PM मोदी करेंगे नारनौल के महर्षि चवन मेडिकल कॉलेज का वर्चुअल उद्घाटन, ₹750 करोड़ की लागत से बना 850 बेड का अस्पताल
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 17 जुलाई को जींद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नारनौल के समीप कोरियावास गाँव में स्थित महर्षि चवन मेडिकल कॉलेज और राव तुलाराम हॉस्पिटल का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। ₹750 करोड़ की लागत से निर्मित यह संस्थान दक्षिणी हरियाणा में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की मुख्य विशेषताएँ
महेंद्रगढ़ जिले के कोरियावास गाँव में लगभग 80 एकड़ भूमि पर बने इस परिसर में महर्षि चवन मेडिकल कॉलेज और 850 बेड का राव तुलाराम हॉस्पिटल शामिल है। मेडिकल कॉलेज में 100 सीटों पर दाखिले पहले ही हो चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि संस्थान शैक्षणिक रूप से क्रियाशील हो चुका है।
जिला उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने बताया कि उद्घाटन समारोह में 4,000 से 5,000 लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियाँ
जिला प्रशासन ने आयोजन की सभी व्यवस्थाएँ पूरी कर ली हैं। पर्यावरण-अनुकूल परिवहन पर विशेष ध्यान देते हुए कार्यक्रम में सीएनजी बसों, ईवी वाहनों और साइकिलों का उपयोग किया जाएगा। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव होंगी, जबकि भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
आम जनता पर असर
स्थानीय निवासियों ने इस मेडिकल कॉलेज के निर्माण को दक्षिणी हरियाणा के लिए बड़ी राहत बताया है। स्थानीय निवासी मोनिका और जिले सिंह के अनुसार, इससे पहले इलाज के लिए रोहतक या जयपुर तक जाना पड़ता था। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के मामलों में लंबी दूरी के कारण कई बार घायल मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते थे। अब इस क्षेत्र के लोगों को न केवल बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के अवसर भी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगे।
क्षेत्रीय स्वास्थ्य अवसंरचना में बदलाव
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिणी हरियाणा के जिले — विशेषकर महेंद्रगढ़ — चिकित्सा सेवाओं की कमी के लिए लंबे समय से जाने जाते रहे हैं। ₹750 करोड़ की इस परियोजना के पूरा होने से इस क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को दूरदराज के शहरों तक जाने की मजबूरी से राहत मिलेगी। स्थानीय समुदाय में इस संस्थान के शुरू होने को लेकर उत्साह का माहौल है।