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ई-20 विवाद: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल की आईआईटी डिग्री पर उठाए सवाल

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ई-20 विवाद: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल की आईआईटी डिग्री पर उठाए सवाल

सारांश

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल के ई-20 विरोध को 'निराधार' करार दिया और उनकी आईआईटी डिग्री पर सवाल उठाए। नीति आयोग के अनुसार एथेनॉल सम्मिश्रण से ₹1 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचत और किसानों को ₹50,000 करोड़ का फायदा संभव है — फिर भी यह मुद्दा दिल्ली में राजनीतिक रणभूमि बन गया है।

मुख्य बातें

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 1 अगस्त को अरविंद केजरीवाल पर ई-20 ईंधन को लेकर भ्रामक बयान देने का आरोप लगाया।
मल्होत्रा ने चुनौती दी कि केजरीवाल कम से कम 100 वाहन पेश करें जो ई-20 से वास्तव में क्षतिग्रस्त हुए हों।
नीति आयोग के अनुसार एथेनॉल सम्मिश्रण से पहले वर्ष में ₹1 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचत संभव है।
ई-20 ईंधन से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगभग 30 प्रतिशत सुधार का दावा किया गया।
गन्ना किसानों की आय में ₹50,000 करोड़ की वृद्धि का अनुमान; भारत का ईंधन आयात बिल ₹16 लाख करोड़ प्रतिवर्ष।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने शनिवार, 1 अगस्त को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे ई-20 ईंधन सहित तकनीकी विषयों पर भ्रामक बयान दे रहे हैं — और यह तब, जब वे स्वयं को आईआईटी स्नातक बताते हैं। मल्होत्रा की यह प्रतिक्रिया केजरीवाल के उस टाउन हॉल भाषण के बाद आई जिसमें उन्होंने ई-20 ईंधन को लेकर आपत्तियाँ जताई थीं।

मल्होत्रा का सीधा हमला

मल्होत्रा ने कहा, '2010 से ही देश अरविंद केजरीवाल को बार-बार यह दावा करते हुए सुनता आ रहा है कि वह आईटी से स्नातक हैं। हालांकि, ई-20 पर ही नहीं बल्कि कई तकनीकी मुद्दों पर भी उनके बयानों से ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने आईटीआई स्तर की शिक्षा भी प्राप्त नहीं की है।' उन्होंने केजरीवाल पर ई-20 यानी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के बारे में जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।

100 क्षतिग्रस्त वाहनों की चुनौती

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने अपनी पहले की चुनौती दोहराई कि करोड़ों वाहनों वाले देश में केजरीवाल कम से कम 100 ऐसे वाहन पेश करें जो वास्तव में ई-20 ईंधन के कारण क्षतिग्रस्त हुए हों या जिनके इंजन खराब हो गए हों। मल्होत्रा के अनुसार, ऐसे किसी प्रमाण के अभाव में केजरीवाल के दावे निराधार हैं।

ई-20 के फायदे: वायु गुणवत्ता और विदेशी मुद्रा बचत

मल्होत्रा ने कहा कि यदि केजरीवाल ने राजनीतिक प्रचार की जगह तथ्यों की पड़ताल की होती, तो उन्हें पता चलता कि ई-20 ईंधन के बढ़ते उपयोग से अकेले दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगभग 30 प्रतिशत का सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत ईंधन आयात पर प्रतिवर्ष ₹16 लाख करोड़ से अधिक विदेशी मुद्रा खर्च करता है।

नीति आयोग के अनुमानों के अनुसार, एथेनॉल के बढ़ते उपयोग से पहले ही वर्ष में लगभग ₹1 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचत होने की उम्मीद है। इसके अलावा, एथेनॉल सम्मिश्रण से गन्ना किसानों की आय में लगभग ₹50,000 करोड़ की वृद्धि होने का अनुमान है।

आईआईटी डिग्री पर सवाल

मल्होत्रा ने तर्क दिया कि यदि केजरीवाल ने वास्तव में आईआईटी से शिक्षा प्राप्त की होती, तो वे एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध कभी नहीं करते — एक ऐसा ईंधन जो राष्ट्रीय आर्थिक बचत में योगदान देता है, किसानों की आय बढ़ाता है और नागरिकों को स्वच्छ हवा प्रदान करता है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब केंद्र सरकार 2025-26 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रही है।

आगे क्या

आम आदमी पार्टी की ओर से मल्होत्रा के आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ई-20 नीति पर यह राजनीतिक टकराव दिल्ली में पर्यावरण और ऊर्जा नीति को लेकर जारी बहस को और तीखा करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक पैंतरेबाज़ी ज़्यादा है — केजरीवाल की शैक्षणिक योग्यता पर निशाना साधकर ई-20 की वास्तविक नीतिगत खूबियों और खामियों की चर्चा से ध्यान हटाया जा रहा है। नीति आयोग के आँकड़े सम्मिश्रण के आर्थिक लाभ दर्शाते हैं, लेकिन पुराने वाहनों पर ई-20 के दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर ऑटोमोटिव विशेषज्ञों के बीच वैध बहस मौजूद है, जिसे यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप दबा देता है। AAP की चुप्पी भी उल्लेखनीय है — क्या पार्टी तथ्यों के साथ जवाब देगी या इस मुद्दे को छोड़ देगी, यह देखना होगा।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई-20 ईंधन विवाद क्या है और इस पर भाजपा-AAP में टकराव क्यों हुआ?
ई-20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल है, जिसे केंद्र सरकार 2025-26 तक लागू करना चाहती है। अरविंद केजरीवाल ने अपने टाउन हॉल भाषण में इस ईंधन को लेकर आपत्तियाँ जताईं, जिसके बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने उन पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल की आईआईटी डिग्री पर सवाल क्यों उठाए?
मल्होत्रा का तर्क है कि केजरीवाल आईआईटी स्नातक होने का दावा करते हैं, लेकिन ई-20 जैसे तकनीकी विषयों पर उनके बयान इस योग्यता के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से कहा कि ऐसे बयानों से लगता है केजरीवाल ने 'आईटीआई स्तर की शिक्षा भी प्राप्त नहीं की।'
ई-20 ईंधन से क्या फायदे बताए जा रहे हैं?
नीति आयोग के अनुमानों के अनुसार एथेनॉल सम्मिश्रण से पहले वर्ष में ₹1 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचत और गन्ना किसानों की आय में ₹50,000 करोड़ की वृद्धि संभव है। इसके अलावा दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगभग 30 प्रतिशत सुधार का दावा किया गया है।
मल्होत्रा ने केजरीवाल को क्या चुनौती दी?
मल्होत्रा ने मांग की कि केजरीवाल कम से कम 100 ऐसे वाहन पेश करें जो ई-20 ईंधन के कारण वास्तव में क्षतिग्रस्त हुए हों या जिनके इंजन खराब हो गए हों। उनके अनुसार, ऐसे प्रमाण के बिना केजरीवाल के दावे महज राजनीतिक प्रचार हैं।
AAP ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मल्होत्रा के बयान के समय तक आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यह विवाद दिल्ली में ऊर्जा नीति को लेकर दोनों दलों के बीच जारी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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