दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा का वार: केजरीवाल और राहुल में 'नंबर-1 अराजकतावादी' बनने की होड़
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 3 अगस्त 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केजरीवाल द्वारा मंगलवार को सौ समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास तक बिना अनुमति मार्च निकालने की घोषणा, दोनों नेताओं के बीच देश का 'नंबर-1 अराजकतावादी' बनने की प्रतिस्पर्धा का हिस्सा है। मल्होत्रा ने यह बयान नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।
मार्च की घोषणा और भाजपा की प्रतिक्रिया
मल्होत्रा के अनुसार, जब से राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के समक्ष प्रदर्शन किया है, तब से केजरीवाल खुद को इस तरह की राजनीति में पीछे महसूस कर रहे हैं। इसी 'कमी' को पूरा करने के लिए केजरीवाल ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के मुद्दे पर बिना प्रशासनिक अनुमति लिए प्रधानमंत्री आवास तक मार्च का ऐलान किया है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पहले अव्यवस्था फैलाना और फिर खुद को पीड़ित बताना, केजरीवाल की पुरानी राजनीतिक शैली रही है। उन्होंने आगाह किया कि जब पुलिस बिना अनुमति के मार्च रोकेगी, तो केजरीवाल फिर से 'पीड़ित' होने का दावा करेंगे।
एथेनॉल विवाद पर भाजपा का पक्ष
मल्होत्रा ने कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के मुद्दे पर केजरीवाल और कांग्रेस दोनों की 'सच्चाई' सामने आ चुकी है। उनके अनुसार, एथेनॉल का उपयोग न केवल वायु प्रदूषण कम करता है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और देश की विदेशी मुद्रा बचाने में भी सहायक है।
यह ऐसे समय में आया है जब एथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम को लेकर विपक्ष वाहन-क्षति के दावों को आधार बनाकर केंद्र सरकार पर हमलावर है।
कांग्रेस के पुराने बयान का हवाला
मल्होत्रा ने केजरीवाल और राहुल गांधी को 11 अगस्त 2005 को संसद में तत्कालीन कांग्रेस मंत्री मणिशंकर अय्यर द्वारा दिए गए उस बयान की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाना देशहित में है और सरकार इसे लागू करेगी। गौरतलब है कि यह बयान उसी कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का है, जो आज इस नीति का विरोध कर रही है।
विपक्ष को चुनौती
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने केजरीवाल और कांग्रेस को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि एथेनॉल को लेकर लोगों को गुमराह करने के बजाय वे देश के सामने 100 ऐसे वाहन प्रस्तुत करें, जिनके साथ किसी योग्य ऑटोमोबाइल इंजीनियर का प्रमाणपत्र हो कि संबंधित वाहन को एथेनॉल के कारण नुकसान हुआ है। यह चुनौती विपक्ष के दावों की तकनीकी सत्यता पर सवाल उठाती है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री आवास तक प्रस्तावित मार्च और पुलिस की प्रतिक्रिया इस राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकती है।