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री-नीट में टॉपर्स के अंक और रैंक दोनों सुधरे, कोटा के छात्रों ने बताया — दूसरी परीक्षा रही ज्यादा अनुकूल

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री-नीट में टॉपर्स के अंक और रैंक दोनों सुधरे, कोटा के छात्रों ने बताया — दूसरी परीक्षा रही ज्यादा अनुकूल

सारांश

कथित पेपर लीक के बाद 21 जून को हुई नीट-यूजी री-एग्जाम ने कोटा के टॉपर्स को राहत दी — आयुष बलोतिया (AIR 4) ने 695 से 710 अंक का सफर तय किया, तो कार्तिक चौधरी (AIR 16) ने 700 से 705 अंक हासिल किए। छात्रों ने माना कि दूसरी परीक्षा उनकी तैयारी के ज्यादा अनुकूल रही।

मुख्य बातें

21 जून को आयोजित नीट-यूजी री-एग्जाम में कोटा के टॉपर्स के अंक और रैंक दोनों में सुधार हुआ।
आयुष बलोतिया को AIR 4 मिली; पहली परीक्षा में 695 और री-नीट में 710 अंक हासिल किए।
कार्तिक चौधरी को AIR 16 ; पहली परीक्षा में 700 और री-नीट में 705 अंक ।
कृतिका जैन ( AIR 18 ) के अंक 705 से घटकर 701 हुए, लेकिन रैंक में सुधार रहा।
गुंजन ( AIR 52 ) ने 690 से 695 अंक ( 720 में से ) तक का सुधार दर्ज किया।
सभी छात्रों ने कोटा में कोचिंग के साथ नियमित स्व-अध्ययन को अपनी सफलता का आधार बताया।

कथित पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को आयोजित नीट-यूजी री-एग्जाम में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले छात्रों ने शुक्रवार, 17 जुलाई को बताया कि दूसरी परीक्षा उनके लिए 'ज्यादा अनुकूल' साबित हुई। कोटा में तैयारी करने वाले इन छात्रों के अनुसार, री-नीट के बाद उनके अंकों और ऑल इंडिया रैंक (AIR) दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखा गया।

टॉपर्स के अंक और रैंक में बदलाव

री-नीट में ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल करने वाले आयुष बलोतिया ने पहले रद्द की गई परीक्षा में 695 अंक प्राप्त किए थे, जबकि री-एग्जाम में उन्होंने 710 अंक हासिल किए — यानी 15 अंकों का सुधार। ऑल इंडिया रैंक 16 पाने वाले कार्तिक चौधरी ने पहली परीक्षा में 700 अंक और री-नीट में 705 अंक प्राप्त किए।

ऑल इंडिया रैंक 18 पाने वाली कृतिका जैन की स्थिति थोड़ी अलग रही — 3 मई की परीक्षा में उनके 705 अंक थे, जो री-नीट में घटकर 701 हो गए, लेकिन रैंक में सुधार हुआ। ऑल इंडिया रैंक 52 हासिल करने वाली गुंजन ने पहली परीक्षा में 690 अंक और री-नीट में 695 अंक (720 में से) प्राप्त किए।

छात्रों ने साझा की अपनी दिनचर्या

आयुष बलोतिया ने बताया कि उनकी कोचिंग क्लास दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक चलती थी। इसके बाद वे डिनर करते थे और फिर करीब दो से ढाई घंटे स्वयं अध्ययन करते थे। यह दिनचर्या उन्होंने लगभग हर दिन बनाए रखी।

कार्तिक चौधरी ने बताया कि वे रात को पढ़ाई करना पसंद करते थे। उन्होंने कहा, 'मैं रात 9:30-10 बजे से सुबह 4:30-5 बजे तक पढ़ाई करता था। इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे तक सोता था और फिर दोपहर 2 बजे से कोचिंग क्लास अटेंड करता था।' कार्तिक ने राजस्थान के कोटा में रहकर परीक्षा की तैयारी की।

गुंजन ने बताया कि उन्होंने इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री की विशेष रूप से रिवीजन की क्योंकि वह विषय उन्हें अक्सर भूल जाती थी। उनके अनुसार बाकी पेपर अपेक्षाकृत आसान लगा।

