पंत के शॉट सिलेक्शन पर भड़के मोहम्मद कैफ: '39 पर आउट, सामान्य ज्ञान की कमी'
सारांश
मुख्य बातें
भारत और श्रीलंका के बीच गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील करने में नाकाम रहे। 39 रन बनाकर लापरवाह शॉट के चलते पवेलियन लौटे पंत की आलोचना करते हुए पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने उनके क्रिकेटिंग सेंस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कैफ की आलोचना: क्या कहा उन्होंने
मोहम्मद कैफ ने सोनी स्पोर्ट्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'ऋषभ पंत जिस तरह से आउट हुए, उससे मुझे कोई शिकायत नहीं है। वह ऐसे ही खेलते हैं, लेकिन शिकायत सामान्य ज्ञान की है। यह नई गेंद के साथ पहला ओवर था। उस ओवर में वह तीन बार क्रीज से बाहर निकले। सामान्य ज्ञान का मतलब है कट शॉट खेलना। पांच से छह ओवर तक नई गेंद देखना। यह टेस्ट मैच की परंपरा है। जो भी उनके जैसा खेलता है, वह भी सामान्य ज्ञान का इस्तेमाल करता है।'
कैफ ने आगे कहा, 'मुझे हैरानी हुई कि वह ओवर की पहली गेंद पर ही क्रीज से बाहर निकल गए। आपको थोड़ा हिसाब लगाना पड़ता है। यहां तक कि अगर कोई बल्लेबाज 150 रन पर भी हो, तो नई गेंद आने पर वह कुछ बॉल खेलता है। वह लॉजिक और क्रिकेटिंग सेंस में बहुत पीछे रह गए।'
कैसे हुए पंत आउट
पंत अच्छी लय में दिखाई दे रहे थे और 39 रन बनाकर एक बड़ी पारी की ओर बढ़ रहे थे। श्रीलंका की ओर से डेब्यू कर रहे केशरा नुवानथा की गेंद पर उन्होंने बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन बल्ला सही तरह से नहीं घूमा और गेंद सीधे फील्डर के हाथों में चली गई। पवेलियन लौटते हुए पंत खुद भी अपने इस शॉट से असंतुष्ट दिखे।
पंत का यह पैटर्न नया नहीं
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब ऋषभ पंत ने अच्छी शुरुआत के बावजूद लापरवाह शॉट खेलकर अपना विकेट गंवाया हो। आलोचकों का कहना है कि पंत की प्रतिभा निर्विवाद है, लेकिन नई गेंद के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट के अनुशासन का पालन न करने की यह आदत उनकी क्षमता को सीमित करती है। यह ऐसे समय में और भी अखरता है जब भारत को एक अनुभवी मध्यक्रम बल्लेबाज की ज़रूरत है।
दूसरे दिन का स्कोर
दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम ने पहली पारी में 9 विकेट खोकर 460 रन बना लिए थे। कुलदीप यादव 12 और प्रसिद्ध कृष्णा 1 रन बनाकर क्रीज पर टिके हुए थे। भारत की यह पारी श्रीलंका पर दबाव बनाने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है, बशर्ते गेंदबाज़ अपनी भूमिका ठीक से निभाएं।