जल संरक्षण अभियान: गंगा दशहरा पर MP में 25 मई को राज्यव्यापी विशेष अभियान, CM मोहन यादव ने दिए जनभागीदारी के निर्देश

Click to start listening
जल संरक्षण अभियान: गंगा दशहरा पर MP में 25 मई को राज्यव्यापी विशेष अभियान, CM मोहन यादव ने दिए जनभागीदारी के निर्देश

सारांश

मध्य प्रदेश में 25 मई को गंगा दशहरा पर 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत राज्यव्यापी जल संरक्षण कार्यक्रम होंगे। CM मोहन यादव ने 16 विभागों में 82 गतिविधियों को जन आंदोलन बनाने के निर्देश दिए। डिंडोरी और खंडवा ने राष्ट्रीय रैंकिंग में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया।

Key Takeaways

  • 25 मई 2025 को गंगा दशहरा पर मध्य प्रदेश में राज्यव्यापी जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे।
  • जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से शुरू होकर 30 जून 2025 तक चलेगा, जिसमें 16 विभागों की 82 गतिविधियां शामिल हैं।
  • डिंडोरी ने केंद्र की जल संचय रैंकिंग में देश में पहला और खंडवा ने दूसरा स्थान हासिल किया।
  • ₹6,232 करोड़ की लागत से 2.43 लाख से अधिक जल संरक्षण कार्यों की योजना बनाई गई है।
  • CM मोहन यादव ने जिलेवार रैंकिंग प्रणाली और सार्वजनिक पेयजल कियोस्क की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
  • स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य किया गया।

भोपाल, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मध्य प्रदेश सरकार ने 25 मई को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पूरे राज्य में व्यापक जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार देर रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट किया कि यह अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सच्चा जन आंदोलन बनना चाहिए।

अभियान की रूपरेखा और उद्देश्य

19 मार्च 2025 को शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून 2025 तक जारी रहेगा। इस दौरान 16 विभागों में कुल 82 गतिविधियों की पहचान की गई है, जिनका क्रियान्वयन ग्राम और वार्ड स्तर तक सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुओं, बावड़ियों, तालाबों और नहरों की सफाई के साथ-साथ पौधरोपण, घाटों की स्वच्छता और सामूहिक स्वैच्छिक जल संरक्षण गतिविधियां इस अभियान की आत्मा हैं।

सीएम यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गंगा दशहरा के कार्यक्रमों में पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों, गैर सरकारी संगठनों, महिला स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक-धार्मिक संगठनों और व्यापार संघों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि जल संरक्षण एक जनप्रेरित प्रयास का रूप ले सके।

राष्ट्रीय स्तर पर MP की अग्रणी भूमिका

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि केंद्र सरकार के जल संचय जन भागीदारी अभियान में मध्य प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। डिंडोरी जिले ने देशभर में प्रथम स्थान और खंडवा जिले ने द्वितीय स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि मध्य प्रदेश में सामुदायिक स्तर पर जल संरक्षण की संस्कृति कितनी गहरी जड़ें जमा चुकी है।

गौरतलब है कि जल संरक्षण में राष्ट्रीय रैंकिंग उस समय विशेष महत्व रखती है जब देश के कई हिस्सों में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है और गर्मियों में जल संकट एक गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे में मध्य प्रदेश का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय बन सकता है।

₹6,232 करोड़ की योजनाएं और जिलेवार कार्यान्वयन

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ₹6,232 करोड़ की लागत से 2.43 लाख से अधिक कार्यों की योजना बनाई गई है। खंडवा, खरगोन, डिंडोरी, राजगढ़ और बालाघाट जिले इस अभियान के क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

शहरी स्थानीय निकाय वर्षा जल संचयन, नालियों और जलमार्गों की सफाई तथा सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसके साथ ही राज्यभर में रैलियों, सेमिनारों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जागरूकता अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं।

निगरानी तंत्र और नागरिक सुविधाएं

सीएम मोहन यादव ने विभागीय गतिविधियों की निरंतर निगरानी पर जोर देते हुए दक्षता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए जिला-वार रैंकिंग प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि गर्मियों के दौरान सार्वजनिक पेयजल कियोस्क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इसके अलावा जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखना और स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से जल गुणवत्ता परीक्षण कराना भी अधिकारियों की प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है। यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

25 मई 2025 को गंगा दशहरा के अवसर पर होने वाले इस राज्यव्यापी आयोजन से अभियान को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिलेवार रैंकिंग प्रणाली अभियान की गति को और कितना तेज करती है।

Point of View

बल्कि उस बड़े राष्ट्रीय संकट का जवाब है जहां भूजल स्तर खतरनाक दर से गिर रहा है और जलवायु परिवर्तन ने जल सुरक्षा को अस्तित्व का प्रश्न बना दिया है। डिंडोरी और खंडवा जैसे आदिवासी बहुल और अपेक्षाकृत पिछड़े जिलों का राष्ट्रीय शीर्ष पर पहुंचना यह संदेश देता है कि जब प्रशासन और समुदाय मिलकर काम करें तो परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं। हालांकि, असली कसौटी यह होगी कि ₹6,232 करोड़ की यह विशाल राशि जमीन पर कितनी पारदर्शिता से खर्च होती है और जिलेवार रैंकिंग प्रणाली क्या वास्तव में जवाबदेही सुनिश्चित कर पाती है। गंगा दशहरा की धार्मिक भावना को जल संरक्षण से जोड़ना एक चतुर सामाजिक रणनीति है — यदि यह उत्साह 30 जून के बाद भी बना रहा, तभी यह अभियान इतिहास में दर्ज होगा।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

जल गंगा संवर्धन अभियान क्या है और यह कब तक चलेगा?
'जल गंगा संवर्धन अभियान' मध्य प्रदेश सरकार की एक व्यापक जल संरक्षण पहल है जो 19 मार्च 2025 को शुरू हुई और 30 जून 2025 तक चलेगी। इसमें 16 विभागों में 82 गतिविधियां शामिल हैं, जिनका उद्देश्य जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना है।
गंगा दशहरा पर मध्य प्रदेश में क्या विशेष होगा?
25 मई 2025 को गंगा दशहरा के अवसर पर मध्य प्रदेश में राज्यव्यापी जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें कुओं-तालाबों की सफाई, पौधरोपण, घाट सफाई और जागरूकता रैलियां शामिल होंगी।
डिंडोरी और खंडवा को राष्ट्रीय रैंकिंग में कौन सा स्थान मिला?
केंद्र सरकार के जल संचय जन भागीदारी अभियान में डिंडोरी ने देशभर में पहला स्थान और खंडवा ने दूसरा स्थान हासिल किया है। यह मध्य प्रदेश में सामुदायिक जल संरक्षण के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
जल गंगा संवर्धन अभियान में कितना बजट खर्च होगा?
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के तहत ₹6,232 करोड़ की लागत से 2.43 लाख से अधिक कार्यों की योजना बनाई गई है। खंडवा, खरगोन, डिंडोरी, राजगढ़ और बालाघाट जिले क्रियान्वयन में अग्रणी हैं।
CM मोहन यादव ने जल अभियान को लेकर अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को पंचायतों, महिला स्वयं सहायता समूहों, NGO और व्यापार संघों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलेवार रैंकिंग प्रणाली, सार्वजनिक पेयजल कियोस्क और स्कूलों में जल गुणवत्ता परीक्षण को भी अनिवार्य बताया।
Nation Press