NEET पेपर लीक: NTA सीबीआई जांच के घेरे में, 21 जून को पुनर्परीक्षा; अगले साल से CBT मोड

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
NEET पेपर लीक: NTA सीबीआई जांच के घेरे में, 21 जून को पुनर्परीक्षा; अगले साल से CBT मोड

सारांश

2024 में सुधारों के बावजूद 2026 में फिर नीट पेपर लीक — अब NTA खुद सीबीआई की जद में है। 21 जून को पुनर्परीक्षा, फीस वापसी और CBT मोड की घोषणा के साथ सरकार ने माना कि यह सिर्फ प्रशासनिक नहीं, सामाजिक संकट है।

मुख्य बातें

3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द; पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को।
सीबीआई अब NTA के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करेगी — संस्था के भीतर और बाहर दोनों।
पुनर्परीक्षा की कोई फीस नहीं ; पहली परीक्षा की फीस वापस होगी; एडमिट कार्ड 14 जून 2026 तक।
परीक्षा अवधि 15 मिनट बढ़ाई गई — अब दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक।
अगले वर्ष से नीट पारंपरिक OMR की जगह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में होगी।
राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें लागू होने के बाद भी लीक हुई — अब और व्यापक सुधारों का संकेत।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अब सीधे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के दायरे में आ गई है, क्योंकि 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद उसे रद्द करना पड़ा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि सीबीआई NTA के भीतर और बाहर हर दोषी तक पहुँचेगी। पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को निर्धारित की गई है और अगले वर्ष से यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित होगी।

मुख्य घटनाक्रम

3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। इसी दिन NTA ने निर्णय लिया कि पहले आयोजित परीक्षा की फीस छात्रों को वापस की जाएगी और 21 जून 2026 को होने वाली पुनर्परीक्षा के लिए कोई नई फीस नहीं ली जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब 2024 में हुए पेपर लीक के बाद NTA में राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर सुधार किए गए थे, फिर भी गड़बड़ी दोहराई गई।

सरकार की प्रतिक्रिया

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा माफिया अब केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि 'सामाजिक व्याधि' बन चुके हैं। उन्होंने समाज, मीडिया, राज्य सरकारों और सभी राजनीतिक दलों से सामूहिक सहयोग की अपील की। प्रधान ने कहा, 'पैसों के बल पर मेधावी छात्रों की सीट नहीं छीनी जा सकती' और सरकार इस समस्या को स्वीकार करते हुए इसे खत्म करने की जिम्मेदारी लेती है। विपक्ष के राजनीतिक आरोपों पर टिप्पणी से उन्होंने इनकार किया।

छात्रों के लिए राहत और बदलाव

पुनर्परीक्षा में छात्रों को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा जिसमें वे अपनी पसंद का परीक्षा शहर चुन सकेंगे, क्योंकि कई छात्र पहली परीक्षा के बाद अपने मूल शहर लौट चुके हैं। पिछली परीक्षा में प्रारंभिक औपचारिकताओं में समय जाने की शिकायतों को देखते हुए इस बार परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ाई गई है — अब परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक चलेगी। सभी छात्रों के एडमिट कार्ड 14 जून 2026 तक जारी किए जाएंगे।

लॉजिस्टिक्स और मौसम की चुनौतियाँ

शिक्षा मंत्री ने बताया कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी है, लेकिन इसे ध्यान में रखकर छात्रों की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। जून में कई राज्यों में बारिश और मौसम संबंधी चुनौतियों की संभावना को देखते हुए NTA वैकल्पिक व्यवस्थाएँ पहले से तैयार कर रही है। प्रधान ने कहा कि वे स्वयं विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे ताकि छात्रों के लिए परिवहन और अन्य सुविधाएँ सुनिश्चित हों।

आगे क्या होगा

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा पारंपरिक ओएमआर शीट की जगह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित होगी, जिसे पेपर लीक की संभावना कम करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। NTA जल्द एक विस्तृत प्रेस नोट जारी करेगी। सीबीआई जांच में NTA अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल जारी है और सरकार ने संकेत दिया है कि संस्था में और व्यापक संरचनात्मक सुधार किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी 2026 में वही कहानी दोहराई गई। यह सवाल उठाता है कि क्या समस्या प्रक्रिया में है या संस्था की संस्कृति में। CBT मोड की घोषणा सही दिशा में कदम है, लेकिन तकनीक अकेले उस नेटवर्क को नहीं तोड़ सकती जो प्रश्नपत्र छापने से पहले ही लीक कर देता है। असली परीक्षा सीबीआई जांच की है — क्या यह सिर्फ निचले स्तर के दोषियों तक सीमित रहेगी, या संस्थागत मिलीभगत तक पहुँचेगी।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई?
3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण रद्द की गई। पेपर लीक की पुष्टि के बाद सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए और 21 जून 2026 को पुनर्परीक्षा की घोषणा की।
नीट पुनर्परीक्षा 2026 कब होगी और फीस देनी होगी?
पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित होगी। इसके लिए कोई नई फीस नहीं ली जाएगी और पहली परीक्षा की फीस छात्रों को वापस की जाएगी। एडमिट कार्ड 14 जून 2026 तक जारी होंगे।
NTA पर सीबीआई जांच क्या जाँचेगी?
सीबीआई NTA के अधिकारियों की पेपर लीक में संभावित भूमिका की जांच करेगी — संस्था के भीतर और बाहर दोनों। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।
नीट परीक्षा अगले साल से कैसे बदलेगी?
अगले वर्ष से नीट परीक्षा पारंपरिक OMR शीट की जगह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित होगी। यह बदलाव पेपर लीक की संभावना कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
2024 में NTA में सुधार के बाद भी लीक कैसे हुआ?
2024 के पेपर लीक के बाद राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर NTA में पारदर्शिता और शुचिता के लिए सुधार किए गए थे। इसके बावजूद 2026 में फिर गड़बड़ी होने पर शिक्षा मंत्री ने माना कि अब और व्यापक संरचनात्मक सुधार आवश्यक हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 मिनट पहले
  2. 50 मिनट पहले
  3. 3 घंटे पहले
  4. 4 घंटे पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 2 दिन पहले
  7. 2 दिन पहले
  8. 3 दिन पहले