ई-20 पेट्रोल विरोध: AAP ने PM आवास की ओर मार्च निकाला, केजरीवाल की 3 माँगें
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 1 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में ई-20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर विरोध मार्च निकाला। पार्टी का आरोप है कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल से वाहनों की माइलेज में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट आई है और रखरखाव खर्च बढ़ गया है। AAP नेताओं ने केंद्र सरकार से इस नीति को वापस लेने या संशोधित करने की माँग की है।
विरोध मार्च और टाउनहॉल का आयोजन
AAP विधायक संजीव झा ने बताया कि विरोध मार्च के दौरान लगभग 6 लाख से अधिक लोग ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने कहा, 'लोगों ने अपनी पीड़ा साझा की, जो यह साबित करता है कि यह एक व्यापक जन-समस्या है।' इसी कड़ी में दिल्ली के कांस्टीट्यूशनल क्लब में 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-20' का आयोजन किया गया, जहाँ नागरिकों ने अपने वाहनों को हुए नुकसान का ब्यौरा दिया।
AAP विधायकों के आरोप
AAP विधायक जरनैल सिंह और कुलदीप सिंह ने कहा कि ई-20 पेट्रोल से वाहनों की माइलेज और मेंटेनेंस, दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनके अनुसार करोड़ों वाहन-चालक इस समस्या का सामना कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जो लोग शुद्ध पेट्रोल चाहते हैं, उन्हें वह विकल्प मिलना चाहिए।
केजरीवाल की तीन प्रमुख माँगें
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के समक्ष तीन माँगें रखी हैं। पहली — हर पेट्रोल पंप पर ई-20 और शुद्ध पेट्रोल दोनों का विकल्प उपलब्ध हो। दूसरी — ई-20 पेट्रोल, शुद्ध पेट्रोल से सस्ता होना चाहिए। तीसरी — शुद्ध पेट्रोल की कीमत ₹84 प्रति लीटर से कम रखी जाए। केजरीवाल ने बताया कि ई-20 के विरोध में अब तक 2 लाख से अधिक लोग एक ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर कर चुके हैं।
4 अगस्त को PM को सौंपी जाएगी याचिका
केजरीवाल ने घोषणा की कि वे 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे यह याचिका लेकर प्रधानमंत्री मोदी से मिलने जाएँगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि करोड़ों वाहन-चालकों की रोज़मर्रा की समस्या है। यह देखना अहम होगा कि केंद्र सरकार इस बढ़ते जन-दबाव पर क्या रुख अपनाती है।