पेपर लीक विधेयक पर तेजस्वी सूर्या का विपक्ष पर हमला: 'युवा आपके साथ हैं, यह सबसे बड़ी गलतफहमी है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने 28 जुलाई 2026 को लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026' पर बहस के दौरान विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। सूर्या ने 'जेन-जी' शब्दावली का प्रयोग करते हुए कहा कि यह मानना कि युवा विपक्षी दलों के साथ खड़े हैं, इससे बड़ी कोई भ्रांति नहीं हो सकती।
विधेयक पर BJP का पक्ष
सूर्या ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि पेपर लीक के दोषियों को अब तक सज़ा इसलिए नहीं मिली क्योंकि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार ने 2010 में इस विषय पर कोई कानून नहीं बनाया। उन्होंने कहा, "छात्रों को समाधान चाहिए, नारे नहीं — और यह विधेयक वही समाधान देता है। इसमें 30 साल की देरी हुई है, लेकिन देश के इतिहास में पहली बार ऐसा कानून पारित हो रहा है।"
इसी बहस में BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कानूनी समाधान देकर इसे संभव बनाया है।
कांग्रेस और प्रियंका गांधी पर निशाना
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के 'सज़ा न होने' संबंधी सवाल का जवाब देते हुए सूर्या ने कहा कि इस अपराध से निपटने के लिए कोई विशेष कानून न होने के कारण दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पिछले 34 वर्षों तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू नहीं की, जिससे शिक्षा प्रणाली में मौलिक सोच का अभाव बना रहा।
सूर्या ने कहा, "रटकर सीखने की आदत भारत की शिक्षा प्रणाली का ढाँचा बन गई थी, लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से इस प्रणाली में आमूल बदलाव लाया जा रहा है।"
राहुल गांधी और विपक्ष के नेता पर सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सूर्या ने उनकी छात्र-विरोध प्रदर्शनों से कथित गैर-मौजूदगी का उल्लेख किया और उन पर 'FOMO' (Fear of Missing Out) का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "वह सुर्खियों में आने के लिए प्रधानमंत्री आवास के निकट धरने पर बैठे थे।"
राजस्थान और उत्तर प्रदेश का संदर्भ
सूर्या ने राजस्थान में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कथित रीट पेपर लीक का भी उल्लेख किया। समाजवादी पार्टी (SP) सांसद अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने याद दिलाया कि 1991-1992 में उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने नकल-रोधी कानून लागू किया था। उन्होंने आरोप लगाया, "समाजवादी पार्टी ने इस कानून का विरोध किया था और सत्ता में आने के बाद इसे हटा दिया — उन्होंने गड़बड़ी को संस्थागत बना दिया था।"
युवाओं पर विपक्ष का दावा: सूर्या का खंडन
बहस के अंत में सूर्या ने 'जेन-जी' अंदाज़ में कहा, "इस मुद्दे की वजह से विपक्ष को लगता है कि युवा उनके साथ हैं — इससे बड़ी गलतफहमी और कोई नहीं हो सकती।" उनका यह बयान सदन में चर्चा का केंद्र बन गया। यह विधेयक पारित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।