सेंसेक्स 280 अंक उछला, निफ्टी इंडिया डिफेंस 1% से अधिक चढ़ा; मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच बाजार हरे निशान में खुला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार सोमवार, 6 जुलाई को मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बावजूद हरे निशान में खुला। सुबह 9:21 बजे IST पर BSE सेंसेक्स 280 अंक यानी 0.36% की बढ़त के साथ 78,044 पर और NSE निफ्टी 50 76 अंक यानी 0.32% की तेजी के साथ 24,348 पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती सत्र में रक्षा क्षेत्र के शेयरों ने बाजार की अगुवाई की।
डिफेंस शेयरों की अगुवाई
निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 1% से अधिक की उछाल के साथ शुरुआती कारोबार का शीर्ष लाभार्थी रहा। इसके अलावा निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी मेटल, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी पीएसई, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी एनर्जी हरे निशान में थे।
दबाव में रहे सेक्टर
दूसरी ओर, निफ्टी मीडिया, निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी एफएमसीजी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। आईटी और तेल-गैस क्षेत्र पर वैश्विक दबाव का असर स्पष्ट रूप से दिखा।
मिडकैप और स्मॉलकैप का मिलाजुला प्रदर्शन
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 51 अंक की मजबूती के साथ 62,241 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 22 अंक की कमजोरी के साथ 19,152 पर था। सेंसेक्स पैक में BEL, HDFC बैंक, Axis बैंक, ICICI बैंक, HCL Tech, भारती एयरटेल, M&M, SBI, Eternal, Trent, Sun Pharma और HUL प्रमुख लाभार्थियों में रहे। वहीं Kotak Mahindra बैंक, Bajaj Finserv, Power Grid, TCS, ITC, IndiGo, UltraTech Cement, Asian Paints, L&T, NTPC, Bajaj Finance और Infosys नुकसान में रहे।
वैश्विक बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखा गया। टोक्यो, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे, जबकि शंघाई और हांगकांग हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी शेयर बाजार राष्ट्रीय अवकाश के कारण शुक्रवार के सत्र में बंद रहे।
संस्थागत निवेश और कच्चा तेल
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार के सत्र में शुद्ध खरीदारी की और ₹1,355.33 करोड़ का इक्विटी में निवेश किया। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹1,953.89 करोड़ की इक्विटी बिकवाली की। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रही — ब्रेंट क्रूड 0.5% की गिरावट के साथ $71.74 प्रति बैरल और WTI क्रूड 0.35% की कमजोरी के साथ $68.45 प्रति बैरल पर था। आगे बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और FII-DII प्रवाह पर निर्भर करेगी।