री-नीट और पहली परीक्षा की तुलना

कार्तिक चौधरी ने कहा, '705 अंकों के साथ मुझे ऑल इंडिया रैंक 16 मिली, जो बहुत अच्छी रैंक है। हालांकि पहले वाला पेपर थोड़ा आसान था, लेकिन इस बार का पेपर स्तर के लिहाज से थोड़ा बेहतर था और पिछले दो वर्षों में मैंने जो पढ़ाई की थी, उसका परिणाम इस बार 705 अंकों के रूप में मिला।'

कृतिका जैन ने बताया, 'मुझे उम्मीद थी कि मेरी रैंक कम आएगी क्योंकि पेपर आसान था और बहुत सारे छात्रों ने ज्यादा अंक हासिल किए थे। लेकिन जैसे ही री-नीट की घोषणा हुई, मुझे लगा कि मैं अपनी रैंक में सुधार कर सकती हूं।' यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी 2024 का पेपर लीक विवाद देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ था और लाखों छात्रों की मेडिकल प्रवेश की उम्मीदें अधर में लटकी थीं।

आम छात्रों पर असर

गौरतलब है कि री-नीट का आयोजन केवल उन्हीं छात्रों के लिए किया गया था जो कथित पेपर लीक से प्रभावित माने गए थे। इस परीक्षा के परिणामों ने यह भी दर्शाया कि कड़ी मेहनत और नियमित दिनचर्या से अंकों में सुधार संभव है। कोटा, जो देश का प्रमुख मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा तैयारी केंद्र है, के इन छात्रों की सफलता लाखों अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती है।

आगे की राह

री-नीट के परिणामों के आधार पर मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। इन टॉपर्स की सफलता यह भी रेखांकित करती है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होने पर मेधावी छात्रों को उनकी वास्तविक क्षमता के अनुरूप परिणाम मिल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो पुनर्परीक्षा मेधावी छात्रों को उनकी वास्तविक क्षमता साबित करने का अवसर दे सकती है। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि लाखों छात्र जो री-नीट के दायरे में नहीं आए, उनके लिए यह विवाद अभी भी अनुत्तरित सवाल छोड़ता है। कथित पेपर लीक की जाँच और जवाबदेही तय होने तक, इन टॉपर्स की व्यक्तिगत सफलता की कहानियाँ प्रेरक तो हैं, पर व्यापक प्रणालीगत सुधार की माँग को कम नहीं करतीं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी री-एग्जाम कब और क्यों आयोजित हुई?
नीट-यूजी री-एग्जाम 21 जून 2024 को आयोजित की गई, कथित पेपर लीक विवाद के बाद जो 3 मई की मूल परीक्षा के बाद सामने आया था। यह परीक्षा केवल उन्हीं छात्रों के लिए थी जो कथित तौर पर लीक से प्रभावित माने गए थे।
री-नीट में टॉपर्स के अंकों में कितना सुधार हुआ?
आयुष बलोतिया के अंक 695 से बढ़कर 710 हो गए और उन्हें AIR 4 मिली। कार्तिक चौधरी के अंक 700 से 705 हुए और रैंक AIR 16 रही। गुंजन के अंक 690 से 695 हुए और उन्हें AIR 52 मिली।
कृतिका जैन के अंक घटे फिर भी रैंक कैसे सुधरी?
कृतिका जैन ( AIR 18 ) के अंक पहली परीक्षा में 705 थे जो री-नीट में 701 हो गए। उन्होंने बताया कि पहली परीक्षा आसान होने के कारण अधिक छात्रों ने ज्यादा अंक हासिल किए थे, जिससे उनकी रैंक प्रभावित हुई थी — री-नीट में प्रतिस्पर्धा की प्रकृति बदलने से उनकी रैंक बेहतर हुई।
कोटा के इन टॉपर्स की पढ़ाई की दिनचर्या कैसी थी?
आयुष बलोतिया दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक कोचिंग करते थे और उसके बाद 2-2.5 घंटे स्वयं पढ़ते थे। कार्तिक चौधरी रात 9:30-10 बजे से सुबह 4:30-5 बजे तक पढ़ाई करते थे और दोपहर 2 बजे से कोचिंग अटेंड करते थे।
री-नीट के परिणाम मेडिकल काउंसलिंग को कैसे प्रभावित करेंगे?
री-नीट के परिणामों के आधार पर मेडिकल प्रवेश काउंसलिंग प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। जिन छात्रों की रैंक में सुधार हुआ है, उन्हें बेहतर मेडिकल कॉलेज विकल्प मिल सकते हैं, हालांकि अंतिम सीट आवंटन काउंसलिंग प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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