सेंसेक्स 650 अंक उछला, 78,152 पर खुला; IT शेयरों की अगुआई में भारतीय बाजार हरे निशान में
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 4 जुलाई को मजबूत वैश्विक संकेतों के दम पर तेज़ी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। बीएसई सेंसेक्स 650.22 अंक यानी 0.84 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,152.34 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 199.95 अंक यानी 0.83 प्रतिशत की तेज़ी के साथ 24,375.65 पर खुला। आईटी क्षेत्र की अगुआई में यह तेज़ी एशियाई बाजारों की व्यापक मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली में कमी से प्रेरित रही।
मुख्य घटनाक्रम
शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष गेनर रहा। इसके अलावा निफ्टी मेटल, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हालाँकि, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी एनर्जी लाल निशान में रहे।
प्रमुख गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, टीसीएस, बजाज फिनसर्व, इन्फोसिस, बीईएल, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, इटरनल और बजाज फाइनेंस प्रमुख गेनर्स रहे। दूसरी ओर, इंडिगो, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, एमएंडएम और एनटीपीसी लूजर्स की सूची में रहे।
वैश्विक बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में व्यापक तेज़ी देखी गई। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को मिला-जुला रुख रहा — डाउ जोन्स 1.14 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक 0.80 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ बंद हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण कोरियाई बाजारों और चिप से जुड़े शेयरों में कमज़ोरी के बावजूद भारतीय बाजार अपेक्षाकृत मजबूत बना रहा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों का युद्ध-पूर्व के स्तर पर लौटना अर्थव्यवस्था और बाजार, दोनों के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक कारक बना हुआ है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि यह तेज़ी तब तक टिकाऊ नहीं मानी जा सकती, जब तक इसे ठोस बुनियादी आर्थिक कारकों का समर्थन न मिले।
संस्थागत निवेश का रुख
आँकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को ₹311.82 करोड़ की इक्विटी में बिकवाली की। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹1,784.40 करोड़ का निवेश इक्विटी में किया, जिसने बाजार को नीचे जाने से रोका। गौरतलब है कि FII की बिकवाली में हालिया कमी को बाजार की मौजूदा तेज़ी का एक अहम आधार माना जा रहा है।