नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: व्हिसलब्लोअर शशिकांत सुथार ने बताया — कैसे हुआ खुलासा, एनटीए की कार्रवाई की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के सीकर के केमिस्ट्री शिक्षक और नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले के व्हिसलब्लोअर शशिकांत सुथार ने 19 मई 2026 को पूरे घटनाक्रम का विस्तृत विवरण साझा किया। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और जांच एजेंसियों द्वारा मामले में की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना की। सुथार के इस खुलासे ने देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर नई बहस छेड़ दी है।
कैसे हुई लीक की पहचान
3 मई 2026 को नीट-यूजी परीक्षा समाप्त होने के बाद जब सुथार घर लौटे, तो उनके मकान मालिक ने उन्हें एक वायरल पीडीएफ दिखाई, जिसमें मेडिकल प्रवेश परीक्षा जैसे सवाल होने का दावा किया गया था। सुथार ने बताया, 'जब मैंने पीडीएफ के सवालों की तुलना नीट के वास्तविक पेपर से की, तो केमिस्ट्री के सवाल बिलकुल एक जैसे पाए गए।'
गहन जांच में सामने आया कि 104 सवालों में से 45 सवाल पूरी तरह समान थे। इसके बाद सुथार ने अपने एक सहयोगी के साथ बायोलॉजी विषय की भी जांच की, जिसमें 90 में से 90 सवाल भी वायरल पीडीएफ से मेल खाते पाए गए।
मुख्य घटनाक्रम
सुथार, उनके मकान मालिक, कोचिंग स्टाफ और कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर ने मिलकर इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि यह पेपर लीक का मामला हो सकता है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले स्थानीय अधिकारियों और पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया गया, जिन्होंने NTA तक पहुंचने में मार्गदर्शन किया।
इसके बाद सुथार और उनकी टीम ने NTA, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को ईमेल भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी। सुथार ने स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज न कराने के पीछे यह सोच थी कि सार्वजनिक होने पर छात्रों में घबराहट फैल सकती थी।
एनटीए और जांच एजेंसियों की प्रतिक्रिया
सुथार के अनुसार, NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने स्वयं फोन कर मामले की जानकारी ली और सुथार ने उन्हें अपने पास मौजूद सभी साक्ष्य सौंपे। इसके बाद दिल्ली से एक विशेष जांच दल सीकर पहुंचा और जांच शुरू की। बाद में राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) भी इस जांच में शामिल हुआ।
सुथार ने सभी जांच एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के भविष्य और उनकी मेहनत की रक्षा के लिए तेज़ी से काम किया और यह सुनिश्चित किया कि परीक्षार्थी अनावश्यक तनाव में न आएं।
पुनर्परीक्षा और आगे की राह
केंद्र सरकार ने नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा कराने का फैसला किया है, जो 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली है। सुथार ने इस निर्णय के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि CBI ने कथित तौर पर कुछ शिक्षकों को इस पेपर लीक मामले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया है। सुथार ने ऐसे शिक्षकों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे खुद को इस मामले का नायक नहीं मानते — बल्कि एक जागरूक नागरिक और शिक्षक के रूप में छात्रों के हित में कार्य करना अपनी जिम्मेदारी मानते हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी 2024 के पेपर लीक विवाद के बाद से देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार व्हिसलब्लोअर की भूमिका और एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन परीक्षा सुरक्षा तंत्र को मूलभूत स्तर पर मज़बूत करने की ज़रूरत बनी हुई है। 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य की कसौटी होगी।