केजरीवाल का 4 अगस्त को PM आवास तक मार्च का ऐलान, ई-20 ईंधन पर 2 लाख हस्ताक्षर सौंपेंगे
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 1 अगस्त 2026 को घोषणा की कि वे 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर मार्च करेंगे और ई-20 ईंधन नीति में बदलाव की मांग करने वाली 2 लाख से अधिक नागरिकों द्वारा हस्ताक्षरित याचिकाएं सौंपेंगे। यह घोषणा उन्होंने ई-20 के विरुद्ध आयोजित एक राष्ट्रीय टाउनहॉल को संबोधित करते हुए की।
मार्च की घोषणा और केजरीवाल का संकल्प
टाउनहॉल में केजरीवाल ने कहा, 'कुछ दिन पहले मैंने लोगों से प्रधानमंत्री को संबोधित एक याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील की थी। 2 लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। मैंने उन सभी हस्ताक्षरों के प्रिंटआउट ले लिए हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने साथ 100 लोगों को लेकर चलेंगे और सभी नागरिकों को आने की आवश्यकता नहीं है।
केजरीवाल ने कहा, 'मैं अपने साथ 100 लोगों को ले जाऊंगा जो लाठियों से नहीं डरते और जेल जाने से भी नहीं डरते। जो भी शामिल होना चाहता है, वह मुझे लिखकर टैग कर सकता है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि मार्च के बाद 'देखेंगे कि आगे क्या होता है।'
तीन प्रमुख मांगें
केजरीवाल ने केंद्र सरकार के समक्ष तीन ठोस मांगें रखीं। पहली — पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 ईंधन में से चुनने का विकल्प मिले। दूसरी — ई-20 की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम होनी चाहिए। तीसरी — कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद पेट्रोल का दाम ₹84 प्रति लीटर से नीचे लाया जाए।
सरकार की निगरानी और राजनीतिक तुलना
केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार इस टाउनहॉल पर कड़ी नजर रख रही है। उन्होंने कहा, 'जब भी उनके मंत्री आते हैं, वे कहते हैं कि ई-20 सुरक्षित है, ई-20 में कोई समस्या नहीं है। जो लोग ई-20 के खिलाफ आवाज उठाते हैं, वे राष्ट्रविरोधी हैं।' उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि टाउनहॉल में 'इतने सारे सबूत और प्रमाण' पेश किए गए हैं।
प्रस्तावित मार्च की तुलना कांग्रेस नेताओं के पूर्व मार्च से करते हुए केजरीवाल ने कहा, 'जिस हद तक उन्हें जाने की अनुमति दी गई, मुझे उम्मीद है कि हमें भी उतनी ही दूर जाने की अनुमति दी जाएगी।' यह टिप्पणी विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों पर सरकारी प्रतिबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
टाउनहॉल में जनभागीदारी
केजरीवाल के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर हॉल खचाखच भरा था — भीतर बैठे लोगों के अलावा उतनी ही संख्या में लोग खड़े थे और बाहर स्क्रीन के सामने भी। उन्होंने बताया कि 4 लाख से अधिक लोग इस कार्यक्रम को ऑनलाइन देख रहे थे।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार की ई-20 ईंधन नीति को लेकर कई राज्यों में वाहन मालिकों की चिंताएं बढ़ रही हैं। 4 अगस्त का मार्च इस मुद्दे पर AAP के राष्ट्रीय आंदोलन की अगली कड़ी होगी। यह देखना अहम होगा कि सरकार इस याचिका पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या मार्च को अनुमति मिलती है।