सेंसेक्स 367 अंक उछला, निफ्टी आईटी 2% की बढ़त के साथ टॉप गेनर — 17 जुलाई बाज़ार अपडेट
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाज़ार ने शुक्रवार, 17 जुलाई को तेज़ी के साथ कारोबार की शुरुआत की। सुबह 9:16 बजे IST पर बीएसई सेंसेक्स 367 अंक (0.48%) की बढ़त के साथ 77,554 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 90 अंक (0.38%) की मज़बूती के साथ 24,163 पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती सत्र में तेज़ी की अगुवाई आईटी शेयरों ने की, जो वैश्विक बाज़ारों में मिले-जुले संकेतों के बावजूद निवेशकों की पहली पसंद बने।
मुख्य घटनाक्रम: कौन से सूचकांक किस रंग में
शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी 2% की उछाल के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा। इसके अलावा निफ्टी ऑटो, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी ऑयल एंड गैस भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
दूसरी ओर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी लाल निशान में बने रहे, जो दर्शाता है कि तेज़ी चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित रही।
टॉप गेनर्स और लूज़र्स
सेंसेक्स पैक में इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), मारुति सुज़ुकी, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), इंडिगो, बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स बढ़त में थे।
वहीं, इटरनल, सन फार्मा, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट और भारती एयरटेल गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
रुपये की कमज़ोरी और विशेषज्ञों की राय
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, बाज़ार के एक सीमित दायरे में बने रहने का रुझान आगे भी जारी रह सकता है। इस सप्ताह भारतीय रुपये पर दबाव बना रहा — यह एशिया की सबसे कमज़ोर मुद्राओं में शामिल रही और इसमें 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर के कारण वाणिज्यिक बैंकों द्वारा FCNR-B डिपॉज़िट जुटाने का काम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा, जिसका सीधा असर रुपये की चाल पर पड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर मुद्रा बाज़ारों में अनिश्चितता बनी हुई है।
वैश्विक बाज़ारों का हाल
वैश्विक मोर्चे पर कमज़ोरी का माहौल रहा। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और बैंकॉक के बाज़ार लाल निशान में थे, जबकि जकार्ता में हल्की बढ़त देखी गई। गुरुवार को अमेरिकी बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए — डाओ जोन्स में 0.20% और नैस्डैक में 1.47% की गिरावट रही।
एफआईआई और डीआईआई का रुख
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली का सिलसिला जारी रहा — गुरुवार को उन्होंने इक्विटी बाज़ार में ₹4,205.56 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,986.41 करोड़ की खरीदारी कर बाज़ार को सहारा दिया। गौरतलब है कि FII की निरंतर बिकवाली और DII की खरीदारी का यह पैटर्न हाल के हफ्तों से बना हुआ है, जो घरेलू संस्थागत समर्थन की मज़बूती को दर्शाता है। आने वाले सत्रों में रुपये की चाल और वैश्विक संकेत बाज़ार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।