1 अगस्त 2026
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ई-20 पेट्रोल विरोध: AAP ने PM आवास की ओर मार्च निकाला, केजरीवाल की 3 माँगें

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ई-20 पेट्रोल विरोध: AAP ने PM आवास की ओर मार्च निकाला, केजरीवाल की 3 माँगें

सारांश

ई-20 पेट्रोल नीति के खिलाफ AAP का यह विरोध मार्च महज़ राजनीतिक प्रदर्शन नहीं — 6 लाख ऑनलाइन प्रतिभागी और 2 लाख याचिका हस्ताक्षर बताते हैं कि इथेनॉल मिश्रण का मुद्दा आम वाहन-चालकों की जेब और गाड़ी दोनों को सीधे छू रहा है।

मुख्य बातें

AAP ने 1 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में ई-20 पेट्रोल के विरोध में PM मोदी के आवास की ओर मार्च निकाला।
विरोध मार्च के दौरान लगभग 6 लाख से अधिक लोग ऑनलाइन जुड़े।
ई-20 पेट्रोल से वाहनों की माइलेज में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट का आरोप।
अरविंद केजरीवाल ने तीन माँगें रखीं — दोहरा विकल्प, सस्ता ई-20, और शुद्ध पेट्रोल ₹84 से कम।
2 लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर किए; केजरीवाल 4 अगस्त, दोपहर 12 बजे यह याचिका PM को सौंपेंगे।
कांस्टीट्यूशनल क्लब, दिल्ली में 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-20' का भी आयोजन किया गया।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने 1 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में ई-20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर विरोध मार्च निकाला। पार्टी का आरोप है कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल से वाहनों की माइलेज में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट आई है और रखरखाव खर्च बढ़ गया है। AAP नेताओं ने केंद्र सरकार से इस नीति को वापस लेने या संशोधित करने की माँग की है।

विरोध मार्च और टाउनहॉल का आयोजन

AAP विधायक संजीव झा ने बताया कि विरोध मार्च के दौरान लगभग 6 लाख से अधिक लोग ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने कहा, 'लोगों ने अपनी पीड़ा साझा की, जो यह साबित करता है कि यह एक व्यापक जन-समस्या है।' इसी कड़ी में दिल्ली के कांस्टीट्यूशनल क्लब में 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-20' का आयोजन किया गया, जहाँ नागरिकों ने अपने वाहनों को हुए नुकसान का ब्यौरा दिया।

AAP विधायकों के आरोप

AAP विधायक जरनैल सिंह और कुलदीप सिंह ने कहा कि ई-20 पेट्रोल से वाहनों की माइलेज और मेंटेनेंस, दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनके अनुसार करोड़ों वाहन-चालक इस समस्या का सामना कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जो लोग शुद्ध पेट्रोल चाहते हैं, उन्हें वह विकल्प मिलना चाहिए।

केजरीवाल की तीन प्रमुख माँगें

AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के समक्ष तीन माँगें रखी हैं। पहली — हर पेट्रोल पंप पर ई-20 और शुद्ध पेट्रोल दोनों का विकल्प उपलब्ध हो। दूसरी — ई-20 पेट्रोल, शुद्ध पेट्रोल से सस्ता होना चाहिए। तीसरी — शुद्ध पेट्रोल की कीमत ₹84 प्रति लीटर से कम रखी जाए। केजरीवाल ने बताया कि ई-20 के विरोध में अब तक 2 लाख से अधिक लोग एक ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर कर चुके हैं।

4 अगस्त को PM को सौंपी जाएगी याचिका

केजरीवाल ने घोषणा की कि वे 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे यह याचिका लेकर प्रधानमंत्री मोदी से मिलने जाएँगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि करोड़ों वाहन-चालकों की रोज़मर्रा की समस्या है। यह देखना अहम होगा कि केंद्र सरकार इस बढ़ते जन-दबाव पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन माइलेज गिरावट की शिकायतें वास्तविक और व्यापक हैं — इन्हें केवल विपक्षी शोर कहकर खारिज करना उचित नहीं। केंद्र सरकार की इथेनॉल-मिश्रण नीति ऊर्जा सुरक्षा और किसान-आय के नज़रिये से तर्कसंगत है, लेकिन पुराने वाहन-मालिकों पर इसके असमान बोझ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। केजरीवाल की 'दोहरे विकल्प' की माँग तकनीकी रूप से व्यावहारिक है और कई देशों में लागू है — सवाल यह है कि सरकार इसे नीतिगत विफलता मानने के बजाय उपभोक्ता-हित के कदम के रूप में अपनाएगी या नहीं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई-20 पेट्रोल क्या है और इससे क्या समस्या हो रही है?
ई-20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। AAP नेताओं के अनुसार इससे वाहनों की माइलेज में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट आई है और रखरखाव खर्च भी बढ़ा है।
AAP ने ई-20 पेट्रोल पर केंद्र सरकार से क्या माँगें की हैं?
अरविंद केजरीवाल ने तीन माँगें रखी हैं — हर पेट्रोल पंप पर ई-20 और शुद्ध पेट्रोल दोनों का विकल्प, ई-20 की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम हो, और शुद्ध पेट्रोल ₹84 प्रति लीटर से कम मिले।
केजरीवाल PM मोदी को याचिका कब सौंपेंगे?
अरविंद केजरीवाल 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे 2 लाख से अधिक हस्ताक्षरों वाली याचिका लेकर प्रधानमंत्री मोदी से मिलने जाएँगे।
विरोध मार्च में कितने लोग शामिल हुए?
AAP विधायक संजीव झा के अनुसार विरोध मार्च के दौरान लगभग 6 लाख से अधिक लोग ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। इसके अलावा दिल्ली के कांस्टीट्यूशनल क्लब में 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-20' का भी आयोजन किया गया।
क्या ई-20 पेट्रोल का विरोध केवल दिल्ली तक सीमित है?
AAP नेताओं का कहना है कि यह मुद्दा किसी एक पार्टी या राज्य का नहीं है और करोड़ों वाहन-चालक देशभर में इससे प्रभावित हैं। 2 लाख से अधिक लोगों द्वारा ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर इसकी व्यापकता दर्शाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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