" उनका यह बयान सदन में चर्चा का केंद्र बन गया। यह विधेयक पारित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्रियान्वयन होगा। पेपर लीक की समस्या केवल कानून की अनुपस्थिति से नहीं, बल्कि परीक्षा-तंत्र की संरचनागत कमज़ोरियों से भी जुड़ी है, जिस पर सत्तापक्ष ने बहस में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। UPA की निष्क्रियता को कटघरे में खड़ा करना राजनीतिक दृष्टि से सुविधाजनक है, परंतु यह सवाल भी उठता है कि 2014 के बाद के वर्षों में यह विधेयक क्यों नहीं आया। 30 साल की देरी का श्रेय लेना और उसकी ज़िम्मेदारी केवल विपक्ष पर डालना — यह आधी तस्वीर है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक 2026 क्या है?
यह विधेयक पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग पर कड़ी सज़ा का प्रावधान करता है। BJP सांसद तेजस्वी सूर्या के अनुसार, यह देश के इतिहास में इस विषय पर बनने वाला पहला विशेष कानून है।
तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
सूर्या ने कहा कि UPA सरकार ने 2010 में पेपर लीक रोकने का कोई कानून नहीं बनाया, जिससे दोषियों को सज़ा नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष 34 वर्षों तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में विफल रहा।
राहुल गांधी पर सूर्या ने क्या टिप्पणी की?
सूर्या ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी छात्र-विरोध प्रदर्शनों में अनुपस्थित रहे और सुर्खियों के लिए प्रधानमंत्री आवास के निकट धरने पर बैठे। उन्होंने इसे 'FOMO' (Fear of Missing Out) की राजनीति बताया।
समाजवादी पार्टी पर सूर्या ने क्या कहा?
सूर्या ने कहा कि 1991-92 में उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह की BJP सरकार ने नकल-रोधी कानून बनाया था, लेकिन समाजवादी पार्टी ने सत्ता में आने के बाद उसे हटा दिया और गड़बड़ी को संस्थागत रूप दे दिया।
क्या यह विधेयक युवाओं की समस्याओं का समाधान करेगा?
BJP का तर्क है कि यह विधेयक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही लाएगा। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि केवल कानून बनाने से परीक्षा-तंत्र की संरचनागत कमज़ोरियाँ दूर नहीं होंगी — क्रियान्वयन की निगरानी ज़रूरी होगी।
राष्ट्र प्रेस
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