मध्य प्रदेश में 30 जून को क्षिप्रा-गंगा दशहरे पर सामूहिक श्रमदान, CM मोहन यादव का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के विकास कार्यों का निरीक्षण करने के बाद घोषणा की कि 30 जून को क्षिप्रा-गंगा दशहरे के अवसर पर पूरे प्रदेश में एक साथ सामूहिक श्रमदान किया जाएगा। नदी, नहर, कुएँ, बावड़ी और तालाब सहित जल-स्रोतों पर जनभागीदारी से जल संरक्षण का यह अभियान चलाया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री यादव ने उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत हो रहे रोड चौड़ीकरण और रामघाट पर चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, "जल ही जीवन है" और जल संरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
जल संरक्षण अभियान की रूपरेखा
यादव के अनुसार 30 जून को होने वाले सामूहिक श्रमदान में प्रदेश के नदी, नहर, कुएँ, बावड़ी और तालाब — लगभग सभी जल-स्रोतों पर एक साथ जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि रामघाट से क्षिप्रा परिक्रमा और गंगा दशहरा मनाने की परंपरा वर्षों पूर्व से जल संरक्षण के संकल्प को सामाजिक चेतना से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियाँ
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उज्जैन में हो रहे विकास कार्य केवल सिंहस्थ-2028 तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका दूरगामी उद्देश्य है — शहर के नागरिकों और भविष्य में आने वाले श्रद्धालुओं, दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सरकार सभी निर्माण कार्यों की बारीकी से निगरानी कर रही है। उज्जैन को एक ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी बताते हुए यादव ने यहाँ के जनप्रतिनिधियों, जनता और प्रशासन के समन्वित प्रयासों की सराहना की।
आम जनता पर असर
यह अभियान प्रदेश के ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के जल-स्रोतों को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। जल-संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में जनभागीदारी से होने वाले श्रमदान से स्थानीय जल-संग्रहण क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी के मौसम में जल-स्तर गिरने की चिंता बनी रहती है।
क्या होगा आगे
30 जून 2026 को क्षिप्रा-गंगा दशहरे के अवसर पर प्रदेशव्यापी सामूहिक श्रमदान आयोजित होगा। इस वर्ष की गंगा दशमी परिक्रमा भी रामघाट, उज्जैन से गौरवपूर्वक निकाली जाएगी। सरकार के अनुसार सभी विकास कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग जारी रहेगी।