मध्य प्रदेश में जल गंगा संरक्षण अभियान का शुभारंभ, 139 दिन चलेगा

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मध्य प्रदेश में जल गंगा संरक्षण अभियान का शुभारंभ, 139 दिन चलेगा

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 139 दिन तक चलेगा और जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। जानिए इस अभियान के बारे में और क्या है इसकी खासियत।

Key Takeaways

  • जल संरक्षण की आवश्यकता
  • अभियान की अवधि 139 दिन है
  • 2500 करोड़ रुपये का निवेश
  • जन भागीदारी की अपील
  • जल गंगा अभियान का सांस्कृतिक महत्व

इंदौर, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए लगातार तीसरे वर्ष गुड़ी पड़वा पर जल गंगा संवर्धन अभियान का आगाज हुआ। यह अभियान इस बार 139 दिन तक चलेगा, जो गंगा दशहरा तक जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर स्थित इस्कॉन मंदिर में आयोजित तीसरे राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान के उद्घाटन समारोह में कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान हमारी सनातन संस्कृति की पवित्र धारा को संरक्षित करने का प्रयास है। जल का महत्व इतना अधिक है कि इसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मानव शरीर 5 तत्वों से बना है और ये सभी तत्व कभी भी अकेले नहीं रह सकते। पानी के बिना जीवन का कोई मोल नहीं है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का घर है, जहाँ से 250 से अधिक नदियाँ निकलती हैं। मां नर्मदा के पवित्र जल से मध्यप्रदेश के साथ-साथ गुजरात में भी आनंद की धारा बह रही है। हमारी नदी जोड़ो परियोजनाओं का लाभ पड़ोसी राज्य राजस्थान और उत्तर प्रदेश को भी मिल रहा है। जल संचय के इस अभियान में पूरे देश के जल स्रोतों के विकास कार्य करने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान में 3 महीने तक जल संचय की गतिविधियाँ होंगी, जिसमें 2500 करोड़ की राशि से सभी विधानसभा, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचय के कार्य किए जाएंगे। पहले वर्ष में 30 दिन, दूसरे वर्ष में 120 दिन चलाया गया और वर्तमान तीसरे वर्ष में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक 139 दिन तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री यादव ने इंदौर में अमृत 2.0 परियोजना के अंतर्गत 12.72 करोड़ की लागत से बिलावली तालाब, 4.89 करोड़ की लागत से लिम्बोदी तालाब और 3.82 करोड़ की लागत से छोटा सिरपुर तालाब के जीर्णोद्धार कार्यों का भूमि-पूजन किया।

मुख्यमंत्री यादव ने इस कार्यक्रम में जल के अपव्यय को रोकने और एक-एक बूंद संग्रहण के लिए शपथ दिलाते हुए कहा कि 'जल ही जीवन है, जल है तो कल है' के मूल मंत्र के साथ जागरूकता फैलानी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान इसी का हिस्सा है। पिछले वर्षों में प्रदेश में लाखों जल संरचनाओं पर कार्य किया गया है।

इंदौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभियान के पहले वर्ष में इंदौर नगर निगम ने बड़ी संख्या में पुरानी बावड़ियों और तालाबों के गहरीकरण और पुनरुद्धार का कार्य किया। साथ ही सैकड़ों कुओं का भी जीर्णोद्धार किया गया है। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि यह अभियान केवल सरकारी नहीं, बल्कि जन-जन का आंदोलन होना चाहिए।

Point of View

जो न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। मुख्यमंत्री यादव का यह प्रयास समाज के हर वर्ग को जल संरक्षण के लिए जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

जल गंगा संवर्धन अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान गुड़ी पड़वा पर शुरू हुआ और 139 दिन तक चलेगा।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य जल का संरक्षण और जल स्रोतों का विकास करना है।
इस अभियान में कितनी राशि खर्च की जाएगी?
इस अभियान में कुल 2500 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
क्या इस अभियान में नागरिकों को भागीदारी करने के लिए कहा गया है?
हाँ, मुख्यमंत्री ने नागरिकों से जल संरक्षण में भागीदारी की अपील की है।
क्या इस अभियान का कोई पूर्ववर्ती कार्यक्रम है?
जी हाँ, पहले वर्ष में 30 दिन और दूसरे वर्ष में 120 दिन का अभियान चलाया गया था।
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